नई दिल्ली: भारत सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि को नया चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) नियुक्त किया है। लेफ्टिनेंट सुब्रमणि, वर्तमान सेना प्रमुख जनरल अनिल चौहान की जगह संभालेंगे, जिनका कार्यकाल 30 मई को समाप्त हो रहा है।
नए सीडीएस लेफ्टिनेंट सुब्रमणि पदभार ग्रहण करने के दिन से ही भारत सरकार के सैन्य मामलों के विभाग के सचिव के रूप में भी कार्यभार संभालेंगे। इसी बीच, सरकार ने यह भी घोषणा की है कि वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन भी नए नौसेना प्रमुख के रूप में पदभार ग्रहण करेंगे। दोनों नियुक्तियों के आदेश शनिवार को जारी किए गए।
कौन हैं लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि?
लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि फिलहाल राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के रूप में कार्यरत हैं। इससे पहले वे 1 जुलाई 2024 से 31 जुलाई 2025 तक से सेना के उप प्रमुख (वाइस चीफ) की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। वे 31 जुलाई, 2025 को इसी पद से रिटायर हुए थे और पिछले अगस्त में उन्हें मौजूदा पद पर नियुक्त किया गया था।
सैन्य करियर में 39 वर्षों से अधिक का समय गुजार चुके सुब्रमणि राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड़कवासला और भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून के छात्र रहे हैं। उन्होंने दिसंबर 1985 में गढ़वाल राइफल्स में कमीशन प्राप्त किया था।
वे जॉइंट सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज और नेशनल डिफेंस कॉलेज के भी पूर्व छात्र हैं। उन्होंने किंग्स कॉलेज लंदन से मास्टर ऑफ आर्ट्स और मद्रास विश्वविद्यालय से डिफेंस स्टडीज में एमफिल की उपाधि प्राप्त की हुई है।
कौन हैं नए नेवी चीफ?
नौसेना के वाइस चीफ के रूप में कार्य कर चुके वाइस एडमिरल स्वामीनाथन खड़कवासला स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी; यूनाइटेड किंगडम के श्रीवेनहम के ज्वाइंट सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, करंजा स्थित कॉलेज ऑफ नेवल वॉरफेयर और अमेरिका के नेवल वॉर कॉलेज के छात्र रह चुके हैं।
1 जुलाई, 1987 को भारतीय नौसेना में कमीशन प्राप्त करने वाले स्वामीनाथन संचार और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर के विशेषज्ञ हैं। अपने करियर के दौरान, उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। इनमें कार्मिक प्रमुख, कार्मिक सेवा नियंत्रक और मुंबई स्थित पश्चिमी नौसेना कमान के चीफ ऑफ स्टाफ जैसे पद शामिल हैं।
इससे पहले उन्हें मिसाइल पोत आईएनएस विद्युत और आईएनएस विनाश, मिसाइल कोरवेट आईएनएस कुलिश, गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर आईएनएस मैसूर और आईएनएस विक्रमादित्य का नेतृत्व करने के लिए भी नियुक्त किया गया था।
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