पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा को शनिवार प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार कर लिया। संजीव अरोड़ा को ईडी ने चंडीगढ़ के सेक्टर-2 स्थित उनके सरकारी आवास से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई। हालांकि देर शाम तक ईडी की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई औपचारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया।
सूत्रों के मुताबिक, शनिवार तड़के शुरू हुई छापेमारी के बाद अरोड़ा को हिरासत में लिया गया। एजेंसी का आरोप है कि जांच के दौरान वह सहयोग नहीं कर रहे थे। उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा, जहां ईडी विस्तृत पूछताछ के लिए उनकी रिमांड मांग सकती है।
कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
ईडी ने शनिवार सुबह संजीव अरोड़ा और उनसे जुड़े परिसरों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई चंडीगढ़, दिल्ली, गुरुग्राम और अन्य स्थानों पर की गई। तलाशी लिए गए परिसरों में अरोड़ा का सरकारी आवास, उनके कार्यालय और हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड से जुड़े ठिकाने भी शामिल बताए जा रहे हैं।
रिपोर्टों की मानें तो पिछले एक साल में यह तीसरी बार है जब ईडी ने संजीव अरोड़ा से जुड़े परिसरों पर छापेमारी की है। इससे पहले अप्रैल 2026 में भी उनके ठिकानों पर छापा पड़ा था। वर्ष 2024 में भी उन्हें औद्योगिक भूमि को कथित तौर पर आवासीय परियोजनाओं में बदलने से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी जांच का सामना करना पड़ा था। उस समय वह राज्यसभा सांसद थे।
क्या है आरोप?
अकाली दल नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने दावा किया है कि यह मामला कथित 100 करोड़ रुपये के फर्जी जीएसटी मोबाइल फोन खरीद-फरोख्त और निर्यात रैकेट से जुड़ा है।
आरोप है कि संजीव अरोड़ा की कंपनी के जरिए दिल्ली की कथित फर्जी कंपनियों से मोबाइल फोन खरीद के नकली बिल तैयार किए गए। इन बिलों के आधार पर फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) और जीएसटी रिफंड हासिल किया गया। इसके बाद निर्यात दिखाकर ड्यूटी ड्रॉबैक लिया गया और कथित तौर पर दुबई के जरिए अवैध धन को भारत वापस लाया गया, जिसे वित्तीय भाषा में राउंड ट्रिपिंग कहा जाता है। ईडी इस पूरे नेटवर्क की जांच बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग के तौर पर कर रही है।
बिक्रम सिंह मजीठिया ने इस कार्रवाई को पंजाब में कथित वित्तीय अनियमितताओं के बड़े नेटवर्क का हिस्सा बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े कुछ अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी करने की मांग करते हुए कहा कि जीएसटी धोखाधड़ी, संदिग्ध भूमि सौदों और दुबई के जरिए धन हस्तांतरण से जुड़े सभी लोगों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
मजीठिया ने कहा कि अगर पंजाब विजिलेंस विपक्षी नेताओं पर कार्रवाई कर सकती है तो वही कानून सत्ता पक्ष पर भी समान रूप से लागू होना चाहिए।
भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल ने क्या कहा?
ईडी की कार्रवाई पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने एक्स पर लिखा, “आज एक बार फिर भाजपा की ईडी संजीव अरोड़ा के घर पहुंची है। एक साल में यह तीसरी बार है और पिछले एक महीने में दूसरी बार। फिर भी उन्हें कुछ नहीं मिला।”
मान ने आगे कहा कि पंजाब गुरुओं और शहीदों की धरती है, जिसे कोई झुका नहीं सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार केंद्रीय एजेंसियों का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने लिखा कि ईडी-भाजपा के इस अनैतिक गठजोड़ का अंत पंजाब से ही शुरू होगा।
वहीं, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी ईडी की कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केजरीवाल ने कहा कि सीबीआई और ईडी जैसी एजेंसियों का काम भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग पर कार्रवाई करना है, लेकिन मौजूदा केंद्र सरकार के दौर में इनका इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को डराने, तोड़ने और भाजपा में शामिल कराने के लिए किया जा रहा है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि बंगाल चुनाव खत्म होते ही पंजाब में लगातार ईडी की छापेमारी शुरू हो गई है।
गौरतलब है कि संजीव अरोड़ा को लुधियाना पश्चिम विधानसभा उपचुनाव जीतने के बाद पिछले साल जुलाई में कैबिनेट में शामिल किया गया था। धालीवाल के इस्तीफे के बाद अरोड़ा को उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन और एनआरआई मामलों जैसे अहम विभाग सौंपे गए थे। उनका मंत्रिमंडल में शामिल होना इसलिए भी अहम माना गया क्योंकि लुधियाना को पंजाब की औद्योगिक राजधानी माना जाता है।
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