देशभर के कई राज्यों में मानसून का असर लगातार बना हुआ है और फिलहाल इसके कमजोर पड़ने के कोई संकेत नहीं हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रविवार, 26 जुलाई को भी कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। खास तौर पर गुजरात, महाराष्ट्र और ओडिशा पर मौसम विभाग की विशेष नजर है।
आईएमडी के अनुसार, 26 जुलाई को महाराष्ट्र और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश भी दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा गुजरात, छत्तीसगढ़ और कोंकण-गोवा क्षेत्र में भी भारी से बहुत भारी वर्षा का पूर्वानुमान है।
गुजरात में 24 घंटे में 390 मिमी बारिश
यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब शुक्रवार को गुजरात के पाटन जिले के सांतलपुर में पिछले 24 घंटों के दौरान 390 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह इस सप्ताह देश में दर्ज हुई सबसे अधिक वर्षा में शामिल है। इसी जिले के राधनपुर और डीओदार क्षेत्रों में भी बेहद भारी बारिश रिकॉर्ड की गई।
मौसम विभाग के मुताबिक रविवार को कई अन्य राज्यों में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। इनमें अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, गंगा के मैदानी इलाको वाले पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उत्तराखंड और पश्चिमी राजस्थान शामिल हैं।
इसके अलावा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक के कुछ हिस्सों और तमिलनाडु में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं, गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।
क्यों हो रही है इतनी तेज बारिश?
देशभर में जारी इस व्यापक बारिश के पीछे कई सक्रिय मौसमी प्रणालियां जिम्मेदार हैं। दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। वहीं उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिम बंगाल तट पर भी एक नया निम्न दबाव क्षेत्र विकसित हुआ है। मौसम विभाग का अनुमान है कि यह प्रणाली अगले दो से तीन दिनों में और अधिक मजबूत हो सकती है।
इन दोनों मौसम प्रणालियों को जोड़ने वाली मानसूनी ट्रफ मध्य भारत से होकर गुजर रही है। इसके साथ ही उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी मौजूद है। इन सभी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से देश के बड़े हिस्से में व्यापक वर्षा हो रही है।
पूरे देश में फैल चुका है मानसून
इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 9 जुलाई को पूरे देश को कवर कर लिया था। हालांकि अब तक मानसून का प्रदर्शन अलग-अलग क्षेत्रों में असमान रहा है, लेकिन फिलहाल कई राज्यों में लगातार भारी बारिश का दौर देखने को मिल रहा है।
आईएमडी ने अगले 24 घंटों के दौरान गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र के अलावा झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का खतरा भी जताया है। मौसम विभाग का कहना है कि भारी बारिश होती है तो निचले इलाकों में जलभराव और तेज बहाव की स्थिति पैदा हो सकती है।



