मुंबईः मशहूर फिल्म निर्माता और निर्देशक विक्रम भट्ट तथा उनकी बेटी कृष्णा भट्ट के खिलाफ वर्सोवा पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि दोनों ने एक कारोबारी से फिल्म और अन्य निवेश योजनाओं में बेहतर रिटर्न का लालच देकर करीब 13.5 करोड़ रुपये ठग लिए।
शिकायतकर्ता व्यवसायी के अनुसार, विक्रम भट्ट और उनकी बेटी ने सिनेमा और अन्य प्रोजेक्ट्स में निवेश के नाम पर बड़ी कमाई का भरोसा दिलाया था, लेकिन बाद में न तो रकम लौटाई गई और न ही कोई ठोस निवेश सामने आया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आर्थिक अपराध शाखा ने केस दर्ज कर जांच अपने हाथ में ले ली है।
गौरतलब है कि विक्रम भट्ट पहले से ही वित्तीय अनियमितताओं के एक अन्य गंभीर मामले में फंसे हुए हैं। हाल ही में 30 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के एक अन्य मामले में उन्हें और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को राजस्थान के उदयपुर से गिरफ्तार किया गया था। दिसंबर 7 को मुंबई स्थित उनके आवास से हिरासत में लेकर दोनों को उदयपुर लाया गया था, जहां अदालत ने उन्हें सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया था। इस मामले की जांच डीएसपी छगन सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में की जा रही है।
उदयपुर मामले में दर्ज एफआईआर के अनुसार, इंदिरा ग्रुप और इंडिरा आईवीएफ के मालिक डॉ. अजय मुर्दिया ने आरोप लगाया था कि विक्रम भट्ट और उनके सहयोगियों ने उनकी पत्नी की बायोपिक बनाने के नाम पर निवेश के लिए पैसे जुटाए। शिकायत में कहा गया है कि पहले उनकी मुलाकात दिनेश कटारिया से हुई और बाद में मुंबई के वृंदावन स्टूडियो में विक्रम भट्ट से भेंट कराई गई। आरोप है कि विक्रम ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि 7 करोड़ रुपये के निवेश से चार फिल्में बनाई जा सकती हैं और इससे 100 से 200 करोड़ रुपये तक का रिटर्न संभव है।
उदयपुर पुलिस की छह सदस्यीय टीम ने डीएसपी राजपुरोहित के नेतृत्व में मुंबई के जुहू स्थित फ्लैट पर छापा मारकर विक्रम और श्वेतांबरी भट्ट को गिरफ्तार किया था। इस दौरान उनके सुरक्षा कर्मियों ने पहले यह कहकर पुलिस को रोकने की कोशिश की कि दंपती घर पर मौजूद नहीं हैं, लेकिन बाद में दोनों को हिरासत में ले लिया गया।
फिलहाल, वर्सोवा पुलिस स्टेशन में दर्ज 13.5 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के नए मामले में भी जांच तेज कर दी गई है और आर्थिक अपराध शाखा पूरे लेन-देन की पड़ताल कर रही है।

