Mathura News: उत्तर प्रदेश के मथुरा में गोरक्षक चंद्रशेखर उर्फ ‘फरसा वाले बाबा’ की संदिग्ध हालात में मौत के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। घटना के विरोध में आक्रोशित भीड़ ने दिल्ली-आगरा हाईवे जाम कर दिया और जमकर पथराव व तोड़फोड़ की। स्थिति बेकाबू होने पर पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा।
इस बीच, मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगी।
हादसा या साजिश? दो दावे आमने-सामने
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चंद्रशेखर रात करीब 3 से 4 बजे के बीच कोसी इलाके में एक नागालैंड नंबर के कंटेनर को रोकने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान घने कोहरे में पीछे से आ रहे राजस्थान नंबर के ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
उन्होंने बताया कि संबंधित वाहनों और चालकों की पहचान कर ली गई है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। घटना को लेकर क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। एहतियातन कई इलाकों में पुलिस बल बढ़ा दिया गया है और आने-जाने वाले रास्तों पर निगरानी रखी जा रही है।
वहीं, परिजनों और समर्थकों का आरोप है कि चंद्रशेखर गौ-तस्करों का पीछा कर रहे थे और ट्रक को रोकने की कोशिश के दौरान चालक ने जानबूझकर उन्हें कुचल दिया और फरार हो गया। इसी आरोप को लेकर लोगों में भारी आक्रोश फैल गया।
हाईवे जाम, पुलिस पर पथराव
घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए और आरोपियों की गिरफ्तारी व एनकाउंटर की मांग को लेकर दिल्ली-आगरा हाईवे जाम कर दिया। भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। साथ ही पुलिस की 5-6 गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दी गई और उनके शीशे तोड़ दिए गए।
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर किया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर हालात पर काबू पाने की कोशिश जारी है।
घटना के बाद कोसी और छाता थाना क्षेत्रों में तनाव बना हुआ है। एहतियातन पुलिस बल बढ़ा दिया गया है और प्रमुख रास्तों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि जिस समय यह बवाल हो रहा था, उससे करीब 25 किलोमीटर दूर द्रौपदी मुर्मू गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा कर रही थीं। उनकी मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई थी।
फिलहाल, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी स्थानीय लोगों से बातचीत कर हालात सामान्य करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल लोगों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

