नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में आयोजित आतंकवाद निरोधी सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के ईओडब्ल्यू और एंटी करप्शन ब्यूरो के प्रमुख अमरेश मिश्रा को सम्मानित किया। यह सम्मान आतंकवाद रोधी अभियानों में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया गया। अमरेश मिश्रा के पास रायपुर रेंज के आईजी का दायित्व भी है।
कार्यशैली की हुई सराहना: दिल्ली में एनआईए द्वारा आतंकवाद निरोधी सम्मेलन का आयोजन किया गया। दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान एनआईए में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के समय अमरेश मिश्रा की भूमिका को विशेष रूप से सराहा गया। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अमरेश मिश्रा एनआईए में रहते हुए कई हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच से जुड़े रहे। मिश्रा की कार्यशैली को लेकर उन्हें पहले भी केंद्र सरकार की सराहना मिल चुकी है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटने के बाद उन्हें रायपुर रेंज का आईजी नियुक्त किया गया, साथ ही ईओडब्ल्यू–एसीबी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया।
ड्रग नेटवर्क पर कसी नकेल: रायपुर रेंज में ड्रग तस्करी के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की गई है। विशेष अभियानों में अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ कर MDMA, हेरोइन और अन्य नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं। NDPS एक्ट की सख्त धाराओं में प्रकरण दर्ज कर पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।
प्रदेश के बड़े अधिकारियों पर भी हुई कार्रवाई: अमरेश मिश्रा के नेतृत्व में आय से अधिक संपत्ति मामलों में एजेंसी ने सख्त रुख अपनाया। आईएएस और आईएफएस अधिकारियों सहित कई प्रभावशाली नामों पर कार्रवाई की गई है। सौम्या चौरसिया प्रकरण को अब तक की सबसे बड़ी जांच माना जा रहा है, जिसमें ज्ञात आय से अधिक संपत्ति का खुलासा हुआ।

