सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने 26 दिनों से जारी अपना अनशन गुरुवार देर रात खत्म कर दिया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह गुरुवार और शुक्रवार की दरम्यानी रात (करीब 12.30 बजे) गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचे। उन्होंने सोनम वांगचुक को जूस पिलाकर उनका अनशन खत्म कराया। इस दौरान लेह-लद्दाख की सर्वोच्च समिति के वरिष्ठ नेता, डॉक्टर और परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे।
वांगचुक ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने विभिन्न राजनीतिक दलों के 65 सांसदों की अपील और देश में संभावित हिंसा की आशंका को देखते हुए अपना अनशन खत्म किया है। उन्होंने कहा कि अनशन खत्म करने का फैसला विभिन्न शर्तों पर लंबी बातचीत के बाद लिया गया है। वांगचुक ने कहा कि वह जल्द ही एक अलग वीडियो जारी कर इन शर्तों के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे। उन्होंने लोगों से किसी भी तरह की हिंसा को रोकने के लिए पूरी तरह सतर्क रहने की अपील भी की।
वांगचुक के अनशन खत्म करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनकी सेहत को लेकर चिंता जताई। पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर उनसे डॉक्टरों की सलाह मानने और जल्द स्वस्थ होने की अपील की। प्रधानमंत्री ने लिखा, “मैं सोनम जी से आग्रह करता हूं कि वह अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में डॉक्टरों की सलाह मानें और जल्द से जल्द अपना पुराना वजन वापस पाएं। मैं ईश्वर से उनके अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना करता हूं।”
सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने के बाद सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि 26 दिनों बाद सोनम के अनशन खत्म करने से उन्हें राहत मिली है और वह उनके आभारी हैं। दिपके ने एक्स पर पोस्ट में वांगचुक के साहस और त्याग की सराहना करते हुए कहा कि अपनी जिंदगी दांव पर लगाकर उन्होंने पूरे देश की अंतरात्मा को जगाया है। दिपके ने कहा कि सोनम वांगचुक का जीवन देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते।
सोनम 26 दिनों से अनशन पर थे
सोनम वांगचुक ने 28 जून को जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नीट पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन के समर्थन में भूख हड़ताल शुरू की थी। लगातार अनशन के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
बाद में दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था। इस दौरान कई राजनीतिक दलों और सिविल सोसायटी संगठनों के नेताओं ने उनसे अनशन खत्म करने की अपील की थी।
वांगचुक ने बताया कि संसद के 65 सदस्यों ने या तो उनसे मुलाकात की थी या पत्र लिखकर अनशन खत्म करने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा कि देश में संभावित अशांति और हिंसा की आशंका को देखते हुए उन्होंने बातचीत के बाद अपना अनशन समाप्त करने का फैसला लिया।

पेपर लीक पर सख्त कानून लाने की तैयारी
सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने के घटनाक्रम के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के मुद्दे पर गुरुवार देर रात एक वीडियो संदेश भी जारी किया। उन्होंने देश के युवाओं, छात्रों और अभिभावकों को भरोसा दिलाया कि सरकार पेपर लीक की घटनाओं को रोकने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए गंभीर है।
पीएम मोदी ने कहा कि पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। इससे लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों को बेहद पीड़ा होती है। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई महीने में पेपर लीक की घटनाओं से निपटने के लिए कई कदम उठाए गए हैं और दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना था कि पेपर लीक के कारण छात्रों का एक साल बर्बाद न हो। इसी वजह से कम से कम समय में करीब 22 लाख छात्रों की दोबारा परीक्षा कराने की व्यवस्था की गई। प्रधानमंत्री ने कहा कि परीक्षा के नतीजे भी 19 तारीख को जारी कर दिए गए और देशभर से सफल छात्रों की खुशी की खबरें सामने आ रही हैं।
सोमवार को संसद में पेपर लीक पर आएगा बिल
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार केवल मौजूदा कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। उन्होंने बताया कि उन्होंने संबंधित विभागों को पेपर लीक के खिलाफ और कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए थे। विभागों ने देर रात इस संबंध में एक मसौदा तैयार किया है।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून में पेपर लीक के मामलों की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट और दोषियों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान किया जाएगा। इस मसौदे पर शुक्रवार को होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में चर्चा होगी। कैबिनेट के सुझावों के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
पीएम मोदी ने कहा कि सोमवार से संसद के मानसून सत्र का दूसरा सप्ताह शुरू होगा और सरकार की कोशिश होगी कि इस विधेयक को जल्द से जल्द संसद में पेश कर पारित कराया जाए।
इससे पहले प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर भी कहा था कि देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा था कि पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड दिलाने के लिए मामलों की त्वरित सुनवाई हेतु फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
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