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तमिलनाडु में एसआईआर के बाद 97 लाख नाम हटाए गए, चेन्नई में हर तीसरा वोटर ड्राफ्ट से गायब

चेन्नई की 16 विधानसभा सीटों में से पांच में 40 प्रतिशत से अधिक नाम हटाए गए हैं। अन्ना नगर सीट में सबसे ज्यादा 42.2 प्रतिशत की कटौती दर्ज की गई। इसके अलावा विलिवक्कम, थाउजेंड लाइट्स, टी नगर और वेलाचेरी में भी 40 प्रतिशत से ज्यादा नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर हुए हैं।

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद तमिलनाडु की मतदाता सूची में बड़ा बदलाव सामने आया है। राज्य की 6.41 करोड़ की मौजूदा मतदाता संख्या में से 97.4 लाख से अधिक नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। इसके साथ ही राज्य की कुल मतदाता संख्या 15.2 प्रतिशत घटकर 5.43 करोड़ रह गई है। यह ड्राफ्ट सूची राज्य के सभी 38 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों ने जारी की।

चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, हटाए गए नामों में सबसे बड़ा हिस्सा स्थानांतरित मतदाताओं का है। कुल 97.4 लाख नामों में से करीब 66.4 लाख मतदाता शिफ्टेड के रूप में चिह्नित किए गए, जबकि 26.9 लाख नाम मृत पाए गए मतदाताओं के हैं। इसके अलावा 3.39 लाख मतदाता ऐसे पाए गए जो एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत थे, और करीब 13.6 लाख नाम अनुपस्थित या पता न चल पाने की श्रेणी में रखे गए।

राज्य की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक ने मीडिया को बताया कि यह पूरी प्रक्रिया चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत की गई है और बिना तय प्रक्रिया के किसी भी नाम को मनमाने ढंग से नहीं हटाया गया। उन्होंने कहा कि अंतिम सूची से पहले अब भी दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया जारी है, जिसमें फॉर्म-6 के जरिए 8 से 10 लाख तक नाम दोबारा जोड़े जा सकते हैं।

जिलेवार जानें स्थिति

जिलों की बात करें तो सबसे बड़ा असर चेन्नई में देखने को मिला, जहां 35.6 प्रतिशत मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए गए। राजधानी में 2025 की सूची में दर्ज 40.04 लाख मतदाताओं में से केवल 25.79 लाख नाम ही ड्राफ्ट रोल में शामिल रह पाए। यहां हटाए गए नामों में 1.56 लाख मृत, 27 हजार से अधिक अनुपस्थित या पता न चल पाने वाले, 12.22 लाख स्थायी रूप से स्थानांतरित और करीब 18,700 दोहरी प्रविष्टियों वाले मतदाता शामिल हैं।

चेन्नई की 16 विधानसभा सीटों में से पांच में 40 प्रतिशत से अधिक नाम हटाए गए हैं। अन्ना नगर सीट में सबसे ज्यादा 42.2 प्रतिशत की कटौती दर्ज की गई। इसके अलावा विलिवक्कम, थाउजेंड लाइट्स, टी नगर और वेलाचेरी में भी 40 प्रतिशत से ज्यादा नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर हुए हैं। विरुगमपक्कम, हार्बर और उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन की चेपॉक–तिरुवल्लिकेणी सीट में भी 37 से 39 प्रतिशत तक नाम हटाए गए।

अन्य जिलों में भी भारी कटौती देखी गई। चेंगलपट्टु में करीब 7 लाख, तिरुप्पुर में 5.6 लाख, कोयंबटूर में 6.5 लाख और कांचीपुरम में 2.7 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए। डिंडीगुल में मतदाताओं की संख्या 19.35 लाख से घटकर 16.09 लाख रह गई, जबकि करूर में यह 8.79 लाख से घटकर 8.18 लाख हो गई। चेंगलपट्टु जिले की शोलींगनल्लूर विधानसभा सीट में 31 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।

क्रम संख्याजिले का नाम2025 की मतदाता सूची में कुल मतदाता (लाख)19 दिसंबर 2025 को जारी ड्राफ्ट सूची में मतदाता (लाख)हटाए गए नाम (लाख)हटाए गए नाम (%)
1तिरुवल्लूर35.829.66.217.3
2चेन्नई40.025.814.335.6
3कांचीपुरम14.011.32.719.6
4वेल्लोर13.010.92.216.5
5कृष्णागिरि16.815.11.710.4
6धर्मपुरी12.912.00.86.3
7तिरुवन्नामलाई21.218.72.511.9
8विलुपुरम17.315.41.810.6
9सेलम30.326.73.612.0
10नमक्कल14.712.71.913.2
11इरोड20.016.73.316.3
12नीलगिरि5.95.30.69.5
13कोयंबटूर32.325.76.520.2
14डिंडीगुल19.316.13.216.8
15करूर9.08.20.88.9
16तिरुचिरापल्ली23.720.43.314.0
17पेरंबलूर5.95.40.58.4
18कड्डलूर21.919.52.511.3
19नागपट्टिनम5.75.10.610.1
20तिरुवरूर10.89.51.312.0
21तंजावुर21.018.92.19.8
22पुदुक्कोट्टई13.912.51.410.0
23शिवगंगा12.310.81.512.3
24मदुरै27.423.63.813.9
25थेनी11.310.01.311.1
26विरुधुनगर16.314.41.911.7
27रामनाथपुरम12.110.91.29.7
28तूथुकुडी14.913.31.610.9
29तिरुनेलवेली14.212.02.115.1
30कन्याकुमारी15.914.41.59.6
31अरियालूर5.35.10.24.6
32तिरुप्पुर24.418.85.623.1
33कल्लाकुरिची11.610.80.87.3
34तोंकासी13.812.21.511.0
35चेंगलपट्टु27.920.97.025.2
36तिरुपत्तूर10.08.81.211.7
37रणिपेट10.69.11.513.7
38मयिलादुथुरई7.87.10.89.6
कुल641.1543.897.415.2

एसआईआर के बाद जारी आंकड़ों के मुताबिक, तमिलनाडु में अब 5.43 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 2.66 करोड़ पुरुष, 2.77 करोड़ महिलाएं और 7,191 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। यह संख्या 27 अक्टूबर 2025 को दर्ज 6.41 करोड़ मतदाताओं से काफी कम है।

ड्राफ्ट सूची के प्रकाशन के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। एआईएडीएमके के महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने कहा कि 90 लाख से ज्यादा नाम हटना इस बात का प्रमाण है कि सूची में बड़ी संख्या में फर्जी वोट थे। उन्होंने आरोप लगाया कि डीएमके अब “नाटक” कर रही है क्योंकि फर्जी वोटों के सहारे सत्ता में आने की उसकी कोशिशें नाकाम हो गई हैं।

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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