नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आए भीषण तूफान और भारी बारिश के कारण व्यापक तबाही मची है। इन घटनाओं में कम से कम 33 लोगों की मौत हो गई है। नुकसान का जायजा लेते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल राहत और मुआवजे के आदेश दिए। उन्होंने जिला अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर सहायता कार्य पूरा करने का निर्देश दिया और मौसम संबंधी चिंताओं को देखते हुए अधिकारियों को सतर्क रहने को कहा है।
राज्य सरकार ने बेमौसम बारिश और तूफान के कारण फसलों, पशुधन और घरों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वे के आदेश भी दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, भदोही जिले में सबसे अधिक 16 मौतें दर्ज की गईं, इसके बाद फतेहपुर में 9 और बदायूं में 5 मौतें हुईं। चंदौली में 2 लोगों की मौत हुई, जबकि सोनभद्र से एक मौत की सूचना मिली।
तूफान से संबंधित विभिन्न घटनाओं में कई अन्य लोग घायल हो गए। अचानक मौसम में बदलाव के कारण कुछ जिलों में संचार और बचाव कार्य बाधित हो गए। अधिकारियों ने बताया कि भदोही में तेज हवाओं के कारण बिजली के खंभे उखड़ गए और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा, जिससे मोबाइल सेवाएं प्रभावित हुईं।
मौके पर सहायता और पुलिस दल
प्रभावित गांवों-कस्बों में मलबा हटाने और लोगों की सहायता के लिए आपातकालीन दल, पुलिसकर्मी और स्थानीय प्रशासक भेजे गए हैं। सामने आई जानकारी के अनुसार तूफान से बचने के लिए आश्रय लेने की कोशिश में दीवारें गिरने और पेड़ गिरने से कई लोगों की मौत हुई।
बदायूं में, तेज हवाओं और बारिश के दौरान मिट्टी की झोपड़ी की दीवार गिरने से दो छोटी बच्चियों की मौत दबने से हो गई। जिले में एक अन्य घटना में, एक महिला की जान चली गई जब एक पेड़ उस जगह गिर गया जहां ग्रामीण बचने के लिए इकट्ठा हुए थे। ऐसे ही भोजन पहुंचाने जा रहे एक ट्रक चालक और एक युवक की भी पेड़ गिरने से मौत हो गई।
फतेहपुर को लेकर अधिकारियों ने बताया कि सबसे ज्यादा लोगों के हताहत होने की खबर खागा तहसील से आई हैं, जहां तूफान के दौरान कई इमारतें गिर गईं। जिले में कम से कम 16 लोग घायल हुए हैं।
उत्तराखंड में भी चेतावनी
इस बीच उत्तराखंड में भी मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, टिहरी, पौड़ी, चंपावत सहित ऊधम सिंह नगर में कई जगहों पर बारिश की आशंका है। आईएमडी ने छह जिलों में बिजली कड़कने, ओलावृष्टि, तेज बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। लगातार खराब मौसम और भारी बारिश-ओलावृष्टि को देखते हुए प्रशासन ने आदि कैलाश तीर्थयात्रा पर भी अस्थायी रोक लगाई है।
यह भी पढ़ें- असम कैबिनेट से UCC विधेयक के मसौदे को मंजूरी, 26 मई को विधानसभा में होगा पेश

