कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक ने वहां मौजूद लोगों से भी कम से कम एक-एक दिन के लिए अनशन करने की गुजारिश की है। साथ ही उन्होंने मंच पर ये भी बोल दिया कि वे अनशन वाली जगह पर लोगों को ठूंस-ठूंस कर खाते देख दुखी महसूस करते हैं।
दरअसल, कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन शुक्रवार को 14वें दिन में प्रवेश कर गया। वहीं, सोनम वांगचुक का जारी अनशन भी पांचवें दिन में प्रवेश कर गया है। CJP का यह प्रदर्शन नीट पेपर लीक की घटना के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शुरू हुआ था। इस प्रदर्शन में वांगचुक सहित सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके भी मौजूद हैं। हालांकि, वे अनशन पर नहीं हैं।
सोनम वांगचुक ने ठूंस-ठूंस कर खाने वाली बात क्यों कही?
जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन में बहुत भारी भीड़ नहीं है लेकिन युवाओं सहित कुछ राजनीतिक पार्टियों और अन्य लोगों के आने-जाने का सिलसिला जारी है। इस दौरान प्रदर्शन स्थल पर कुछ लोग आने-जाने और वहां मौजूद अन्य प्रदर्शनकारियों के लिए खाने-पीने का भी इंतजाम भी कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी कुछ वीडियो वायरल हैं। वांगचुक ने संभवत: इन्हीं बातों को लेकर खाने-पीने का जिक्र किया।
एक वीडियो में वे मंच पर कहते नजर आते हैं, ‘आप लोग यहां ठूंस-ठूंस कर खाना खाते हैं। ये मुझे थोड़ा दुखद लगता है। आप लोग जब यहां आते हैं तो एक दिन का अनशन करें। हमारे समर्थन में दिन का कम से कम अनशन करें। जो लोग यहां उदारता से खाना देते हैं, उन्हें कम से कम दिन का खाना न देना पड़े। शाम का आप खाएं, वैसे खाना चाहें तो जरूर खाएं। ये विकल्प है आपके सामने, अनशन एक दिन का जरूर करें।’
बढ़ाई जा रही सुरक्षा व्यवस्था
इस बीच ऐसी भी खबरें हैं कि गुरुवार देर रात प्रदर्शन स्थल और उसके आसपास पुलिस बल की तैनाती में बढ़ोतरी की गई है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनकी मांगों पर बातचीत शुरू करने के बजाय सरकार आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है।
आंदोलनकारियों के अनुसार, पुलिस की बढ़ी हुई मौजूदगी इस बात का संकेत है कि सरकार प्रदर्शन के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की तैयारी कर रही है। हालांकि, अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
वहीं, आंदोलन के आयोजकों ने बताया है कि सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की जा रही है और सरकार से संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपील की गई है।वांगचुक के साथ कुछ और छात्र भी अनशन पर हैं। इनमें से कुछ की तबीयत बिगड़ रही है और कुछ का ब्लड शुगर स्तर भी कम हुआ है। इस बीच प्रदर्शन के समर्थन में CPI(ML) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य भी जंतर-मंतर पहुंचे। उन्होंने सोनम वांगचुक और अनशन पर बैठे छात्रों से मुलाकात की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की उनकी प्रमुख मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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