Friday, March 20, 2026
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एसआईआर के बाद पश्चिम बंगाल और राजस्थान समेत 5 राज्यों से 1.02 करोड़ मतदाताओं के नाम हटे, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 7.6% घटी

निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, मतदाता सूची में यह कटौती असामान्य नहीं है। इसका औसत बिहार में अगस्त में हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान सामने आए रुझानों से मेल खाता है, जब वहां लगभग 8 फीसदी मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए गए थे।

चुनाव आयोग ने 5 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद मतदाता सूचियों का मसौदा (ड्राफ्ट वोटर लिस्ट) प्रकाशित किया है। मंगलवार को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में कुल मतदाताओं की संख्या में 7.6 फीसदी की कमी आई है। सबसे अहम बात कि इन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मिलाकर 1 करोड़ से अधिक नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, 27 अक्टूबर को चुनाव आयोग द्वारा SIR की घोषणा के समय पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गोवा, लक्षद्वीप और पुडुचेरी में कुल 13.35 करोड़ मतदाता दर्ज थे, जो ड्राफ्ट सूची में घटकर 12.33 करोड़ रह गए हैं।

ड्राफ्ट लिस्ट में किनके नाम शामिल नहीं?

ड्राफ्ट मतदाता सूची में केवल उन्हीं मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं, जिन्होंने 4 नवंबर से शुरू हुई गणना प्रक्रिया के दौरान अपना फॉर्म जमा किया था। इसके अलावा करीब 1.02 करोड़ मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर रखे गए हैं। इन मतदाताओं को स्थानांतरित या अनुपस्थित, मृत अथवा एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत होने की श्रेणी में चिन्हित किया गया है।

निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, मतदाता सूची में यह कटौती असामान्य नहीं है। इसका औसत बिहार में अगस्त में हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान सामने आए रुझानों से मेल खाता है, जब वहां लगभग 8 फीसदी मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए गए थे।

किन राज्यों में कितने नाम हटाए गए?

राजस्थान में ड्राफ्ट मतदाता सूची से 42 लाख से ज्यादा नाम हटाए गए हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन के अनुसार यह संख्या कुल मतदाताओं का करीब 7.66 फीसदी है। इनमें 8.75 लाख नाम मृत मतदाताओं के हैं, जबकि 29.6 लाख मतदाता स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके थे या अपने पते पर अनुपस्थित पाए गए। इसके अलावा 3.44 लाख नाम ऐसे मतदाताओं के हैं, जो पहले से किसी अन्य स्थान पर पंजीकृत थे या डुप्लीकेट पाए गए।

अधिकारियों का कहना है कि कई मामलों में बूथ लेवल ऑफिसर को मतदाता अपने पते पर नहीं मिले या उन्होंने 11 दिसंबर की तय समयसीमा तक गणना फॉर्म जमा नहीं किया। कुछ लोग दूसरे राज्यों या केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता के रूप में दर्ज पाए गए, जबकि कुछ ने पंजीकरण में रुचि नहीं दिखाई।

जयपुर में सबसे ज्यादा 5.3 लाख से अधिक नाम हटाए गए, जबकि अजमेर, कोटा, अलवर, सीकर और पाली जैसे जिलों में एक-एक लाख से ज्यादा नाम सूची से बाहर किए गए। हालांकि, पिछले महीने हुए उपचुनाव के चलते अंता विधानसभा क्षेत्र के आंकड़े ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं किए गए हैं। महाजन ने साफ किया कि यह अंतिम सूची नहीं है और 17 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक दावे और आपत्तियों की अवधि में पात्र मतदाता अपना नाम दोबारा जुड़वा सकते हैं। अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी को जारी की जाएगी।

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गोवा में ड्राफ्ट मतदाता सूची से 1,00,042 नाम हटाए गए हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजय गोयल के मुताबिक, कुल 11,85,034 मतदाताओं में से 10,84,992 यानी 91.56 फीसदी लोगों ने अपने गणना फॉर्म जमा किए। हटाए गए नामों में 25,574 मृत मतदाता शामिल हैं, जबकि 29,729 लोग अपने पते पर अनुपस्थित या पता न चलने वाले पाए गए। इसके अलावा 40,469 मतदाता स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके थे, 1,997 नाम डुप्लीकेट पाए गए और 2,273 ऐसे लोग थे, जिन्होंने किसी कारण से मतदाता के रूप में पंजीकरण नहीं कराया। जिलेवार आंकड़ों में उत्तर गोवा में 44,639 और दक्षिण गोवा में 55,403 नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए गए हैं।

पुडुचेरी में भी बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए गए हैं। यहां कुल 1,03,467 नाम हटाए गए, जबकि 10,21,578 गणना फॉर्म वितरित किए गए थे। ये फॉर्म मृत्यु, स्थानांतरण, डुप्लीकेशन या फॉर्म जमा न होने जैसे कारणों से एकत्र नहीं हो सके। नई ड्राफ्ट सूची में अब कुल 9,18,111 मतदाता दर्ज हैं।

आंकड़ों के मुताबिक 20,798 मतदाता मृत पाए गए, 80,645 अपने पते पर अनुपस्थित या स्थानांतरित मिले और 2,024 नाम एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत पाए गए, जिन्हें SIR के नियमों के तहत केवल एक जगह रखा जाएगा। सबसे ज्यादा 85,531 अप्रमाणित फॉर्म पुडुचेरी जिले से सामने आए, जबकि कराईकल में 17,936 मामले दर्ज हुए। माहे और यानम क्षेत्रों में 12,912 मतदाता स्थानांतरित या अनुपस्थित पाए गए, 397 डुप्लीकेट प्रविष्टियां मिलीं और 4,627 मौतों की पुष्टि हुई।

अनिल शर्मा
अनिल शर्माhttp://bolebharat.in
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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