श्रीनगर/देहरादून: जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने पहाड़ी इलाकों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में भूस्खलन और पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया है। इसके चलते अमरनाथ यात्रा से लौट रहे सैकड़ों श्रद्धालु काजीगुंड के मीर बाजार स्थित यात्री निवास में फंस गए हैं।
वहीं, उत्तराखंड में भी लगातार बारिश के बीच कई इलाकों में भूस्खलन और सड़कें बंद होने की घटनाएं सामने आई हैं। मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी करते हुए लोगों और चारधाम यात्रियों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद, सैकड़ों अमरनाथ यात्री फंसे
बाबा बर्फानी के दर्शन करने के बाद अपने घरों की ओर लौट रहे श्रद्धालुओं को हाईवे बंद होने के कारण काजीगुंड में रुकना पड़ा है। समाचार एजेंसी आईएएनएस को कई यात्रियों ने बताया कि वे पिछले एक-दो दिनों से यातायात बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं। यात्री निवास में बड़ी संख्या में श्रद्धालु ठहरे हुए हैं और अनुमान के मुताबिक यहां करीब एक हजार से डेढ़ हजार लोग मौजूद हैं।
महाराष्ट्र से आए एक बुजुर्ग तीर्थयात्री ने बताया कि उन्होंने सफलतापूर्वक अमरनाथ यात्रा पूरी कर ली है। वापसी के दौरान रास्ता बंद होने से थोड़ी परेशानी जरूर हो रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से यात्रियों के लिए लंगर, रहने और अन्य जरूरी सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की भी तारीफ करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं को किसी तरह का डर नहीं है।
उन्होंने बताया कि यात्री निवास में बड़ी संख्या में लोग रुके हुए हैं और सभी को अब रास्ता खुलने का इंतजार है। प्रशासन की ओर से यात्रियों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

एक अन्य तीर्थयात्री गोविंद कुमार ने बताया कि अमरनाथ यात्रा का अनुभव बहुत अच्छा रहा और दर्शन के दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। हालांकि, वापसी में यातायात बाधित होने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि वह एक दिन से अधिक समय से रास्ता खुलने का इंतजार कर रहे हैं।
गोविंद कुमार के मुताबिक, पहले उन्हें काजीगुंड में रुकने के लिए कहा गया था। इसके बाद वह श्रीनगर चले गए और वहां एक होटल में ठहरे। उन्होंने कहा कि उनकी मुख्य समस्या केवल मार्ग बंद होने की है और प्रशासन से जल्द से जल्द हाईवे खोलने की अपील की।
दिल्ली से आईं प्रीति देवी ने बताया कि उन्होंने 23 जुलाई को अमरनाथ यात्रा शुरू की थी और 26 जुलाई को बाबा अमरनाथ के दर्शन किए। इसके बाद से वह कई दिनों से यहां रुकी हुई हैं। उन्होंने बताया कि पहाड़ टूटने और सड़क बंद होने के कारण यात्रियों को आगे जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। प्रीति देवी ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह ठीक है और सीआरपीएफ तथा पुलिस के जवान लगातार यात्रियों की मदद कर रहे हैं। उनके मुताबिक, श्रद्धालुओं को परेशानी केवल मार्ग बंद होने की वजह से हो रही है।
अमरनाथ यात्रा से लौट रही बस गांदरबल में पलटी, 39 घायल
जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले के हरिगनीवान में मंगलवार सुबह अमरनाथ यात्रा से लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी एक बस के अनियंत्रित होकर पलट जाने से 39 तीर्थयात्री घायल हो गए। हादसा सुबह करीब 6 बजे हुआ, जिसके बाद सीआरपीएफ की 118वीं बटालियन, आईटीबीपी और स्थानीय पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान चलाया और बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद कंगन अस्पताल ले जाया गया, जबकि बेहतर इलाज की जरूरत वाले यात्रियों को श्रीनगर स्थित एसकेआईएमएस में भर्ती कराया गया है।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अधिकारियों से बात कर घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और स्वास्थ्य विभाग को सभी जरूरी मदद तथा बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। फिलहाल प्रशासन हादसे के कारणों की जांच कर रहा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बस के अनियंत्रित होकर सड़क से फिसलने के कारण दुर्घटना हुई।

उत्तराखंड में ऑरेंज अलर्ट, स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद
उत्तराखंड में भी लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने राज्य के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन ने एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं और स्थानीय लोगों के साथ-साथ चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
भारी बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदियों और नालों से दूर रहने, बिना जरूरी काम के यात्रा न करने और पहाड़ी क्षेत्रों में बेहद सतर्क रहने को कहा है। अधिकारियों के अनुसार, लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, चट्टानें गिरने और सड़कें बाधित होने का खतरा बढ़ गया है।
एहतियात के तौर पर प्रभावित क्षेत्रों के सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को मंगलवार को बंद रखने का फैसला किया गया है।
उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और पिछले कई दिनों से अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। आने वाले घंटों में उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी और पौड़ी गढ़वाल जिलों में भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की भी संभावना है।
मौसम विभाग ने पुरोला, बड़कोट, गंगोत्री, केदारनाथ, बदरीनाथ, सोनप्रयाग, थराली, नंदा देवी पर्वत क्षेत्र, मुनस्यारी, बेरीनाग, गंगोलीहाट, डीडीहाट, जसपुर, रुद्रपुर, खटीमा और आसपास के इलाकों में भी भारी बारिश की संभावना जताई है।
प्रशासन ने इन क्षेत्रों के लोगों से सतर्क रहने और मौसम सामान्य होने तक संवेदनशील स्थानों पर जाने से बचने की अपील की है। लोगों को मौसम विभाग और जिला प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
लगातार बारिश के बीच कंचननाला के पास मलबा आने से बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया है। इससे इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
वहीं, प्रेम नगर के नंदा की चौकी में टौंस नदी पर बना नया पुल भी लगातार बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके चलते देहरादून, विकासनगर और पड़ोसी हिमाचल प्रदेश के बीच यातायात प्रभावित हुआ है।
चारधाम यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी
प्रशासन ने केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। यात्रियों से कहा गया है कि यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने और अन्य मौसम संबंधी हादसों का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा से लौट रहे श्रद्धालुओं और उत्तराखंड में चारधाम यात्रा पर जाने वाले यात्रियों के लिए मौसम की स्थिति चुनौती बनी हुई है। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और प्रभावित मार्गों को जल्द से जल्द बहाल करने की है।

