देशभर में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और कई राज्यों में भारी बारिश जनजीवन पर असर डाल रही है। महाराष्ट्र, गुजरात, केरल, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में मूसलाधार बारिश के बीच भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने कई इलाकों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। महाराष्ट्र के पालघर जिले के वसई-विरार क्षेत्र में शनिवार को हालात सबसे अधिक गंभीर रहे, जहां लगातार पांच दिनों से हो रही बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया। वहीं हालात को देखते हुए बीएमसी ने स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी कर दी है।
वसई-विरार शहर में शनिवार सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक औसतन 213 मिमी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 231 मिमी वर्षा प्रभाग समिति बी और ई में रिकॉर्ड हुई। लगातार बारिश और समुद्र में सुबह 2.68 मीटर तथा दोपहर 3.26 मीटर की हाई टाइड के कारण शहर के कई निचले इलाके जलमग्न हो गए। विरार के ग्लोबल सिटी, पुष्पानगर, मधुबन स्मार्ट सिटी, बोळींज रोड और चंदनसार, नालासोपारा के स्टेशन रोड, तुलिंज रोड, विजय नगर तथा वसई के देवतलाव, अर्नाला रोड, सातीवली, एवरशाइन सहित अनेक इलाकों में घुटनों से लेकर कमर तक पानी भर गया। कई आवासीय सोसायटियों के भूतल स्थित घरों और दुकानों में पानी घुसने से लोगों को भारी आर्थिक नुकसान और परेशानी का सामना करना पड़ा।
रेलवे ट्रैक पर भरा पानी, कुछ ट्रेनें देरी से चलीं
लगातार बारिश के कारण नालासोपारा और वसई के बीच रेलवे ट्रैक पर भी पानी भर गया, जिससे कुछ समय के लिए लोकल ट्रेनें 20 से 25 मिनट की देरी से चलीं। हालांकि बाद में स्थिति नियंत्रित कर ली गई। नायगांव, चिंचोटी और कामण-भिवंडी मार्ग सहित कई प्रमुख सड़कों पर जलभराव से यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा।
वसई-विरार महानगरपालिका, अग्निशमन विभाग, आपदा प्रबंधन टीम और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाया। महानगरपालिका आयुक्त पृथ्वीराज बीपी के मार्गदर्शन और प्रमुख अग्निशमन अधिकारी रोहन मोरे के नेतृत्व में अब तक 222 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इनमें राजावली से 100, मधुबन से 41, निर्मल से 30 तथा अन्य प्रभावित इलाकों से लोगों को निकाला गया। वहीं, राजावली वाघराळपाड़ा क्षेत्र में बाढ़ के पानी में लापता 55 वर्षीय व्यक्ति की तलाश जारी है। पालघर जिले में बाढ़ के दौरान एक छह वर्षीय बच्चे की मौत की भी सूचना है।

हालात की गंभीरता को देखते हुए वसई-विरार के महापौर अजीव पाटिल, महानगरपालिका आयुक्त पृथ्वीराज बीपी, पालघर की जिलाधिकारी इंदुराणी जाखड़ और अन्य वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
लंबी दूरी की ट्रेन सेवाएं लगभग सामान्य रहीं
दूसरी ओर, मुंबई में भारी बारिश के बावजूद पश्चिम रेलवे की उपनगरीय और लंबी दूरी की ट्रेन सेवाएं लगभग सामान्य रहीं। पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने बताया कि मानसून से पहले माइक्रो टनलिंग, नए ड्रेनेज सिस्टम, नालों की सफाई, कीचड़ हटाने और हाई कैपेसिटी पंप लगाने जैसे व्यापक कार्य किए गए थे। इसके अलावा संवेदनशील स्थानों पर इंजीनियरिंग, सिग्नलिंग और ट्रैक मेंटेनेंस स्टाफ की विशेष तैनाती की गई थी। इसी तैयारी की वजह से बोरीवली से विरार के बीच 200 से 250 मिमी तक बारिश होने के बावजूद रेल परिचालन बाधित नहीं हुआ और अधिकांश लोकल सेवाएं सुचारु रूप से चलती रहीं।
मौसम विभाग ने क्या कहा?
इस बीच गुजरात में भी बारिश ने तबाही मचाई है। जूनागढ़ में कई इलाकों में चार फीट तक पानी भर गया, जबकि नवसारी में अंबिका नदी पर बने पुल के बीच गहरा गड्ढा बनने से 11 गांवों का संपर्क टूट गया। मौसम विभाग ने मछुआरों को 8 जुलाई तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के अनुसार, महाराष्ट्र, केरल, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। वहीं दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड सहित 13 राज्यों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर प्रदेश के 28 जिलों में 6 जुलाई के लिए बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट लागू है। मौसम विभाग ने लोगों से स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
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