देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन इंडिगो में जारी संकट छठे दिन भी थम नहीं सका। रविवार को भी इंडिगो की 350 से ज्यादा फ्लाइट कैंसिल हो चुकी हैं। इनमें हैदराबाद, भोपाल, मुंबई, त्रिची से जाने वाली फ्लाइट्स शामिल हैं। एयरलाइन ने इससे पहले शुक्रवार को लगभग 1600 फ्लाइट और शनिवार को लगभग 800 फ्लाइट कैंसिल की थीं।
चेन्नई एयरपोर्ट पर रविवार इंडिगो की करीब 100 उड़ानें रद्द रहीं जिससे भारी अव्यवस्था फैल गई और सैकड़ों यात्री फंस गए। कई लोग आखिरी समय पर वैकल्पिक उड़ानों, रिफंड और रीबुकिंग के लिए काउंटरों पर जुटे रहे। जबकि इंडिगो ने शनिवार दावा किया था कि उसने 95% रूट पर फ्लाइट ऑपरेशन नॉर्मल कर दिया है।
इंडिगो कई व्यस्त रूटों पर प्रमुख ऑपरेटर है, जिसके कारण बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द होते ही दूसरे एयरलाइनों में किराये अचानक बढ़ गए। कई यात्रियों ने शिकायत की कि रद्दीकरण की सूचना उन्हें तभी मिली जब वे एयरपोर्ट पहुंच चुके थे। बुजुर्गों, बच्चों और परिवारों के साथ सफर करने वालों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई।
उधर, टिकट कीमतों में अचानक आई जबरदस्त बढ़ोतरी को देखते हुए केंद्र सरकार ने घरेलू किरायों पर देशव्यापी कैप लगाया है। रूट की दूरी के हिसाब से नई सीमा 7,500 रुपये से 18,000 रुपये के बीच तय की गई है।
कर्मचारियों की कमी और नए सुरक्षा नियमों से बिगड़ा संचालन
संकट की जड़ सख्त ड्यूटी-टाइम नियमों के लागू होने के बाद पैदा हुई स्टाफ की भारी कमी है। नई सुरक्षा गाइडलाइनों के बाद इंडिगो अपनी निर्धारित उड़ानों के लिए पर्याप्त पायलट और केबिन क्रू नहीं जुटा पाई, जिसके चलते छह दिनों से लगातार उड़ानें रद्द हो रही हैं। पिछले पांच दिनों में देशभर में 2,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द होने की खबर है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी प्रभावित हुई हैं।
संकट बढ़ने के बाद मामला संसद तक पहुंचा, जिसके बाद केंद्र सरकार ने अस्थायी तौर पर क्रू ड्यूटी-टाइम नियमों में ढील देने का फैसला किया है। सरकार ने दावा किया है कि अगले 24 घंटे में हालात कुछ हद तक सामान्य होने लगेंगे और तीन दिनों में ऑपरेशंस पूरी तरह पटरी पर आ सकते हैं।
डीजीसीए ने इंडिगो CEO को भेजा नोटिस
लगातार गड़बड़ी के बीच नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स को शो-कॉज नोटिस जारी किया है। डीजीसीए ने उनसे 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है कि बड़े पैमाने पर उड़ान रद्द होने, देरी और अव्यवस्था को लेकर कार्रवाई क्यों न की जाए।
नोटिस में कहा गया है कि इतने बड़े पैमाने पर संचालन ठप होने से स्पष्ट होता है कि एयरलाइन में प्लानिंग, निगरानी और संसाधन प्रबंधन में गंभीर चूक हुई है। थकान प्रबंधन संबंधी नियमों (Aircraft Rules 1937 के नियम 42A और संबंधित CAR) के पालन में भी लापरवाही पाई गई है।
डीजीसीए ने संचालन में भारी अव्यवस्था और यात्रियों को कठिनाई और परेशानी पहुंचने का भी उल्लेख किया है। वहीं, सीईओ एल्बर्स ने एक वीडियो संदेश में कहा कि कंपनी के आकार और संचालन की जटिलता को देखते हुए सामान्य स्थिति लौटने में 10 से 15 दिसंबर तक का समय लग सकता है।
कहां-कहां कितनी उड़ानें रद्द हुईं
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दिल्ली एयरपोर्ट पर रविवार को 109 उड़ानें रद्द की गईं। इनमें 59 प्रस्थान उड़ानें और 50 आगमन उड़ानें शामिल हैं। दिल्ली एयरपोर्ट से आए दृश्य बताते हैं कि टर्मिनल परिसर में हजारों बैग बिखरे पड़े हैं और यात्री बेहद परेशान हैं।
मुंबई एयरपोर्ट पर भी स्थिति गंभीर रही। यहां रविवार को 112 उड़ानें रद्द हुईं, जिनमें 56 प्रस्थान और 56 आगमन उड़ानें थीं।
त्रिची एयरपोर्ट से मिले आंकड़ों के मुताबिक अब तक 11 उड़ानें रद्द की गई हैं। इनमें 5 घरेलू आगमन और 6 घरेलू प्रस्थान उड़ानें शामिल हैं।
बेंगलुरु के केंपेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी बड़ी संख्या में उड़ानें प्रभावित हुईं। रविवार को यहां से रवाना होने वाली 61 उड़ानें रद्द हो गईं। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, 30 उड़ानें उड़ान भरने के लिए निर्धारित थीं पर उन्हें भी रोक दिया गया।
रविवार को हैदराबाद से सर्वाधिक 115 उड़ानें रद्द हुईं, जबकि चंडीगढ़ से 3 उड़ानें रद्द की गईं। सबसे ज़्यादा रद्दीकरण हैदराबाद से होने के कारण वहाँ बड़ी संख्या में यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी।
नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन ने क्या कहा?
नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने कहा है कि इंडिगो की जांच जारी है और जरूरत पड़ने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मंत्रालय ने इस मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम भी गठित की है।
राममोहन नायडू ने रविवार साफ किया है कि सरकार हालात पर लगातार नजर रखे हुए है और एयरलाइन के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यात्रियों को राहत देने और हालात सामान्य करने के लिए तुरंत कदम उठाए गए हैं।
मंत्री ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि इंडिगो को रविवार रात 8 बजे तक सभी रिफंड प्रोसेस करने और 48 घंटे के भीतर बैगेज क्लेम रिक्वेस्ट निपटाने का निर्देश दिया गया है। उनका कहना है कि मंत्रालय का पहला फोकस यात्रियों की दिक्कतें कम करना है।
नायडू ने बताया कि मंत्रालय पिछले तीन दिनों से लगातार एयरलाइन, एयरपोर्ट ऑपरेटरों और बाकी हितधारकों के साथ समन्वय कर रहा है। ज्यादातर एयरपोर्ट पर ऑपरेशन अब सामान्य हो चुके हैं, जबकि इंडिगो ने अस्थायी रूप से अपने कुछ उड़ानें कम की हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने किराए को लेकर भी एडवाइजरी जारी की है, ताकि हवाई किराया अनुचित रूप से न बढ़े। साथ ही बैगेज और रिफंड से जुड़े सभी मामलों को तय समय सीमा में सुलझाने का निर्देश दिया गया है।
इंडिगो पर क्या कार्रवाई होगी, इस सवाल पर मंत्री ने कहा कि एयरलाइन की विस्तृत जांच चल रही है। मंत्रालय ने इसके लिए चार सदस्यों की एक टीम बनाई है, जो पूरे मामले की समीक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा एविएशन सेक्टर में ‘मोनोपोली’ के आरोप पर नायडू ने कहा कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक, एविएशन इंडस्ट्री तभी मजबूत होती है जब उसमें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा हो। मंत्रालय की कोशिश है कि ज्यादा कंपनियां इस क्षेत्र में आएं और प्रतिस्पर्धा बढ़े।

