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निजार अमेदी चुने गए इराक के नए राष्ट्रपति, अब सरकार गठन और ‘पीएम’ पद पर टिकी नजरें

बगदाद में आयोजित इस विशेष सत्र में 329 सदस्यीय संसद के लगभग 250 सांसदों ने हिस्सा लिया। पैट्रियॉटिक यूनियन ऑफ कुर्दिस्तान (पीयूके) के उम्मीदवार निज़ार अमेदी ने दूसरे दौर के रन-ऑफ मतदान में 227 वोट हासिल किए।

इराकी संसद ने शनिवार को पूर्व पर्यावरण मंत्री निजार अमेदी को देश का नया राष्ट्रपति चुन लिया है। अमेदी की यह जीत नवंबर 2025 से जारी राजनीतिक अनिश्चितता और गतिरोध के अंत का संकेत है। अब सबकी निगाहें अगले प्रधानमंत्री के चयन पर टिकी हैं, जिसके लिए संवैधानिक प्रक्रिया शुरू हो गई है।

बगदाद में आयोजित इस विशेष सत्र में 329 सदस्यीय संसद के लगभग 250 सांसदों ने हिस्सा लिया। पैट्रियॉटिक यूनियन ऑफ कुर्दिस्तान (पीयूके) के उम्मीदवार निज़ार अमेदी ने दूसरे दौर के रन-ऑफ मतदान में 227 वोट हासिल किए। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी मुथन्ना अमीन नादेर को करारी शिकस्त दी, जिन्हें मात्र 15 वोट मिले। अमेदी ने मौजूदा विदेश मंत्री फुआद हुसैन जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़कर यह पद हासिल किया है। चुनाव के बाद उन्होंने आधिकारिक रूप से पद की शपथ ली।

कौन हैं निजार अमेदी?

58 वर्षीय निजार अमेदी एक अनुभवी कुर्द राजनेता और पेशे से इंजीनियर हैं। उत्तरी इराक के दोहुक प्रांत में जन्मे अमेदी 2022 से 2024 तक इराक के पर्यावरण मंत्री रह चुके हैं। 2024 से वे बगदाद में पीयूके के राजनीतिक ब्यूरो के प्रमुख के रूप में कार्य कर रहे थे और पूर्व राष्ट्रपतियों के सलाहकार भी रह चुके हैं। अमेदी का निर्वाचन प्रमुख कुर्द दलों के बीच आम सहमति न बन पाने के कारण काफी समय से टलता आ रहा था, जिसे अब पार कर लिया गया है।

2003 के बाद से इराक में एक विशेष व्यवस्था लागू है, जिसके तहत सत्ता का संतुलन समुदायों के बीच बना रहता है। इसके तहत राष्ट्रपति का पद हमेशा कुर्द समुदाय (निजार अमेदी) के लिए आरक्षित होता है। वहीं, प्रधानमंत्री का चयन शिया समुदाय से किया जाता है और संसद अध्यक्ष का पद सुन्नी समुदाय के पास होता है, जिस पर वर्तमान में हैबत अल-हल्बूसी काबिज हैं। यह व्यवस्था इराक के विभिन्न जातीय और धार्मिक समूहों के बीच प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है।

सरकार गठन के लिए 15 दिन का समय

संवैधानिक नियमों के अनुसार, अब राष्ट्रपति अमेदी के पास सबसे बड़े संसदीय ब्लॉक के नेता को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने हेतु 15 दिन का समय है। इराक का सबसे प्रभावशाली शिया ब्लॉक पूर्व प्रधानमंत्री नूरी अल-मलिकी को पीएम पद के लिए नामित करने की तैयारी में है। हालांकि, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जनवरी में स्पष्ट चेतावनी दी थी कि अगर अल-मलिकी के नेतृत्व में सरकार बनती है, तो वाशिंगटन इराक को मिलने वाली महत्वपूर्ण सहायता रोक सकता है।

निजार अमेदी को राष्ट्रपति ऐसे समय में बनाया गया जब इराक, अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष की मार झेल रहा है। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बीच इराक इस संघर्ष के केंद्र में आ गया है, जहां ईरान समर्थित मिलिशिया द्वारा अमेरिकी ठिकानों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले हो रहे हैं। रोचक बात यह है कि इराक में नई सरकार की सुगबुगाहट उसी समय तेज हुई है, जब अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद में शांति वार्ता में थे।

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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