वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान के खिलाफ जंग में नरमी दिखाने के बाद कच्चे तेल के दामों में बड़ी गिरावट हुई है। एक समय ये 15 प्रतिशत तक गिरा। हालांकि, फिर इसमें सुधार हुआ। दरअसल, ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने सेना को पांच दिनों तक ईरान के पावर प्लांट और उर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर किसी भी तरह का हमला नहीं करने का आदेश दिया है।
ट्रंप ने साथ ही कहा कि वॉशिंगटन और ईरान ने एक अच्छी बातचीत शुरू की है और पिछले दो दिनों में इसमें प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि हमले नहीं करने का आदेश इसलिए दिया गया है ताकि बातचीत को और जारी रखने का मौका मिल सके। ट्रंप ने दावा किया कि दोनों देशों के बीच मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को पूरी तरह खत्म करने को लेकर गंभीर वार्ता जारी है।
ईरान की ओर से फिलहाल इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन अमेरिका के रुख में नरमी के संकेत मिलते ही कच्चे तेल के दाम में तेजी से गिरावट आई। ट्रंप के बयान के बाद शुरुआत में इंटरनेशनल मार्केट में कारोबारी सत्र के दौरान ब्रेंट क्रूड वायदा करीब 15 फीसदी गिरकर 91 डॉलर प्रति बैरल के सत्र के निचले स्तर पर आ गया था। बाद में यह 99 डॉ़लर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था।
युद्ध के चौथे सप्ताह में प्रवेश करने के बाद पहली बार तनाव कम होने के ठोस संकेत मिले हैं। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर दोनों पक्षों के बीच अच्छी बातचीत की जानकारी दी। इधर ट्रंप के पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरानी सरकारी मीडिया ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ईरान की संभावित जवाबी कार्रवाई के डर से ‘पीछे हट गए।’
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पोस्ट में क्या कहा हैं?
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी एक बयान में लिखा, ‘मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि पिछले दो दिनों में संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच मध्य पूर्व में हमारी शत्रुता के पूर्ण और समग्र समाधान के संबंध में बहुत अच्छी और सार्थक बातचीत हुई है। इन गहन, विस्तृत और रचनात्मक बातचीत के लहजे और स्वरूप के आधार पर, जो पूरे सप्ताह जारी रहेगी, मैंने रक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि चल रही बैठकों और चर्चाओं की सफलता के लिए ईरानी बिजली संयंत्रों और ऊर्जा अवसंरचनाओं के खिलाफ सभी सैन्य हमलों को पांच दिनों के लिए स्थगित कर दिया जाए।’
वहीं, तेहरान की ओर से न तो कोई संकेत मिला कि उसने कोई शर्तें स्वीकार की हैं और न ही इस बात की कोई पुष्टि हुई कि औपचारिक वार्ता वास्तव में चल रही है।
बहरहाल, ट्रंप की यह घोषणा ईरान द्वारा अमेरिकी अल्टीमेटम के जवाब में दी गई नई धमकियाँ जारी करने के कुछ ही घंटों बाद आई है। ईरान ने सोमवार को चेतावनी दी थी कि यदि उनके क्षेत्र पर और हमले हुए तो वे खाड़ी में तैरती हुई नेवल माइन्स बिछा देंगे और पूरे क्षेत्र में बिजली स्टेशनों पर हमला करेंगे। ईरान ने संभावित लक्ष्यों को दर्शाते हुए नक्शे भी जारी किए, जिनमें इजराइल के दो सबसे बड़े बिजली संयंत्र और सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर और कुवैत में स्थित संयंत्र शामिल हैं।
नरमी के बाद कच्चे तेल के दाम में गिरावट
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ईरान के साथ ‘सफल’ वार्ता के ऐलान बाद ब्रेंट क्रूड में 11% से अधिक की गिरावट आई। बाद में इसमें कुछ तेजी आई और शाम 6 बजे तक ये करीब 6.55 प्रतिशत गिरकर 99.86 अमेरिकी डॉलर था। इससे पहले सोमवार सुबह तेल की कीमतों में तेजी से उछाल आया था क्योंकि बाजार अमेरिका द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के मुद्दे पर तेहरान को अल्टीमेटम जारी करने को लेकर सहमा हुआ था। उछाल के बाद ब्रेंट क्रूड 1% बढ़कर 113.32 डॉलर प्रति बैरल हो गया था। जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड लगभग 2.8% बढ़कर 101.01 डॉलर प्रति बैरल हो गया था।
गौरतलब है कि रविवार को ट्रंप की एक पोस्ट ने हंगामा मचा दिया था। ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी ईरान को दी थी। कहा था कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज नहीं खोला गया तो ईरान के बड़े बिजली संयंत्रों को निशाना बनाया जाएगा। इसके जवाब में ईरान ने भी दावा किया कि वो अमेरिकी सहायता से चलने वाले किसी भी संयंत्र को नहीं छोड़ेगा।

