मेरठः पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में 22 वर्षीय युवक ने कथित तौर पर एक दलित महिला की हत्या कर दी और उसकी बेटी का अपहरण कर लिया। पुलिस के मुताबिक, यह घटना गुरुवार, 9 जनवरी को हुई।
इस घटना से इलाके में तनाव फैल गया है, जिसके चलते अधिकारियों ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। पुलिस के मुताबिक, यह घटना सुबह करीब 8 बजे सरधना क्षेत्र के कपसाद गांव में घटी, जब दोनों महिलाएं अपने खेतों की ओर जा रही थीं।
मायावती ने घटना को बताया चिंताजनक
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, इस दौरान एक युवक जिसकी पहचान पारस के रूप में हुई है, ने उन दोनों को रोक लिया। वह एक स्थानीय डॉक्टर के यहां कंपाउंडर का काम करता था।
इस घटना पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे “दुखद और चिंताजनक” बताया गया है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट कर लिखा “उत्तर प्रदेश के मेरठ के सरधना पुलिस थाना क्षेत्र में हुई हालिया घटना, जिसमें एक दलित मां की हत्या कर दी गई और उसकी बेटी का अपहरण कर लिया गया, बेहद दुखद, शर्मनाक और गहरी चिंताजनक है।”
उन्होंने आगे लिखा “सरकार को महिलाओं की गरिमा के उल्लंघन और उसके बाद हुई हत्या की इन घटनाओं को अत्यंत गंभीरता से लेना चाहिए और भविष्य में आपराधिक तत्वों को ऐसे जघन्य कृत्यों को अंजाम देने से रोकने के लिए दोषियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। सरकार को विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर पर्याप्त ध्यान देना चाहिए।”
जांच में क्या पता चला?
प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि पारस और 20 वर्षीय युवती एक ही गांव के रहने वाले परिचित थे। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करना शुरू कर दिया।
जब महिला की मां ने विरोध किया, तो पारस ने कथित तौर पर गन्ने काटने वाले धारदार औजार से उसके सिर पर वार किया। इसके बाद वह युवती को जबरदस्ती अपने साथ ले गया। पीड़िता की चीखें सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायल युवती को अस्पताल ले गए। बाद में इलाज के दौरान उनकी चोटों के कारण मृत्यु हो गई।
इस मौत के बाद अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन हुए, जहां कार्यकर्ताओं और भीम आर्मी के सदस्यों ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ संक्षिप्त झड़पें भी हुईं।
वहीं इस मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीणों हंगामा किया। लाइव हिंदुस्तान की खबर के मुताबिक, पीड़ित परिजन अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी और उनके घरों पर बुलडोजर एक्शन की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे परिजनों ने मांगे पूरी होने तक अंतिम संस्कार से मना किया है। वहीं पहले जहां अधिकारियों ने नेताओं को जाने से मना कर दिया था लेकिन बाद में सपा विधायक अतुल प्रधान और अन्य नेताओं को जाने की अनुमति दी गई जिसके बाद कई नेता पहुंचे।

