मुंबई: फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के जुहू स्थित आवास पर हुई फायरिंग मामले में मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच की जांच में कई बड़े खुलासे हुए हैं। जांच में पता चला है कि इस हमले के पीछे लॉरेंस बिश्नोई गैंग का हाथ है और इसका मुख्य मास्टरमाइंड शुभम लोनकर है, जिसने पुणे के सामान्य पृष्ठभूमि वाले युवाओं को इस अपराध में शामिल किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने रोहित शेट्टी की सुरक्षा बढ़ा दी है और अब उनके घर पर अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है।
अत्याधुनिक हथियार और 7.62 एमएम बुलेट का इस्तेमाल
क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया है कि शूटर ने हमले के लिए साधारण पिस्टल नहीं, बल्कि अत्याधुनिक ‘कंट्री मेड’ हथियार का इस्तेमाल किया था। मौके से 7.62 एमएम की पांच बुलेट बरामद की गई हैं। पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या ये गोलियां 7.62×39 एमएम वाली थीं, जो आमतौर पर राइफल या मशीनगन में इस्तेमाल होती हैं और जो काफी गहराई तक घातक प्रभाव छोड़ती हैं।
पुणे से मुंबई तक साजिश का जाल
पुणे पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार के अनुसार, मास्टरमाइंड शुभम लोनकर पुणे के कार्वेनगर इलाके का निवासी है और वह वहां के स्थानीय युवाओं को बिश्नोई गैंग में शामिल करने के लिए अपने संपर्कों का इस्तेमाल कर रहा है। पुलिस ने पुणे से सिद्धार्थ येनपूरे (19), स्वप्नील सकट (23), समर्थ पोमाजी (19) और आदित्य गायकी (19) को गिरफ्तार किया है।
हैरान करने वाली बात यह है कि गिरफ्तार किए गए इन युवाओं का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। ये सभी साधारण परिवारों से हैं और सब्जी बेचने या प्राइवेट ड्राइवर जैसा काम करते हैं। शुभम लोनकर ने हमले में इस्तेमाल की गई स्कूटी का इंतजाम करने के लिए सिद्धार्थ येनपूरे और उसके साथी को 40,000 रुपये का ऑनलाइन भुगतान किया था।
सीसीटीवी में क्या कुछ सुराग मिला है?
फायरिंग के बाद शूटर स्कूटी से कुछ दूर भागा और फिर उसे लावारिस छोड़ दिया। सीसीटीवी फुटेज में उसे विले पार्ले रेलवे स्टेशन के पास देखा गया है। जांच में पता चला कि उसने मुंबई से बाहर निकलने के लिए ऑटो चालकों से संपर्क किया था। एक ऑटो चालक ने उसे विले पार्ले छोड़ा, जहाँ से उसने निजी वाहन के जरिए भागने की कोशिश की। पुलिस ने अब तक दो ऑटो चालकों सहित एक दर्जन से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए हैं।
पुलिस पूछताछ में रोहित शेट्टी ने स्पष्ट किया है कि उन्हें इस घटना से पहले किसी भी तरह की धमकी नहीं मिली थी। उन्होंने बताया कि उन्हें न तो कोई कॉल आया, न ही ईमेल या सोशल मीडिया के जरिए कोई संदेश मिला। फिलहाल पुलिस आरोपियों के बैंक ट्रांजेक्शन खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि बिश्नोई गैंग ने इस पूरी वारदात को अंजाम देने के लिए कुल कितनी रकम खर्च की थी।
क्राइम ब्रांच ने मुख्य शूटर की पहचान कर ली है और उसे पकड़ने के लिए कई टीमें मुंबई से बाहर रवाना की गई हैं। पुलिस का मानना है कि शुभम लोनकर ही वह कड़ी है जो बाबा सिद्दीकी हत्याकांड और सलमान खान के घर हुई फायरिंग के बाद अब इस मामले को भी बिश्नोई गैंग के इशारे पर संचालित कर रहा था।

