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सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल का 19वां दिन, 9 किलो से ज्यादा वजन घटा; डॉक्टरों ने क्या बताया

अनशन के 18वें दिन जारी एक वीडियो संदेश में सोनम वांगचुक ने कहा कि उन्हें हजारों लोगों के संदेश मिले हैं, जिनमें अनशन खत्म करने की अपील की गई है। वांगचुक ने कहा, ‘मेरी हालत ऐसी नहीं है कि मैं दो-चार दिन में मर जाऊंगा।’

सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल गुरुवार को 19वें दिन में पहुंच गई है। इस दौरान उनका 9 किलोग्राम से अधिक का वजन कम हो चुका है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि अगर हड़ताल जारी रही तो वे जल्द ही ऐसी स्थिति में पहुंच सकते हैं, जहां शरीर के अंगों के प्रभावित होने का खतरा पैदा हो सकता है।

वांगचुक के स्वास्थ्य की जानकारी देते हुए डॉक्टर सतीश लांबा ने बताया है कि फिलहाल उनकी मानसिक स्थिति सामान्य है। स्वास्थ्य स्थिर बना हुआ है, लेकिन उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

डॉ. लांबा के अनुसार 19वें दिन तक वांगचुक का कुल वजन 9 किलोग्राम से अधिक घट चुका है और उनका मौजूदा वजन 56.9 किलोग्राम रह गया है। उनका ब्लड शुगर 80 mg/dL, पल्स 72 प्रति मिनट है। इसके अलावा ब्लड प्रेशर लेटने पर 105/61 mmHg और बैठने पर 101/65 mmHg दर्ज किया गया। उन्होंने कहा कि शरीर में पानी की मात्रा फिलहाल संतोषजनक है और वांगचुक पूरी तरह मानसिक रूप से अलर्ट हैं।

डॉक्टर ने क्यों जताई चिंता?

डॉ. लांबा ने बताया कि लंबे समय तक भोजन न लेने के कारण शरीर अब दूसरे चरण में पहुंच चुका है, जहां यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने लगा है। इसका मतलब है कि शरीर ऊर्जा के लिए अपनी मांसपेशियों का इस्तेमाल कर रहा है, जिससे मांसपेशियां टूट रही हैं।

उन्होंने कहा कि अगला यानी तीसरा चरण अधिक गंभीर हो सकता है। इसमें शरीर के आंतरिक अंग प्रभावित होने का खतरा रहेगा। फिलहाल डॉक्टर ‘वेट एंड वॉच’ की रणनीति अपनाए हुए हैं और लगातार स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए हैं।

वांगचुक का हड़ताल खत्म करने से इनकार

इस बीच कई राजनीतिक नेताओं, समर्थकों और कानूनी हस्तक्षेप के बावजूद सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि यदि वह बिना सरकार की प्रतिक्रिया के अपना अनशन खत्म कर देते हैं, तो इससे सरकार को गलत संदेश जाएगा कि जवाबदेही तय करने की जरूरत नहीं है।

वांगचुक ने कहा, ‘अगर मैं खाना खा लूं तो सरकार को यही संदेश जाएगा कि जवाबदेही की कोई जरूरत नहीं है। लोग विरोध करते हैं और फिर चले जाते हैं।’

अनशन के 18वें दिन जारी एक वीडियो संदेश में वांगचुक ने कहा कि उन्हें हजारों लोगों के संदेश मिले हैं, जिनमें अनशन खत्म करने की अपील की गई है। कई वरिष्ठ नेताओं ने भी उनसे व्यक्तिगत रूप से ऐसा करने का अनुरोध किया। हालांकि उन्होंने समर्थकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि अब तक हुई मेडिकल जांचों में कोई तत्काल गंभीर खतरा सामने नहीं आया है।

‘हालत ऐसी नहीं कि दो-चार दिन में मर जाऊंगा’

वांगचुक ने कहा, ‘मेरी हालत ऐसी नहीं है कि मैं दो-चार दिन में मर जाऊंगा। 18 दिन के अनशन के हिसाब से मेडिकल रिपोर्ट सामान्य हैं। ईसीजी भी ठीक है और मैं अभी कई दिन तक अनशन जारी रख सकता हूं।’

वांगचुक ने ये भी कहा कि उन्हें कमजोरी महसूस हो रही है और उनकी मांसपेशियां कम हुई हैं, लेकिन उनका दिल और अन्य महत्वपूर्ण शारीरिक कार्य फिलहाल सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।

साथ ही सोनम वांगचुक ने लोगों से अपील की कि वे उनका अनशन खत्म कराने पर जोर देने के बजाय 20 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन कॉकरोच जनता पार्टी के प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च को सफल बनाने पर ध्यान दें।

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विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...
विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...
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