अहमदाबाद: आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप के सुपर 8 मुकाबले में रविवार को दक्षिण अफ्रीका से 76 रनों की करारी हार के बाद टीम इंडिया के प्लेइंग-11 को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इस मैच में भी टीम इंडिया के उप-कप्तान अक्षर पटेल को बाहर बैठाने का फैसला लिया गया, जिसे लेकर विवाद हो रहा है। अक्षर पटेल नीदलैंड्स के खिलाफ भारत के आखिरी ग्रुप चरण के मैच में भी बाहर थे। इस बीच सहायक कोच रयान टेन डोएस्केट ने स्वीकार किया कि प्रबंधन ने वाशिंगटन सुंदर को चुनने से पहले कई दिनों तक इस पर विचार-विमर्श किया था।
फैंस और कुछ क्रिकेट एक्सपर्ट का भी मानना है कि ये एक ऐसा फैसला था जो बुरी तरह विफल साबित हुआ। सुपर-8 जैसे अहम चरण के पहले मुकाबले में भारत 188 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 111 रनों पर ढेर हो गया। आलम ये हुआ कि टी20 विश्व कप के इतिहास में भारत को अपनी सबसे बड़ी हार झेलनी पड़ी। साथ ही आईसीसी के उजले गेंद वाले टूर्नामेंटों में लगातार 18 मैचों में अजेय रहने का टीम इंडिया का शानदार सिलसिला भी टूट गया।
प्लेइंग-11 के चयन में हो गई गलती?
वर्ल्ड कप में अक्षर पटेल को आखिरी ग्रुप चरण वाले मैच यानी नीदरलैंड्स के खिलाफ मुकाबले में बाहर बैठाया गया। इससे पहले वो तीन मुकाबलों में टीम का हिस्सा थे। इस दौरान उन्होंने तीनों मैचों में 2-2 विकेट भी चटकाए। हालांकि नीदरलैंड्स के खिलाफ मैच में उनकी जगह वॉशिंगटन सुंदर को मौका दिया गया, लेकिन इसमें उन्हें कुछ खास करने का मौका नहीं मिला था। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी सुंदर को गेंदबाजी के लिए दो ओवर ही मिले जिसमें उन्होंने 17 दिए और कोई सफलता नहीं मिली। वहीं, बल्लेबाजी में थर्ड डाउन के बाद उतरे सुंदर 11 गेंदों पर महज 11 रन बना सके।
बहरहाल, टीम चयन पर छिड़ी बहस के बीच रविचंद्रन अश्विन ने इस पर अपनी राय खुलकर रखी है। पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनर ने अहमदाबाद में 76 रनों की करारी हार के बाद उप-कप्तान अक्षर पटेल को टीम से बाहर रखने के फैसले पर सवाल उठाए हैं।
अपने यूट्यूब चैनल पर बोलते हुए, अश्विन ने जोर दिया कि भारत को आईसीसी के इतने महत्वपूर्ण मैच में स्थिरता पर अधिक ध्यान देना चाहिए था, न कि रणनीति के नाम पर इस तरह का जल्दबाजी में फैसला लेना चाहिए था। एक्स पर भी कई फैंस ने अक्षर पटेल को बाहर रखे जाने पर नाराजगी जताई है।
टीम मैनेजमेंट की ओर से क्या बयान आया?
प्लेइंग-11 के चयन को लेकर शुरू हुए विवाद के बीच चुप्पी तोड़ते हुए टेन डोएस्केट ने बताया कि यह फैसला कितना मुश्किल था। उन्होंने कहा, ‘हां, हमने पिछले कुछ दिनों में प्लेइंग इलेवन पर काफी विचार-विमर्श किया। और मुझे लगता है कि अगर क्विंटन और रिकेल्टन के जल्दी आउट होने जैसी आदर्श शुरुआत बल्लेबाजी में भी होती, तो शायद यही हमारे पक्ष में नहीं जाता।’
उन्होंने बताने की कोशिश कि यह फैसला (अक्षर पटेल की जगह वाशिंगटन सुंदर) पूरी तरह से रणनीतिक कारणों से लिया गया था। टेन ने कहा, ‘हम बीच के ओवरों में बल्लेबाजों के तालमेल पर ज्यादा ध्यान दे रहे थे। और फिर जाहिर है, किसी न किसी को तो बाहर जाना ही था। तो क्या हम एक बल्लेबाज को बाहर रखकर दूसरे गेंदबाज को मौका दें? अब पीछे मुड़कर देखें तो यह सही फैसला लगता है।’
सहायक कोच ने कहा, ‘लेकिन भविष्य की योजना बनाते हुए और उस समय लिए गए निर्णयों के आधार पर, हमें लगा कि हमें रिंकू को आठवें बल्लेबाज के रूप में जरूरत है। और यह निर्णय इसी बात को ध्यान में रखकर लिया गया था।’
भारत ने सुंदर को उनकी पावरप्ले में गेंदबाजी क्षमता और बल्लेबाजी में लचीलेपन के कारण चुना, हालांकि अक्षर को टीम के सबसे भरोसेमंद ऑलराउंडरों में से एक माना जाता है। टेन डोएस्केट ने जोर देकर कहा, ‘निश्चित रूप से, इसका मतलब अक्षर और उनके नेतृत्व और टीम के लिए उनके महत्व को कम आंकना नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘हमें लगभग हर हफ्ते 11 जगहों को फिट करने की चुनौती का सामना करना पड़ता है। हमें यह मुश्किल लग रहा है, और हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि अगले दो मैचों के लिए हमें सही जगह मिल जाए।’
सहायक कोच ने स्वीकार किया कि योजना दक्षिण अफ्रीका के बाएं हाथ के बल्लेबाजों से भरे मध्य क्रम का मुकाबला करने के लिए बनाई गई थी। उन्होंने कहा, ‘इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि हमें लगा था कि अधिकांश खतरा बाएं हाथ के बल्लेबाजों से आएगा, और हम अतिरिक्त बल्लेबाज खिलाना चाहते थे, हमारे पास वाशिंगटन और अक्षर के बीच एक ही विकल्प बचा था, और आज हमने वाशी को चुनने का फैसला किया।’
टेन ने माना कि सुंदर ने पावरप्ले में योजना के मुताबिक गेंदबाजी नहीं की, इसलिए स्थिति और भी खराब दिखी। सहायक कोच ने कहा, ‘उन्होंने आज रात पावरप्ले में गेंदबाजी नहीं की, इसलिए ऐसा लग रहा है कि हमने सिर्फ इस बात पर ध्यान दिया है कि बीच के ओवरों में कौन गेंदबाजी करेगा, ऐसे में आप अक्षर को चुनेंगे। लेकिन रणनीति इसी के इर्द-गिर्द थी।’
आलोचना के बावजूद, टेन डोएस्केट ने उम्मीद जताई कि अक्षर इस फैसले को समझेंगे। उन्होंने कहा, ‘इस तरह के टूर्नामेंट में, आप सभी खिलाड़ियों से यह उम्मीद करते हैं कि वे समझें कि अच्छी मंशा मैच जीतने के लिए सर्वश्रेष्ठ 11 खिलाड़ियों को चुनने की है, और मुझे उम्मीद है कि अक्षर भी इसे इसी भावना से लेंगे।’

