Home विश्व PoK में बिगड़े हालात के बीच पाकिस्तान ने विदेशी पत्रकारों पर बढ़ाई...

PoK में बिगड़े हालात के बीच पाकिस्तान ने विदेशी पत्रकारों पर बढ़ाई सख्ती, रिपोर्टिंग के लिए नया नियम

0
Representational Image
फोटो- AI

पाकिस्तान ने विदेशी मीडियाकर्मियों पर नई पाबंदियां लागू कर दी हैं। अब अंतरराष्ट्रीय समाचार संगठनों के लिए काम करने वाले पत्रकारों को रिपोर्टिंग असाइनमेंट के लिए इस्लामाबाद, लाहौर और कराची से बाहर जाने से पहले नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) लेना होगा। यह घटनाक्रम तब सामने आया है, जब पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (PoK) चर्चा में है।

पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से जारी हुए नए दिशा-निर्देशों में विदेशी मीडिया संगठनों और पत्रकारों के रजिस्ट्रेशन, एक्रिडिटेशन और देश के भीतर उनकी यात्राओं के लिए एक व्यापक नियमावली बताई गई है।

इन नए नियमों के अनुसार पत्रकारों को इस्लामाबाद, लाहौर और कराची के भीतर यात्रा के लिए NOC की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि, यदि वे एबटाबाद और मरी की व्यक्तिगत यात्रा करना चाहते हैं, तो उन्हें मंत्रालय के एक्सटर्नल पब्लिसिटी (EP) विंग के माध्यम से NOC के लिए आवेदन करना होगा। मंत्रालय ने कहा है कि ऐसे आवेदनों पर सामान्य तौर पर तीन कार्य दिवसों के भीतर फैसला लिया जाएगा।

दिशा-निर्देशों में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान में स्थित लेकिन विदेशी मीडिया की किसी भी प्रकार से सहायता करने वाली सभी कंपनियों, संस्थाओं, प्रोडक्शन हाउस और अन्य संगठनों को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के पब्लिसिटी विंग में अपना पंजीकरण भी कराना होगा। यह नियम उन पर भी लागू होगा, जो पाकिस्तान में रहकर विदेशी मीडिया संगठनों को किसी भी प्रकार की सेवाएं उपलब्ध कराते हैं।

डिजिटल और सोशल मीडिया भी नियमों के दायरे में

नए नियम सभी अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठनों पर लागू होंगे। इनमें प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल मीडिया, वेब आधारित प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया संगठनों को भी शामिल किया गया है।

इसके अलावा, विदेशी मीडिया के लिए काम करने वाले प्रोडक्शन हाउस, कंपनियां, फ्रीलांसर और अन्य गैर-पत्रकार सेवा प्रदाताओं को भी मंत्रालय में पंजीकरण कराना होगा। हालांकि मंत्रालय ने कहा है कि यह पंजीकरण केवल पेशेवर पहचान के उद्देश्य से होगा और यह किसी प्रकार का आधिकारिक दर्जा नहीं प्रदान करता है।

पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रेस एक्रिडिटेशन कार्ड के लिए पत्रकारों को आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन करना होगा। नियमों के अनुसार, प्रेस मान्यता दो श्रेणियों में दी जाएगी।

इसमें एक स्थायी यानी पर्मानेंट मान्यता है। इसकी अवधि एक वर्ष होगी। वहीं, दूसरी अस्थायी मान्यता होगी, जो पाकिस्तान आने वाले विदेशी पत्रकारों के लिए अधिकतम तीन महीने तक वैध रहेगी। एक्रिडिटेशन कार्ड जारी होने के बाद EP विंग पत्रकारों को सरकारी परिसरों और आधिकारिक मीडिया कार्यक्रमों तक पहुंच उपलब्ध कराने में सहायता करेगा।

मंत्रालय ने यह भी कहा है कि पत्रकारों को मांगे जाने पर अपना एक्रिडिटेशन कार्ड दिखाना होगा। यदि वे अपना मीडिया संस्थान बदलते हैं, मान्यता की श्रेणी बदलती है या एक्रिडिटेशन की अवधि समाप्त हो जाती है, तो उन्हें यह कार्ड वापस जमा कराना होगा।

PoK में विरोध प्रदर्शनों के बाद बढ़ी निगरानी

विदेशी मीडिया पर ये नई पाबंदियां ऐसे समय लागू की गई हैं, जब पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थानीय चुनावों के दौरान हुए विरोध प्रदर्शनों, हंगामे और इन सबके बीच प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बड़े स्तर पर बल प्रयोग की घटनाओं जैसी बातें सामने आ रही हैं। ऐसे में मीडिया की पहुंच को मुश्किल बनाने वाले नियमों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर की एमनेस्टी इंटरनेशनल और कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स (CPJ) जैसी संस्थाओं ने पाकिस्तान में पत्रकारों पर कथित प्रतिबंध, संचार बंद किए जाने, मीडिया कर्मियों के जबरन गायब किए जाने और विदेशी मीडिया की कवरेज पर लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर चिंता जताई है। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने रावलाकोट में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों की स्वतंत्र जांच कराने की भी मांग की है।

यह भी पढ़ें- लाल सागर में भारतीय जहाज पर हमला, भारत ने की कड़ी निंदा; यमन सरकार ने हूती विद्रोहियों को ठहराया जिम्मेदार

author avatar
विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version