नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार (28 जुलाई) को केंद्र सरकार के प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्री बनाए जाने के फैसले पर जमकर घेरा। लोकसभा में NEET पेपर लीक का मुद्दा छाया रहा जिसमें राहुल-प्रियंका समेत विपक्ष के नेताओं ने संसद के मानसून सत्र के दौरान परीक्षा में गड़बड़ियों और जवाबदेही को लेकर सरकार को घेरा।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री की नियुक्ति को लेकर सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने ऐसे व्यक्ति को चुना है जिसने बलात्कारियों का बचाव किया था। राहुल की यह टिप्पणी NEET प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन के बीच आई है।
राहुल गांधी का प्रह्लाद जोशी पर हमला
समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि ” जब ये युवा शिक्षा व्यवस्था को लेकर विरोध कर रहे थे तब BJP ने एक ऐसे व्यक्ति को आगे किया जो बलात्कारियों का बचाव करता है। वह बेहद घटिया किस्म का इंसान है। जो व्यक्ति यह कहे कि बलात्कारियों को सुरक्षा की जरूरत है उससे ज्यादा घटिया इंसान कोई और नहीं हो सकता। “
मंत्री की नियुक्ति के प्रधानमंत्री के फैसले पर सवाल उठाते हुए गांधी ने कहा, ” ये आज भारत के शिक्षा मंत्री हैं। प्रधानमंत्री का अपनी कैबिनेट में इतने सारे लोगों को रखना एक अजीब बात है। वे उनमें से किसी को भी चुन सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसे व्यक्ति को चुना जो बलात्कारियों को बचाता है। “
प्रियंका गांधी ने भी घेरा
इससे पहले लोकसभा में एक अलग राजनीतिक टकराव तब शुरू हुआ जब कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने परीक्षा में गड़बड़ियों और जवाबदेही की जरूरत पर चिंता जताते हुए नए शिक्षा मंत्री के खिलाफ टिप्पणी की।
सरकार के फैसले का जिक्र करते हुए प्रियंका गांधी ने भी प्रह्लाद जोशी पर राहुल गांधी जैसे ही आरोप लगाए। उन्होंने यह भी कहा कि हजारों युवा अपनी आवाज उठाने और सरकार से जवाबदेही की मांग करने के लिए शांतिपूर्ण ढंग से सड़कों पर उतरे थे।
प्रियंका गांधी की टिप्पणियों पर हालांकि केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और किरेन रिजिजू ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और उन पर व्यक्तिगत आरोप लगाने और गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणियां प्रल्हाद के “चरित्र हनन” के बराबर हैं और सदन से आग्रह किया कि उनके बयान को रिकॉर्ड से हटा दिया जाए। उनकी मांग पर संसद की कार्यवाही से यह बयान का यह हिस्सा हटा दिया गया है।
प्रह्लाद जोशी ने प्रियंका के बयान पर टिप्पणी की कि उन्हें (प्रियंका गांधी को) अपने बयान को प्रमाणित करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि मैं इन आरोपों का खंडन करता हूं और उन्हें इसके लिए निष्कासित किया जाना चाहिए और माफी मांगनी चाहिए।
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अखिलेश यादव ने भी साधा निशाना
गौरतलब है कि संसद में आज पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026 पर चर्चा हुई। इस दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सरकार को घेरा।
सरकार पर निशाना साधते हुए कन्नौज सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि एक “प्रधान” (धर्मेंद्र प्रधान) को हटाने से “प्रधानमंत्री” को बचाने में मदद मिली।
अखिलेश ने टिप्पणी की कि ” जब मंत्री (पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान) (संसद) पहुंचे तो सदन के बाहर उनका स्वागत किया गया। सोचिए सदस्यों ने कितनी बड़ी राहत महसूस की होगी और वे किस बड़े संकट से बच गए। एक ‘प्रधान’ को हटाकर, आपने असल में ‘प्रधानमंत्री’ को बचा लिया। “
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