अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्हाइट हाउस के पत्रकारों के साथ डिनर (कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर) के दौरान फायरिंग हुई है। यह कार्यक्रम वाशिंगटन हिल्टन होटल में हो रहा था जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, कैबिनेट सदस्य, वरिष्ठ पत्रकार, राजनीतिक हस्तियां और कई सेलिब्रिटी मौजूद थे। गोलीबारी के बाद कार्यक्रम में अफरा-तफरी मच गई, वहीं सीक्रेट सर्विस ने जल्दीबाजी में ट्रंप समेत सभी शीर्ष नेताओं को बाहर निकाला।
घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को घेर लिया और संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया गया। राष्ट्रपति ट्रंप ने घटना के बाद ट्रुथ सोशल और प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि हमलावर के पास शक्तिशाली हथियार थे। वह सुरक्षा चेकपॉइंट की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहा था। एक एजेंट पर गोली भी चलाई गई, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट के कारण वह सुरक्षित बच गया। फिलहाल एफबीआई और अन्य एजेंसियां हमले की मंशा, सुरक्षा चूक और आरोपी के बैकग्राउंड की जांच कर रही हैं। पूरी घटना क्या है और अब तक क्या-क्या पता चला है-10 बिंदुओं में समझते हैं-

व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर फायरिंग: 10 बड़े पॉइंट्स में पूरा मामला
1. शनिवार रात वॉशिंगटन डीसी के वाशिंगटन हिल्टन होटल में सालाना व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर आयोजित किया गया था। यह कार्यक्रम अमेरिकी राजनीति, मीडिया और मनोरंजन जगत का बड़ा मंच माना जाता है। इसी दौरान गोलीबारी की आवाज सुनाई दी, जिससे पूरे हॉल में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
2. घटना के वक्त राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और कई कैबिनेट सदस्य हेड टेबल पर मौजूद थे। फायरिंग की सूचना मिलते ही सीक्रेट सर्विस एजेंट सक्रिय हुए और ट्रंप समेत सभी बड़े नेताओं को तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। कार्यक्रम में पत्रकार, सांसद, राजनयिक, कारोबारी, सेलिब्रिटी और अंतरराष्ट्रीय मेहमान शामिल थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही गोलियों की आवाज आई, लोग घबराकर सीटों से उठने लगे। कई मेहमान टेबल के नीचे छिप गए, जबकि सुरक्षा अधिकारी सभी को नीचे झुकने के निर्देश देते रहे।
3. कई लोगों ने बताया कि उन्होंने लगातार कई फायरिंग जैसी आवाजें सुनीं। कई लोगों ने कहा कि उन्होंने पांच से आठ गोलियों जैसी आवाज सुनी। शुरुआत में लोगों को समझ नहीं आया कि यह हमला है या कोई तकनीकी आवाज, लेकिन कुछ सेकंड में सुरक्षा एजेंसियों के कॉल से स्पष्ट हो गया कि मामला गंभीर है।
4. सुरक्षा एजेंसियों ने कुछ ही मिनटों में बैंक्वेट हॉल खाली करा दिया। बाहर निकाले गए मेहमानों को दोबारा अंदर आने की इजाजत नहीं दी गई। होटल परिसर और आसपास के इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया तथा नेशनल गार्ड के जवानों को भी तैनात किया गया।
5. घटना के बाद, ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक अपडेट शेयर किया, जिसमें उन्होंने कन्फर्म किया कि स्थिति कंट्रोल में आ गई है और सिक्योरिटी एजेंसियों के तुरंत प्रतिक्रिया की तारीफ की। उन्होंने बताया कि संदिग्ध को पकड़ लिया गया है और इवेंट को जारी रखने के बारे में कोई भी फैसला लॉ एनफोर्समेंट अथॉरिटीज करेंगी। बाद में व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने कहा कि एक व्यक्ति कई हथियारों के साथ सुरक्षा चेकपॉइंट की ओर बढ़ा था। उन्होंने कहा कि यह बेहद अप्रत्याशित घटना थी, लेकिन सीक्रेट सर्विस और पुलिस ने बहुत तेजी और साहस के साथ उसे रोक लिया।

6.ट्रंप ने बताया कि एक एजेंट को बेहद नजदीक से गोली मारी गई थी। गोली शक्तिशाली हथियार से चलाई गई थी, लेकिन एजेंट ने बुलेटप्रूफ जैकेट पहन रखी थी, जिससे उसकी जान बच गई। एफबीआई अधिकारियों ने भी पुष्टि की कि एजेंट को सुरक्षा गियर वाले हिस्से में गोली लगी थी।
7. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स और अधिकारियों के मुताबिक, संदिग्ध की पहचान 31 वर्षीय कोल टोमस एलन के रूप में हुई है, जो कैलिफोर्निया के टॉरेंस शहर का निवासी बताया गया है। घटना के तुरंत बाद उसे हिरासत में ले लिया गया।राष्ट्रपति ट्रंप ने भी हमलावार की ट्रुथ सोशल पर तस्वीर जारी की है जिसमें वह मुंह के बल जमीन पर लेटा हुआ है।

8. जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वह इस हमले का लक्ष्य थे, तो उन्होंने कहा, “मेरा अनुमान है, हां।” हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जांच एजेंसियां अभी हमलावर की मंशा, संपर्क और संभावित मकसद की जांच कर रही हैं। ट्रंप से यह भी पूछा गया कि क्या इस गोलीबारी का संबंध ईरान युद्ध से है, तो ट्रंप ने कहा, मुझे ऐसा नहीं लगता। शुरुआती तौर पर इसे अकेले हमलावर की कार्रवाई माना जा रहा है। अधिकारियों ने अभी तक घटना की असल वजह पुष्टि नहीं की है।
9. एफबीआई निदेशक काश पटेल ने कहा कि एजेंसी जनता से भी हर तरह की सूचना ले रही है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर सुरक्षा एजेंसियों की तारीफ करते हुए कहा कि डिनर को जल्द दोबारा आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मैंने इवेंट के इंचार्ज सभी रिप्रेजेंटेटिव से बात की है और हम 30 दिनों के अंदर रीशेड्यूल करेंगे। उन्होंने कहा कि अगली बार कार्यक्रम और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था के साथ होगा।
10. भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस कृत्य की निंदा की और कहा कि “लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है।” उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, यह जानकर राहत मिली कि राष्ट्रपति ट्रम्प, प्रथम महिला और उपराष्ट्रपति वाशिंगटन डीसी के एक होटल में हाल ही में हुई सुरक्षा घटना के बाद सुरक्षित और सुरक्षित हैं। मैं उनकी निरंतर सुरक्षा और कल्याण के लिए अपनी शुभकामनाएं देता हूं। लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है और इसकी स्पष्ट रूप से निंदा की जानी चाहिए।”
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