Home भारत जम्मू-कश्मीर: कठुआ में देखा गया पाकिस्तानी ड्रोन, हाई अलर्ट पर सुरक्षा बल;...

जम्मू-कश्मीर: कठुआ में देखा गया पाकिस्तानी ड्रोन, हाई अलर्ट पर सुरक्षा बल; तलाशी अभियान जारी

jammu kashmir pakistani drone seen in kathua security forces on high alert search op continue, जम्मू-कश्मीर
फोटोः समाचार एजेंसी आईएएनएस

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में मंगलवार (4 अगस्त) को भारत-पाक की सीमा पर एक पाकिस्तानी ड्रोन देखा गया। इसके बाद सुरक्षाबल हाई अलर्ट पर हैं और आतंकवाद विरोधी तलाशी अभियान जारी है।

यह घटनाक्रम भारत के लिए चिंता की स्थिति पैदा करता है क्योंकि इससे पहले ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि पाकिस्तान सीमा पर भारत के सामने अपनी सैन्य स्थिति को मजबूत कर रहा है।

जम्मू-कश्मीर के कठुआ में देखा गया पाकिस्तानी ड्रोन

यह घटना 4 अगस्त दोपहर करीब 2 बजे की है। जब पाकिस्तानी ड्रोन को कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर के बोबियान क्षेत्र में स्थित कुछ गांवों के ऊपर से उड़ते देखा गया। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के सैनिकों ने इस ड्रोन को गिराने के लिए तुरंत कार्रवाई शुरू की। ड्रोन हालांकि काफी ऊंचाई पर मौजूद था और वापस लौटने में सफल रहा।

इसके बाद बीएसएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने व्यापक रूप से तलाशी अभियान चलाया है। यह अभियान इस जांच में जुटा है कि ड्रोन ने किसी तरह के हथियार, विस्फोटक सामग्री तो नहीं गिराई है। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, यह अभियान अभी भी जारी है।

सेना को खुफिया जानकारी के आधार पर पुंछ जिले में दो संदिग्ध आतंकवादियों के समूहों की सूचना मिली है। सुरक्षाबलों ने इसके बाद पुंछ में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया और गांवों में बड़े पैमाने पर घेराबंदी और तलाशी अभियान जारी है।

समाचार एजेंसी आईएएनएस ने अधिकारियों के हवाले से लिखा कि जिले के दूरदराज के सुरनकोट इलाके में दो जगहों पर संदिग्ध आतंकवादियों की हलचल की जानकारी मिलने के बाद संयुक्त बलों ने ऑपरेशन शुरू किया।

जानकारी मिलने के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप के जवानों ने राष्ट्रीय राइफल्स के सैनिकों की मदद से धारा सांगला, गुर्जर नार और खेरोवाली ढोक इलाकों के साथ-साथ आसपास के जंगली गांवों में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया।

अधिकारियों ने बताया कि घने जंगल वाले इलाके में ऑपरेशन जारी है। हालांकि अब तक संदिग्ध आतंकवादियों के साथ कोई संपर्क या गोलीबारी नहीं हुई है। अधिकारियों ने कहा, “आतंकवादियों का पता लगाने के लिए एक व्यवस्थित ऑपरेशन चलाया जा रहा है।”

सीमा पर बरामद हुआ मोर्टार का गोला

इस बीच एक और घटना में मंगलवार सुबह कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास एक घर के आंगन से जंग लगा हुआ पुराना मोर्टार शेल मिला।

अधिकारियों ने बताया कि बिना फटा हुआ शेल तब मिला जब कट्टल-ब्राह्मणा गांव में सुभाष चंद्र के घर पर खुदाई का काम कर रहे मजदूरों की नजर उस संदिग्ध चीज पर पड़ी और उन्होंने तुरंत अधिकारियों को सूचित किया। उन्होंने बताया कि पुलिस की एक टीम जिसके साथ बम निरोधक दस्ता भी था मौके पर पहुंची और इलाके को सुरक्षित किया।

बिना फटे मोर्टार शेल, जिन्हें अक्सर ‘अनएक्सप्लोडेड ऑर्डनेंस’ कहा जाता है। कई ऐतिहासिक और रणनीतिक कारणों से केंद्र शासित प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में अक्सर मिलते रहते हैं।

indian army, जम्मू-कश्मीर
फोटोः आईएएनएस

नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास बसे सीमावर्ती गांवों ने दशकों तक सैन्य टकराव और संघर्ष विराम उल्लंघन देखे हैं। भारी तोपखाने की गोलाबारी के दौरान हजारों मोर्टार शेल दागे जाते हैं।

इनमें से काफी संख्या में शेल यांत्रिक खराबी, नरम जमीन या फ्यूज फेल होने के कारण गिरने पर फट नहीं पाते हैं।

पुंछ, कुपवाड़ा और राजौरी जैसे इलाकों में सीमावर्ती जमीन बहुत पहाड़ी, जंगली और दलदली है। जब कोई मोर्टार शेल कीचड़, घनी वनस्पति या नरम कृषि योग्य मिट्टी में गिरता है तो गिरने से लगने वाला झटका कम हो जाता है। जिससे अक्सर फ्यूज सक्रिय नहीं हो पाता और धमाका नहीं होता। समय के साथ ये सक्रिय शेल गाद या झाड़ियों के नीचे दब जाते हैं।

बीते दिनों भी देखी गईं ड्रोन की घटनाएं

भारत के लिए मौजूदा हालात को देखते हुए चिंता बढ़ी है क्योंकि हाल के दिनों में राजौरी जिले में भी एक पाकिस्तानी ड्रोन देखा गया था। सुरक्षाबलों ने इसके बाद तलाशी अभियान चलाया था लेकिन उन्हें कुछ खास नहीं मिला था।

वहीं, जून में भी सेना के जवानों ने बालाकोट सेक्टर में ड्रोन देखा था और गोलीबारी की थी जिससे यह पीओके क्षेत्र में पीछे वापस लौट गया था।

बताते चलें कि हाल ही में जम्मू-कश्मीर में दो आतंकी घटनाएं भी देखने को मिली हैं। 22 जुलाई को अनंतनाग में एक आतंकी हमला हुआ जिसमें जम्मू-कश्मीर पुलिस के हेड कांस्टेबल अशिक हुसैन कुरैशी की मौत हो गई थी।

वहीं, 31 जुलाई की शाम को कुलगाम में भी एक आतंकी हमला हुआ जिसमें छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की मौत हो गई। ऐसे में इन हमलों और ड्रोन की घटनाओं ने एक बार फिर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

यह भी पढ़ें – खबरों से आगे: दक्षिण कश्मीर में पखवाड़े भर में हुए दो आतंकी हमले क्या संकेत दे रहे हैं?

author avatar
अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version