काराकस: वेनेजुएला में बुधवार (24 जून) रात को आए भयंकर भीषण में मौत का आंकड़ा बढ़कर 589 हो गया है। वहीं करीब 2,980 लोग घायल बताए जा रहे हैं। वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने शुक्रवार (26 जून) को बताया कि राहत और बचाव कार्य के लिए अंतर्राष्ट्रीय बचाव टीमें पहुंची हैं और सहायता कर रही हैं।
सरकारी और सैन्य अधिकारियों के साथ बात करते हुए रोड्रिगेज ने बताया कि तलाशी और बचाव अभियान उच्च प्राथमिकता में है। समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक, उन्होंने कहा ” हम उन्हें बचाने जा रहे हैं जो फंसे हुए हैं। ” उन्होंने आगे कहा ” हम इस पर लगातार मेहनत कर रहे हैं। “
वेनेजुएला में आए भूकंप ने मचाई तबाही
डेल्सी ने बताया कि बुधवार शाम को आए 7.2 और 7.5 तीव्रता वाले भूकंपों का सबसे बुरा असर तटीय राज्य ला गुआइरा पर पड़ा है। उन्होंने बताया कि बचाव दल जीवित बचे लोगों की तलाश जारी रखने और भोजन और पानी वितरित करने के लिए क्षेत्र को सैन्य नियंत्रण में ले लिया गया है।
भूकंप के भयंकर झटकों से पूरा देश दहल गया। मृतकों की संख्या में और इजाफा होने की आशंका है क्योंकि बचाव दल मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटे हैं। हजारों की संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं।
अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन का अनुमान है कि वेनेजुएला में करीब 67 लाख लोग भूकंप से प्रभावित हो सकते हैं। इसमें राजधानी काराकस में करीब 20 लाख लोग प्रभावित हो सकते हैं।
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गौरतलब है कि अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, पहला भूकंप 7.1 की तीव्रता का था, जिसका केंद्र वेनेजुएला के कैरेबियाई तट पर स्थित तटीय शहर मोरोन (Moron) के पास था। यह कराकास से लगभग 168 किलोमीटर पश्चिम में आया। इसकी गहराई जमीन से करीब 13 किलोमीटर अंदर थी।
पहले झटके कुछ ही सेकेंड बाद उसी क्षेत्र में 7.5 तीव्रता का दूसरा और अधिक शक्तिशाली भूकंप आया। इसका केंद्र मोरोन से लगभग 16 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में था और इसकी गहराई धरती की सतह से करीब 10 नीचे दर्ज की गई। यह साल 1900 के बाद वेनेजुएला में दर्ज सबसे शक्तिशाली भूकंप है।
भारत समेत दुनियाभर के देशों ने बढ़ाया मदद का हाथ
वेनेजुएला में आए भूकंप से भारी पैमाने पर नुकसान हुआ। इस बीच भारत ने मानवीय सहायता और आपदा राहत के तहत ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ शुरू किया है। इस अभियान के माध्यम से भारत ने प्रभावित लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की पहल की है।
बता दें कि भारतीय सेना की एक विशेष मेडिकल टुकड़ी को वेनेजुएला रवाना किया गया है। भारतीय सेना के 60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल से 41 सदस्यीय दल, भारतीय वायुसेना के दो विमानों से वेनेजुएला के लिए रवाना हुआ है। इनमें नौ अनुभवी सैन्य चिकित्सक भी शामिल हैं। यह दल वेनेजुएला के आपदा-प्रभावित क्षेत्रों में आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं, गंभीर रूप से घायल लोगों का उपचार, सर्जरी, ट्रॉमा प्रबंधन तथा प्रभावित लोगों को गहन चिकित्सा प्रदान करेगा।
भारतीय सेना के अनुसार उनकी यह मेडिकल टीम अपने साथ लगभग छह टन चिकित्सा सामग्री और मानवीय राहत सामग्री लेकर गई है। इनमें भारत के आरोग्य मैत्री परियोजना के तहत विकसित अत्याधुनिक भीष्म क्यूब भी शामिल है। यह एक मॉड्यूलर और तेजी से तैनात किया जा सकने वाला फील्ड अस्पताल है। यह एक ऐसा सिस्टम है जो आपदा प्रभावित क्षेत्रों में उन्नत ट्रॉमा केयर, आपातकालीन सर्जरी और गहन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में सक्षम है।
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