नासिकः टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) मामले में पुलिस की हफ्तों की निगरानी और गुप्त रूप से पीछा करने के बाद बड़ी सफलता मिली है। अधिकारियों ने शुक्रवार (8 मई) को बताया कि कंपनी के नासिक कार्यालय में कथित धर्मांतरण से जुड़े मामले में मुख्य आरोपी निदा खान को महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सादे कपड़े में कई दिनों तक निगरानी की।
मामला सामने आने के बाद से खान गिरफ्तारी से बच रही था जिसके चलते पुलिस को कई स्थानों पर लगातार तलाशी अभियान चलाना पड़ा।
TCS धर्मांतरण मामले में बड़ी सफलता
मई के पहले सप्ताह में तब सफलता मिली जब जांचकर्ताओं को सूचना मिली कि वह छत्रपति संभाजीनगर के नारेगांव इलाके में कैसर कॉलोनी में एक किराए के फ्लैट में रह रही है। सूचना मिलने पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पहले तकनीकी निगरानी और लोकेशन ट्रैकिंग के माध्यम से उसकी उपस्थिति की पुष्टि की।
समाचार एजेंसी आईएएनएस की खबर के मुताबिक, खान अपने माता-पिता, भाई और एक मौसी के साथ तीन से चार दिनों से उस परिसर में रह रही थी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करने के बजाय संदिग्ध को सतर्क होने से बचाने के लिए लंबे समय तक निगरानी का विकल्प चुना। तीन से चार दिनों तक इलाके में और उसके आसपास 20 से अधिक सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। ध्यान आकर्षित करने से बचने के लिए पुलिस वाहनों को इलाके से दूर रखा गया।

अधिकारियों ने कहा कि खान स्थानीय वकीलों से परामर्श ले रही थी और हाई कोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर करने की तैयारी कर रही थी। ऐसी किसी भी याचिका के दायर होने से पहले पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। निदा खान को हिरासत में लिया गया और गुरुवार (7 मई) को देर रात सुतगिरनी चौक स्थित न्यायिक अधिकारी के आवास पर पेश किया गया।
नासिक पुलिस को मिली ट्रांजिट रिमांड
नासिक पुलिस ने उसकी ट्रांजिट रिमांड हासिल कर ली और आगे की जांच के लिए उसे विशेष वाहन से नासिक के लिए रवाना किया गया। सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तारी के समय फ्लैट में पांच अन्य व्यक्ति भी मौजूद थे। जब किसी व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर किसी और राज्य या जिले में होती है और उसकी गिरफ्तारी किसी दूसरे राज्य या जिले में होती है तो उसे वहीं के न्यायाधीश के समक्ष पेश किया जाता है और जज पुलिस से संबंधित जानकारी लेकर उसकी ट्रांजिट रिमांड पुलिस को दे देती है। इसके बाद ट्रांजिट रिमांड के तहत गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को संबंधित जज के यहां पेश करना होता है। जहां से पुलिस व्यक्ति की हिरासत की मांग करती है।
गौरतलब है कि निदा खान ने 2021 में टीसीएस में प्रोसेस एसोसिएट के रूप में काम शुरू किया था। खान पर कंपनी के नासिक कार्यालय में कई कर्मचारियों को जबरन धर्म परिवर्तन कराने का आरोप है। आरोप सामने आने के बाद पिछले महीने कंपनी ने उन्हें निलंबित कर दिया था।
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जांचकर्ताओं का आरोप है कि उन्होंने संगठित प्रयास के तहत शिकायतकर्ताओं को किताबें और वीडियो सहित इस्लामी धार्मिक सामग्री वितरित की और वे अन्य कर्मचारियों की संभावित संलिप्तता की भी जांच कर रहे हैं।
इससे पहले खान ने गर्भावस्ता का हवाला देते हुए गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा की मांग की थी। अदालत ने हालांकि उनकी मांग खारिज कर दी थी। इस मामले में हुई यह गिरफ्तारी आठवीं गिरफ्तारी है। पुलिस ने बताया कि शेष सात आरोपियों को जांच के दौरान पहले ही हिरासत में ले लिया गया था।



