शनिवार, मार्च 21, 2026
होमविश्वIran war: अमेरिका ने ईरान जंग जीत लिया है, हमारे 5 सैन्य...

Iran war: अमेरिका ने ईरान जंग जीत लिया है, हमारे 5 सैन्य उद्देश्य पूरे हो चुके हैंः डोनाल्ड ट्रंप

Iran war: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य कार्रवाई को धीरे-धीरे समाप्त करने के संकेत दिए हैं। शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका मध्य पूर्व में अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के बेहद करीब है।

Iran war: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान में अमेरिका निर्णायक बढ़त हासिल कर चुका है और उसके प्रमुख सैन्य उद्देश्य लगभग पूरे हो चुके हैं। हालांकि जमीनी स्तर पर संघर्ष जारी है और वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति तथा क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर चिंता बनी हुई है।

व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में पत्रकारों से बातचीत और ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट में ट्रंप ने कहा, “हम अपने लक्ष्यों को हासिल करने के बेहद करीब हैं और अब मध्य-पूर्व में ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को समाप्त करने पर विचार कर रहे हैं।” उन्होंने ईरान को ‘आतंकी शासन’ बताते हुए कहा कि सैन्य स्थिति पूरी तरह अमेरिका के पक्ष में है।

ट्रंप ने जीत का दावा करते हुए किन 5 सैन्य उद्देश्यों के करीब पहुंचने की बात कही?

ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है कि हम जीत चुके हैं। हमने उनकी क्षमताओं को खत्म कर दिया है और अब हम पूरी तरह आजादी से काम कर रहे हैं। सैन्य नजरिए से वे समाप्त हो चुके हैं।” हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई देशों ने युद्धविराम की अपील की है, लेकिन ट्रंप ने साफ किया कि फिलहाल अमेरिका इस दिशा में नहीं सोच रहा है।

F-35 Fighter Jet: अमेरिका के सबसे एडवांस लड़ाकू विमान को ईरान ने कैसे मारा? क्यों हो रही इसकी इतनी चर्चा

ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका का पहला लक्ष्य ईरान की मिसाइल क्षमता और लॉन्च सिस्टम को पूरी तरह निष्क्रिय करना था, जबकि दूसरा उद्देश्य उसके रक्षा औद्योगिक ढांचे को नष्ट करना रहा। तीसरे लक्ष्य के तहत ईरान की नौसेना, वायुसेना और एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम को खत्म करने की रणनीति अपनाई गई। चौथे उद्देश्य में ईरान को किसी भी हाल में परमाणु क्षमता हासिल करने से रोकना शामिल है, जबकि पांचवां लक्ष्य मध्य-पूर्व में अपने सहयोगी देशों- इजराइल, सऊदी अरब, कतर, यूएई, बहरीन और कुवैत की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर ट्रंप ने क्या कहा?

ट्रंप ने होर्मुज की सुरक्षा को लेकर कहा कि इस महत्वपूर्ण तेल मार्ग की जिम्मेदारी उन देशों को उठानी चाहिए, जो इसका इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस मार्ग पर निर्भर नहीं है और जरूरत पड़ने पर ही सहयोग करेगा। उन्होंने इसे फिर से खोलने को “आसान सैन्य कदम” बताया, हालांकि इसके लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी बताया।

संघर्ष के बीच इजरायल द्वारा ईरान के अहम गैस फील्ड पर हमले और उसके जवाब में ईरान द्वारा कतर स्थित बड़े एलएनजी प्लांट को निशाना बनाने से वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल मच गई। तेल और गैस की कीमतों में तेज उछाल देखा गया, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ी।

बढ़ते दबाव के बीच ट्रंप ने संकेत दिए कि इजरायल अब ईरानी गैस ठिकानों पर आगे हमला नहीं करेगा, जिससे हालात को काबू में रखने की कोशिश की जा रही है।

ईरान-अमेरिका-इजराइल टकराव के बीच नया खतरा, क्या कट सकता है वैश्विक इंटरनेट नेटवर्क?

व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति और पेंटागन का अनुमान है कि यह सैन्य मिशन 4 से 6 हफ्तों में पूरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि अभियान के तीसरे सप्ताह में ही ईरान की क्षमताओं को काफी हद तक कमजोर कर दिया गया है।

इसी बीच, ईरान ने दावा किया कि उसकी एयर डिफेंस प्रणाली ने एक अमेरिकी एफ-35 स्टील्थ फाइटर को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, विमान को आपात लैंडिंग करनी पड़ी, हालांकि पायलट सुरक्षित है। इस घटना ने यह संकेत दिया है कि तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

तेल बाजार को राहत देने की कोशिश

ऊर्जा संकट के बीच अमेरिका ने पहले से जहाजों में लदे ईरानी तेल पर अस्थायी रूप से प्रतिबंधों में ढील दी है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के अनुसार, इससे वैश्विक बाजार में करीब 140 मिलियन बैरल तेल की अतिरिक्त आपूर्ति होगी, जिससे सप्लाई पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी।

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के सहयोगी देशों को भी क्षेत्रीय सुरक्षा में अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया जैसे देशों से आगे आने की अपील की और नाटो की धीमी प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठाए। 28 फरवरी से शुरू हुए इस संघर्ष में लगातार हमले और जवाबी कार्रवाई जारी है।

अनिल शर्मा
अनिल शर्माhttp://bolebharat.in
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
RELATED ARTICLES

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Most Popular

Recent Comments

डॉ उर्वशी पर शबनम शेख़ की कहानी