वॉशिंगटनः अमेरिका इन दिनों भीषण सर्दियों के तूफान की चपेट में है। दक्षिणी राज्यों से लेकर उत्तर-पूर्वी इलाकों तक फैली भारी बर्फबारी और खतरनाक ठंड ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस तूफान के कारण अब तक दस लाख से अधिक लोग बिजली के बिना रहने को मजबूर हैं, हजारों उड़ानें रद्द कर दी गई हैं और कई लोगों की मौत की भी खबर है।
मौसम विभाग के अनुसार, यह शक्तिशाली तूफान करीब 2,000 मील लंबे क्षेत्र में फैला हुआ है, जो न्यू मैक्सिको से लेकर मेन तक असर दिखा रहा है। आर्कटिक हवाओं के साथ आई नमी ने कई राज्यों में भारी बर्फबारी और जमने वाली बारिश की स्थिति पैदा कर दी है। इससे पेड़, बिजली के खंभे और संचार लाइनें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं।
यहां हालात गंभीर
सबसे गंभीर हालात टेनेसी, मिसिसिपी, लुइजियाना, टेक्सास और जॉर्जिया में हैं। अकेले टेनेसी में तीन लाख से अधिक लोग बिजली कटौती से प्रभावित हैं। नैशविल इलेक्ट्रिक सर्विस ने चेतावनी दी है कि हालात सामान्य होने में कई दिन लग सकते हैं, क्योंकि बर्फीली सड़कों और टूटे हुए ढांचे के बीच मरम्मत कार्य बेहद जोखिम भरा है।
तूफान का सबसे बड़ा असर हवाई यातायात पर पड़ा है। शुक्रवार से अब तक देशभर में 30 हजार से अधिक उड़ानें प्रभावित हुई हैं, जिनमें 18 हजार से ज्यादा को रद्द करना पड़ा। वॉशिंगटन डीसी के रोनाल्ड रीगन नेशनल एयरपोर्ट पर लगभग सभी उड़ानें रद्द कर दी गईं, जबकि न्यूयॉर्क के ला गार्डिया और बोस्टन जैसे प्रमुख हवाई अड्डों पर संचालन बुरी तरह बाधित रहा।
बैंगोर में प्राइवेट जेट क्रैश
इसी बीच, मेन के बैंगोर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर टेकऑफ के दौरान एक प्राइवेट बिजनेस जेट दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में आठ लोग सवार थे, हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। हादसा उस वक्त हुआ जब इलाके में हल्की बर्फबारी और बेहद कम दृश्यता थी। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
सड़कों पर भी हालात बेहद खतरनाक बने हुए हैं। नैशविल, मेम्फिस, डलास, अटलांटा, न्यूयॉर्क और बोस्टन जैसे शहरों में प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। कई राज्यों में 300 से ज्यादा सड़क हादसे और हजारों आपात कॉल दर्ज की गई हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई राज्यों में स्कूल, अदालतें और सरकारी कार्यालय बंद कर दिए गए हैं। न्यूयॉर्क, फिलाडेल्फिया, बोस्टन, डलास और नैशविल में स्कूलों ने कक्षाएं रद्द कर दी हैं या ऑनलाइन मोड अपनाया है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ इलाकों में बर्फबारी कम हो सकती है, लेकिन खतरनाक ठंड का असर अभी कई दिनों तक बना रहेगा। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और जरूरी एहतियात बरतने की अपील की है।

