कोलकाताः पश्चिम बंगाल में मतगणना काउंटर्स पर सिर्फ केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सुपरवाइजर के तौर पर तैनाती को चुनौती देते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। टीएमसी सांसद व वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने याचिका दायर की है। वहीं, इसके खिलाफ अधिवक्ता बिश्वरूप भट्टाचार्य ने भी याचिका दायर की है। इन याचिकाओं में चुनाव आयोग द्वारा काउंटिंग सेंटर्स पर सिर्फ केंद्र सरकार के कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
गौरतलब है कि राज्य की 294 विधानसभा सीटों के दो चरणों में मतदान हुआ। इसके नतीजे सोमवार (4 मई) को जारी किए जाएंगे।
चुनाव आयोग (ECI) के मुताबिक, दोनों चरणों में संयुक्त रूप से कुल 92.47 फीसदी वोटिंग हुई। कलकत्ता हाई कोर्ट में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस सांसद व वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने वोटों की गिनती से संबंधित याचिका की तत्काल सुनवाई का उल्लेख किया।
याचिकाकर्ता वकील ने क्या दलील दी?
याचिकाकर्ता वकील कल्याण बनर्जी ने दावा किया कि चुनाव वाले किसी अन्य राज्य में ऐसी नियुक्तियां नहीं की गईं और उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को ऐसा करने का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है।
बनर्जी ने दावा किया कि राज्य सरकार के कर्मचारियों को मतदान ड्यूटी के लिए बुलाया गया था, लेकिन मंगलवार (28 अप्रैल) को मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा जारी एक आदेश के द्वारा उन्हें मतगणना पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त होने से बाहर रखा गया था।
याचिका में राज्य सरकार के अधिकारियों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया गया है। इसके साथ ही इस फैसले पर चुनाव की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए।
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उन्होंने आगे कहा कि इस मामले में सर्कुलर (परिपत्र) बहुत पहले जारी किया गया था लेकिन इसे बुधवार (29 अप्रैल) को ही प्रसारित किया गया।
पश्चिम बंगाल के साथ केरलम, तमिलनाडु के भी जारी होंगे नतीजे
अदालत ने इस मामले की सुनवाई दोपहर 2 बजे करने की अनुमति दी। गौरतलब है कि राज्य में दो चरणों में मतदान हुए। पहले चरण में 152 सीटों के लिए मतदान हुआ। इसके लिए वोटिंग 23 अप्रैल को हुई थी। वहीं, दूसरे चरण के लिए वोटिंग 29 अप्रैल को हुई। इस दौरान 142 सीटों पर मतदान हुआ।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों पर सभी की नजरें हैं। 2011 से तृणमूल कांग्रेस की सरकार है और ममता बनर्जी मुख्यमंत्री के तौर पर लंबा समय व्यतीत कर चुकी हैं। वहीं, भाजपा ने भी सरकार बनाने के लिए कड़ी मशक्कत की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के अलावा अन्य शीर्ष नेताओं ने कई रैलियां की हैं।
ज्ञात हो कि 4 मई को पश्चिम बंगाल के अलावा दक्षिणी राज्यों केरलम और तमिलनाडु की भी मतगणना होगी। इसके अलावा केंद्रशासित प्रदेश पांडिचेरी और पूर्वोत्तर के राज्य असम में भी मतगणना होगी।
इससे पहले 29 अप्रैल को विभिन्न सर्वे एजेंसियों ने एग्जिट पोल्स जारी किए। विभिन्न एग्जिट पोल्स के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में भाजपा और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है।
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