देशभर में कई जगहों पर छात्रों के आंदोलन और NEET-UG 2026 पेपर लीक पर जारी विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने गुरुवार को कहा कि परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे, ताकि दोषियों को जल्द और कड़ी सजा मिल सके। प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब एक दिन पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में पेपर लीक के 152 मामलों में किसी भी आरोपी को सजा नहीं मिली है।
इसी हफ्ते 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार की आलोचना के बीच प्रधानमंत्री ने कहा कि छात्रों के हितों की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों का हित हमारे लिए सर्वोच्च: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘हमारे युवाओं की भलाई और भविष्य से ज्यादा जरूरी कुछ भी नहीं है! हमने पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्द और कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला किया है। संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। यह छात्रों के हितों की रक्षा के लिए उठाए जा रहे हमारे कदमों की कड़ी का ही हिस्सा है। जो लोग हमारे युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।’
बता दें कि सीजेपी इस पूरे मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। सीजेपी का प्रदर्शन जंतर मंतर पर जून के आखिरी हफ्ते में में शुरू हुआ था। हालांकि, 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों की संसद तक मार्च की कोशिश के दौरान विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बल का प्रयोग किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने भी कई जगहों पर पत्थरबाजी और सुरक्षाकर्मियों सहित मीडियाकर्मियों के साथ मारपीट की।
(ये खबर अभी अपडेट हो रही है)
यह भी पढ़ें- दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के बीच ये 16 मेट्रो स्टेशन सुबह से बंद, मुंबई में 6 अगस्त तक निषेधाज्ञा लागू

