Saturday, November 29, 2025
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GDP Growth: दूसरी तिमाही की जीडीपी के आंकड़ों के सामने सभी अनुमान फेल, 8.2% की रफ्तार से बढ़ी भारतीय अर्थव्यवस्था

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में जीडीपी का 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ना हमारी सरकार की विकास केंद्रित नीतियों के प्रभाव को दिखाता है।

नई दिल्ली: भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वित्त वर्ष-26 की दूसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर) में 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ा है। एक ओर जहां ये पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की विकास दर 5.6 प्रतिशत से कहीं अधिक है तो वहीं दूसरी ओर ये पिछले छह तिमाहियों में भी उच्चतम स्तर है। विश्लेषकों ने वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही में 7% से 7.5% के बीच आर्थिक वृद्धि का अनुमान लगाया था। ऐसे में भारतीय अर्थव्यवस्था में यह वृद्धि अनुमानों से कहीं अधिक है। इस आंकड़े ने साबित किया है कि भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनी हुई है।

सितंबर 2024 तिमाही (वित्त वर्ष 25 की दूसरी तिमाही) में भारतीय अर्थव्यवस्था 5.6% की दर से बढ़ी थी, जो सात तिमाहियों का निचला स्तर था, और पिछली तिमाही (वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही) में ये बढ़ कर 7.8% तक पहुँच गई। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने 28 नवंबर को एक बयान में कहा, ‘वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में वास्तविक जीडीपी या स्थिर मूल्यों पर जीडीपी 48.63 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही में 44.94 लाख करोड़ रुपये थी, जो 8.2% की वृद्धि दर दर्शाती है।’

इससे वित्त वर्ष 26 की पहली छमाही में विकास दर 8 प्रतिशत की हो गई है, जो कि वित्त वर्ष 25 की पहली छमाही में 6.1 प्रतिशत थी। मंत्रालय ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर अवधि में देश की नॉमिनल जीडीपी में 8.7 प्रतिशत की दर से इजाफा हुआ है।

दूसरी तिमाही में किस सेक्टर में दिखी तेज वृद्धि?

आंकड़े बताते हैं कि वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में विनिर्माण क्षेत्र में 9.1% की आश्चर्यजनक वृद्धि हुई हैं। जबकि कृषि क्षेत्र में 3.5% की वृद्धि हुई। व्यापार, होटल, परिवहन, संचार और प्रसारण से संबंधित सेवाओं में 7.4% की वृद्धि हुई।

इसके अलावा द्वितीयक (8.1%) और तृतीयक क्षेत्र (9.2%) ने वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर को 8.0% से ऊपर पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई है। तृतीयक क्षेत्र में वित्तीय, रियल एस्टेट और व्यावसायिक सेवाओं (10.2%) ने वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में स्थिर मूल्यों पर पर्याप्त वृद्धि दर बनाए रखी है।

कृषि और संबद्ध (3.5%) और बिजली, गैस, जल आपूर्ति और अन्य उपयोगिता सेवा क्षेत्र (4.4%) में वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही के दौरान मध्यम वास्तविक वृद्धि दर रही है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने क्या कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में जीडीपी का 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ना हमारी सरकार की विकास केंद्रित नीतियों के प्रभाव को दिखाता है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा कि यह हमारे लोगों की कड़ी मेहनत और उद्यमशीलता को भी दर्शाता है। हमारी सरकार सुधारों को आगे बढ़ाती रहेगी और प्रत्येक नागरिक के लिए जीवन को आसान बनाने के प्रयासों को और मजबूत करेगी।

वहीं, जीडीपी के मजबूत आंकड़ों पर केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि अर्थव्यवस्था का मजबूत प्रदर्शन पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नीतिगत स्थिरता और निरंतरता का परिणाम है, जो दीर्घकालिक स्थिरता और विकास को बढ़ावा दे रहा है। सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि रियल जीडीपी वृद्धि दर के आठ प्रतिशत से ऊपर निकलने की वजह द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्र का मजबूत प्रदर्शन रहा।

गौरतलब है कि 2024-25 में, भारतीय अर्थव्यवस्था वास्तविक रूप से 6.5 प्रतिशत की दर से बढ़ी। भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 6.5 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि का अनुमान लगाया था। 2023-24 में भारत की जीडीपी में 9.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बनी रही। आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, 2021-22 और 2022-23 में अर्थव्यवस्था क्रमशः 8.7 प्रतिशत और 7.2 प्रतिशत बढ़ी।

इस साल की शुरुआत में वर्ल्ड बैंक ने कहा था कि भारत को 2047 तक विकसित देश बनने की अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए अगले 22 वर्षों में औसतन 7.8 प्रतिशत की दर से विकास करना होगा। हालांकि, विश्व बैंक ने इस बात पर जोर दिया कि वहां तक ​​पहुंचने के लिए सुधारों की आवश्यकता होगी और उनका कार्यान्वयन लक्ष्य जितना ही महत्वाकांक्षी होना चाहिए।

साल 2013 में भारत को ‘नाजुक 5′ (Fragile 5) अर्थव्यवस्थाओं की श्रेणी में रखा गया था। फ्रेजाइल 5’ शब्द मॉर्गन स्टेनली के एक विश्लेषक द्वारा गढ़ा गया था और तब इसका मतलब भारत सहित पाँच उभरते देशों के समूह से था, जिनकी अर्थव्यवस्थाएँ अच्छी स्थिति में नहीं थीं। अन्य चार देश ब्राजील, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका और तुर्की थे। आज, भारत सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है।

विनीत कुमार
विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...
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