पटनाः चर्चित शिक्षक फैजल खान उर्फ खान सर के कोचिंग संस्थान के बाहर हुई कथित फायरिंग और झड़प के मामले में ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान के संचालक रोशन आनंद को बड़ी राहत मिली है। पटना सिविल कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई के बाद उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली। हालांकि, यह राहत ऐसे समय में मिली है जब उनके छोटे भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।
पटना सिविल कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष के बीच लंबी बहस हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने रोशन आनंद को बेल पर रिहा करने का आदेश दिया। रोशन आनंद पिछले कुछ समय से न्यायिक हिरासत में थे।
रोशन आनंद के वकील ने क्या कहा?
रोशन आनंद की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता रमाकांत शर्मा ने कहा कि मामले में पुलिस ने अनावश्यक रूप से गंभीर धाराएं लगाई हैं। उनका तर्क था कि हत्या के प्रयास से जुड़ी धारा 307 लगाई गई, जबकि घटना में किसी को गंभीर चोट नहीं आई थी। उन्होंने यह भी कहा कि एफआईआर में सुरक्षा गार्डों द्वारा फायरिंग का जिक्र है, इसलिए यह मामला किसी संगठित अपराध से ज्यादा कोचिंग संस्थानों के बीच विवाद का प्रतीत होता है।
यह मामला 2 जून को खान सर के कोचिंग संस्थान के बाहर हुई कथित फायरिंग और झड़प से जुड़ा है। घटना के बाद दर्ज एफआईआर में रोशन आनंद के साथ उनके भाई प्रिंस यादव को भी नामजद किया गया था।
खान ग्लोबल स्टडीज के मैनेजर कन्हैया कुमार सिंह द्वारा कदमकुआं थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि रात करीब 10:10 बजे ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रोशन आनंद के कहने पर उनके भाई प्रिंस यादव, अभिषेक, रौशन, गौरव और 15-20 अन्य युवक कोचिंग संस्थान के गेट पर पहुंचे। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट की, जिसमें वह घायल हो गया। इसके बाद कोचिंग परिसर के बाहर तोड़फोड़ की गई और खान सर की तस्वीर, बोर्ड तथा बैरिकेडिंग को नुकसान पहुंचाया गया।
प्राथमिकी में यह भी दावा किया गया था कि हाल ही में घोषित बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के परिणाम में खान ग्लोबल स्टडीज के अधिक छात्रों के चयन से प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थान में नाराजगी थी। इसी रंजिश के चलते घटना को अंजाम दिए जाने का आरोप लगाया गया। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा था कि जाते समय आरोपियों ने कोचिंग संस्थान को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
रोशन आनंद के भाई की नेपाल में मौत
इसी बीच प्रिंस यादव की नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, एफआईआर दर्ज होने के बाद प्रिंस अपने कुछ दोस्तों के साथ नेपाल में रह रहे थे। नेपाल पुलिस ने मामले में पांच लोगों को हिरासत में लिया है और जांच जारी है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक प्रिंस के शरीर और आंख के आसपास चोट के निशान पाए गए हैं। वहीं नेपाल पुलिस का कहना है कि प्रिंस मिर्गी (एपिलेप्सी) की दवा लेते थे और उनके कमरे से संबंधित दवाएं भी बरामद हुई हैं। हालांकि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
प्रिंस यादव के चाचा मनोज सिंह ने बताया कि परिवार को उनकी मौत की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए मिली। उन्होंने कहा कि मौत कैसे हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन विराटनगर के एक होटल से संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने की सूचना ने परिवार को झकझोर दिया है।
पोस्टमार्टम के बाद नेपाल पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया, जिसके बाद परिवार शव लेकर बिहार के सहरसा पहुंचा। प्रिंस के अंतिम संस्कार की तैयारी की गई। बताया जा रहा है कि रोशन आनंद को जमानत मिलने के बाद वह भी सहरसा पहुंचकर अपने छोटे भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे।
प्रिंस की मौत के बाद परिवार गहरे सदमे में है। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है। उनका कहना है कि सामने आई कुछ तस्वीरों में शरीर पर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं, जिससे मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
तेजस्वी यादव ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की
इस बीच बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने भी मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि रोशन आनंद के भाई की संदिग्ध मौत या हत्या की सभी पहलुओं से जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कोचिंग जगत में हाल के विवादों को शिक्षा क्षेत्र के लिए चिंताजनक बताते हुए बिहार सरकार और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
उधर, प्रिंस यादव की मौत का असर परिवार के निजी जीवन पर भी पड़ा है। परिवार के अनुसार, रोशन आनंद की चचेरी बहन की 29 जून को होने वाली शादी फिलहाल टाल दी गई है। घर में उत्सव का माहौल मातम में बदल गया है और परिजन लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं।
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समाचार एजेंसी आईएएनएस इनपुट

