नई दिल्लीः विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार (29 जुलाई) को लोकसभा में अपने उस बयान के लिए माफी मांगने से इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग की मंजूरी देने का आरोप लगाया था। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गृह मंत्री को पद से हटाने की अपनी मांग भी दोहराई। राहुल ने ये बातें एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहीं।
इससे कुछ घंटे पहले, पेपर लीक विरोधी बिल पर लोकसभा में हुई बहस के दौरान गांधी के बयानों से राजनीतिक हंगामा मच गया था। NDA सांसदों ने उनसे माफी मांगने और अपने आरोपों को साबित करने की मांग की थी। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने भी दखल देते हुए विपक्ष के नेता को याद दिलाया कि सदन में लगाए गए आरोपों के समर्थन में सबूत होने चाहिए।
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भाजपा, आरएसएस से कभी माफी नहीं मांगूंगा: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने पीएम मोदी को एक ‘सलाह’ दी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि ” अमित शाह को हटा दें, PM मोदी को मेरी यही सलाह है। “
राहुल गांधी ने कहा, ” मुझे कहा गया कि अगर मैं माफी मांग लूं तो मुझे बोलने दिया जाएगा। लेकिन मैं भाजपा, आरएसएस या उनसे जुड़े किसी भी व्यक्ति से कभी माफी नहीं मांगूंगा। नेता प्रतिपक्ष होने के नाते देश के महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाना मेरा अधिकार है। “
राहुल गांधी ने कहा कि उनके लिए इस समय सबसे अहम मुद्दा दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया और उनके साथ अत्यधिक बल प्रयोग हुआ।
उन्होंने कहा, “प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पैलेट गन से गोली चलाई गई। एक छात्र की आंख में पैलेट लगी है और संभव है कि उसकी आंख की रोशनी चली जाए। मैंने एम्स का मेडिकल सर्टिफिकेट देखा है, जिसमें पैलेट लगने की पुष्टि हुई है। सिर्फ सामान्य लाठी नहीं, बल्कि कीलों वाली लाठियों और इलेक्ट्रिक बैटन का भी इस्तेमाल किया गया।”
राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह पर सीधे सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय को रिपोर्ट करती है और ऐसे मामलों में कार्रवाई गृह मंत्रालय की जानकारी या अनुमति के बिना नहीं हो सकती।
उन्होंने कहा, “गृह मंत्री अमित शाह हैं। पैलेट गन का इस्तेमाल उनकी जानकारी या आदेश के बिना नहीं किया जाता। मैंने संसद भवन में खुद अमित शाह को पुलिस अधिकारियों से फोन पर बात करते देखा। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह को भी लगातार उनके फोन आ रहे थे। इसका मतलब उन्हें पूरी जानकारी थी कि सड़क पर क्या हो रहा है।”
राहुल गांधी ने कहा कि इस मामले में केवल दो ही संभावनाएं हैं। “या तो उन्होंने पैलेट गन चलाने, कीलों वाली लाठियों और इलेक्ट्रिक बैटन के इस्तेमाल का आदेश दिया, या फिर उन्हें अपने ही मंत्रालय में क्या हो रहा है इसकी जानकारी नहीं थी। अगर उन्होंने आदेश दिया तो वे जिम्मेदार हैं और अगर उन्हें जानकारी नहीं थी तो वे अयोग्य हैं। दोनों ही स्थितियों में उन्हें पद छोड़ देना चाहिए।”
कानून बनाने से समस्या नहीं होती हल
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गृह मंत्री शाह लोकसभा में जवाब देने नहीं आए क्योंकि वे इस मामले में दोषी हैं। राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली में हुई हिंसा के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए क्योंकि दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है।
राहुल गांधी ने पेपर लीक रोकने के लिए लाए गए सख्त कानून पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केवल कड़े कानून बना देने से समस्या का समाधान नहीं होगा।
उन्होंने कहा, “पेपर लीक पर कड़े दंड वाले विधेयक पर चर्चा का कोई खास मतलब नहीं है, क्योंकि मौजूदा कानून के तहत भी अब तक किसी को दोषी नहीं ठहराया गया है। जब तक कानून का प्रभावी तरीके से पालन नहीं होगा, नए कानून लाने से समस्या खत्म नहीं होगी।”
बतातें चलें कि इससे पहले दिन में लोकसभा की कार्यवाही के दौरान राहुल गांधी के भाषण पर सदन में काफी गहमागहमी हुई थी। अपने भाषण के दौरान राहुल ने एक ऐसे शब्द का इस्तेमाल किया जिससे विवाद गरमाया और भाजपा ने इसे असंसदीय कहते हुए संसद की कार्यवाही से हटाने की मांग की थी।
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(समाचार एजेंसी आईएएनएस से इनपुट्स के साथ)



