Homeविश्वअमेरिका ने ईरान के 140 ठिकानों को बनाया निशाना, तेहरान ने भी...

अमेरिका ने ईरान के 140 ठिकानों को बनाया निशाना, तेहरान ने भी किया जवाबी हमले का दावा, बढ़ा तनाव

सेंटकॉम के अनुसार, इस तीसरे सैन्य अभियान में लगभग 140 ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। हमलों में जमीन और समुद्र से संचालित लड़ाकू विमान, ड्रोन तथा नौसैनिक युद्धपोतों से दागे गए प्रिसिजन-गाइडेड हथियारों का इस्तेमाल किया गया।

वॉशिंगटन/तेहरानः होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है। स्ट्रेट में एक व्यापारिक जहाज पर हमले के बाद अमेरिका ने ईरान पर शनिवार रात फिर से हमला किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार उसने शनिवार देर रात ईरान के खिलाफ इस हफ्ते का तीसरा बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया। वहीं ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी दावा किया कि उसने कतर, जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

सेंटकॉम के मुताबिक, पूर्वी अमेरिकी समयानुसार शाम 7:15 बजे (भारतीय समयानुसार रविवार सुबह करीब 4:45 बजे) राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अभियान शुरू किया गया। यह कार्रवाई होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज एम/वी GFS Galaxy पर आईआरजीसी के कथित हमले के बाद की गई।

अमेरिकी सेना के अनुसार, हमले में जहाज के इंजन रूम को गंभीर नुकसान पहुंचा और आग लगने से वह समुद्र में ही फंस गया। वहीं एक नागरिक क्रू सदस्य लापता हो गया। आग लगने और इंजन रूम को भारी नुकसान पहुंचने के कारण जहाज बीच रास्ते में ही फंस गया। लापता क्रू सदस्य किस देश का नागरिक है, इसका भी खुलासा नहीं हुआ है।

सेंटकॉम ने कहा कि हाल के दिनों में व्यापारिक जहाजों पर लगातार हमलों के बावजूद ईरान को समझौते के पालन का अवसर दिया गया था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। इसलिए यह सैन्य अभियान होर्मुज स्ट्रेट में अंतरराष्ट्रीय नौवहन और नागरिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया।

140 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा

सेंटकॉम के अनुसार, इस तीसरे सैन्य अभियान में लगभग 140 ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। हमलों में जमीन और समुद्र से संचालित लड़ाकू विमान, ड्रोन तथा नौसैनिक युद्धपोतों से दागे गए प्रिसिजन-गाइडेड हथियारों का इस्तेमाल किया गया।

अमेरिकी सेना का कहना है कि निशाने पर मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट, नौसैनिक क्षमताएं, गोला-बारूद भंडार, संचार नेटवर्क और तटीय निगरानी केंद्र रहे। हालांकि अमेरिका ने हमलों के सटीक स्थानों का खुलासा नहीं किया है।

ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, दक्षिणी बंदरगाह शहर जास्क (होर्मोजगान प्रांत) में कई विस्फोट हुए। पहले वहां कम से कम 10 धमाकों की सूचना मिली थी, जिसके बाद दो और विस्फोट दर्ज किए गए। इसके अलावा खुजेस्तान और बुशेहर प्रांतों की सीमा पर स्थित इमामजादे शाह अब्दुल्ला क्षेत्र में भी धमाके हुए। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, इन घटनाओं में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

ईरान का भी जवाबी हमले का दावा

उधर ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी के हवाले से आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने कतर स्थित अल उदीद एयर बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। ईरान का कहना है कि हमले में लड़ाकू विमानों के रखरखाव केंद्र और कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को निशाना बनाया गया। अमेरिका और कतर ने फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं की है।

आईआरजीसी ने यह भी दावा किया कि जॉर्डन के प्रिंस हसन एयर बेस पर अमेरिकी सैन्य सुविधाओं को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया गया, जहां कमांड सेंटर और MQ-9 ड्रोन के हैंगर क्षतिग्रस्त हुए।

इसके अलावा ईरानी सेना ने कहा कि उसने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर विस्फोटक ड्रोन से हमले किए। आईआरजीसी के अनुसार, कुवैत में पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम, गोला-बारूद डिपो और रडार स्टेशन को निशाना बनाया गया, जबकि बहरीन में अमेरिकी संचार प्रणाली और रडार साइट पर हमला किया गया। ईरान ने कहा है कि कोई भी जहाज मंजूरी के बिना पार न करे।

तनाव के बीच कूटनीतिक कोशिशें भी जारी

जहां एक ओर अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव तेज हो गया है, वहीं दूसरी ओर होर्मुज स्ट्रेट में नौवहन सुरक्षा को लेकर कूटनीतिक स्तर पर बातचीत भी जारी है। ओमान और ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही और नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी और राजनीतिक स्तर पर वार्ता जारी रखने पर सहमति जताई है।

ओमान न्यूज एजेंसी के मुताबिक, मस्कट में हुई बैठक में दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप समाधान तलाशने और समुद्री मार्ग की सुरक्षा बनाए रखने पर जोर दिया। इससे पहले ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने बताया था कि विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची इसी मुद्दे पर चर्चा के लिए शनिवार को ओमान पहुंचे थे।

ओमान और ईरान इससे पहले जून में भी इस बात पर सहमत हुए थे कि दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के बीच संयुक्त कार्य समूह के जरिए होर्मुज स्ट्रेट में नेविगेशन और समुद्री सेवाओं के भविष्य के प्रबंधन पर बातचीत जारी रखी जाएगी।

ट्रंप बोले, बातचीत जारी रहेगी लेकिन सीजफायर खत्म

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा कि अमेरिका ईरान के साथ बातचीत जारी रखने के लिए तैयार है, हालांकि दोनों देशों के बीच लागू रहा संघर्षविराम (सीजफायर) अब समाप्त हो चुका है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान ने बातचीत जारी रखने का अनुरोध किया है और अमेरिका इसके लिए राजी है, लेकिन उसने तेहरान को स्पष्ट कर दिया है कि सीजफायर अब खत्म हो चुका है।

author avatar
अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
Anil Sharma, Anil Anuj, Anil anuj articles, bole bharat, बोले भारत, अनिल शर्मा, अनिल अनुज,
अनिल शर्माhttp://bolebharat.in
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular