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रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर पर ईडी की छापेमारी, क्या है मामला?

ईडी की टीमें इंदौर स्थित पाथ इंडिया ग्रुप के दफ्तरों और निदेशकों के घरों पर भी पहुँचीं। कंपनी पर टोल रोड प्रोजेक्ट्स और अन्य कारोबार में गड़बड़ियों के आरोप हैं।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को इंदौर और मुंबई में छह ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर द्वारा विदेशों में कथित अवैध धन प्रेषण की जांच के तहत की गई। यह मामला विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) से जुड़ा है।

सूत्रों के मुताबिक, ईडी की टीमें इंदौर स्थित पाथ इंडिया ग्रुप के दफ्तरों और निदेशकों के घरों पर भी पहुँचीं। कंपनी पर टोल रोड प्रोजेक्ट्स और अन्य कारोबार में गड़बड़ियों के आरोप हैं। कई वाहनों में पहुँची अधिकारियों की टीम ने कंपनी के मुख्यालय (76 माल रोड, महू) और निदेशकों के निवास स्थानों पर तलाशी ली।

कंपनी और निदेशक मंडल

पाथ इंडिया ग्रुप के प्रबंध निदेशक नितिन अग्रवाल हैं। निदेशक मंडल में निपुण अग्रवाल, साक्षम अग्रवाल, नीति अग्रवाल और संतोष अग्रवाल शामिल हैं। वहीं, आशीष अग्रवाल और आदित्य उपाध्याय स्वतंत्र निदेशक के तौर पर जुड़े हैं। खास बात यह है कि नीति अग्रवाल, जो निदेशक मंडल का हिस्सा हैं, मुंबई टीम की सह-मालिक भी हैं। यह टीम इंडियन स्ट्रीट प्रीमियर लीग (आईएसपीएल) से जुड़ी है, जिसमें अभिनेता अमिताभ बच्चन भी साझेदार हैं।

छापेमारी को अनील अंबानी से जुड़े कथित बैंक लोन घोटालों की व्यापक जांच का हिस्सा माना जा रहा है। जांचकर्ताओं का मानना है कि रिलायंस ग्रुप और पाथ इंडिया ग्रुप के बीच कई निर्माण समझौते हुए, जिनके जरिए बड़े पैमाने पर पैसों का लेन-देन किया गया और संभवतः धन की हेराफेरी की गई।

पहले भी हो चुकी हैं कार्रवाई

इससे पहले भी अंबानी से जुड़ी कंपनियों पर जांच एजेंसियों की कार्रवाई हो चुकी है। अगस्त में सीबीआई ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) और अनील अंबानी से जुड़े ठिकानों पर छापे मारे थे। यह मामला स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी से जुड़ा है। बैंक ने पहले ही RCOM और अंबानी को “फ्रॉड” करार दिया था, क्योंकि जांच में पाया गया कि समूह की कंपनियों के बीच जटिल लेन-देन कर ऋण राशि को इधर-उधर किया गया।

अनील अंबानी से हुई थी पूछताछ

इस महीने की शुरुआत में अनील अंबानी से ईडी ने 17,000 करोड़ रुपये के अलग लोन फ्रॉड मामले में कई घंटों तक पूछताछ की थी। एजेंसी उन्हें दोबारा भी तलब कर सकती है।

मंगलवार की छापेमारी के साथ ही ईडी ने अपनी जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। अधिकारियों को शक है कि बैंक लोन की रकम को फर्जी समझौतों के जरिये अलग-अलग कंपनियों के जरिए बाहर निकाला गया। तलाशी के दौरान एजेंसी ने कई दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल सबूत जब्त किए हैं

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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