कोलकाताः पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पूर्व विधायक और बिधाननगर नगर निगम के पूर्व चेयरमैन सब्यसाची दत्ता को कथित उगाही, भ्रष्टाचार और धमकाने के आरोपों में मंगलवार तड़के गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उन्हें उत्तर 24 परगना जिले के राजारहाट स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में बिधाननगर नगर निगम के वार्ड संख्या 31 के पार्षद दत्ता के खिलाफ सॉल्ट लेक क्षेत्र के एक व्यवसायी ने लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन पर जबरन वसूली, भ्रष्टाचार और लगातार धमकाने के आरोप लगाए गए थे। इसी शिकायत के आधार पर बिधाननगर सिटी पुलिस ने कार्रवाई की।
पुलिस ने घर से किया गिरफ्तार
बताया जा रहा है कि सोमवार देर रात बिधाननगर नॉर्थ थाने की पुलिस टीम ने राजारहाट के रायगाची इलाके में स्थित दत्ता के घर पर छापेमारी की। कई घंटे की पूछताछ के बाद मंगलवार सुबह उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि सब्यसाची दत्ता के खिलाफ पहले भी भ्रष्टाचार, उगाही और कथित दबंगई से जुड़े कई आरोप सामने आ चुके हैं। हालांकि, मौजूदा कार्रवाई हाल में दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई है।
सब्यसाची दत्ता 2011 से 2021 तक राजारहाट-न्यूटाउन विधानसभा क्षेत्र से लगातार दो बार तृणमूल कांग्रेस के विधायक रहे। वर्ष 2019 में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया था और 2021 के विधानसभा चुनाव में बिधाननगर सीट से भाजपा उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे थे। हालांकि, उन्हें तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तत्कालीन मंत्री सुजीत बोस से हार का सामना करना पड़ा था। बाद में दत्ता ने फिर से टीएमसी में वापसी कर ली थी। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में दत्ता ने बारासात सीट से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा, लेकिन जीत हासिल नहीं कर सके।
दिलचस्प बात यह है कि जिन सुजीत बोस ने 2021 में दत्ता को चुनावी मुकाबले में हराया था, वे भी इन दिनों कानूनी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पिछले महीने उन्हें पश्चिम बंगाल के नगर निकायों में कथित भर्ती घोटाले से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था और फिलहाल वे न्यायिक हिरासत में हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद सब्यसाची दत्ता को मेडिकल जांच के लिए ले जाया जाएगा। इसके बाद उन्हें उत्तर 24 परगना जिला अदालत में पेश किया जाएगा, जहां अभियोजन पक्ष उनकी पुलिस या न्यायिक हिरासत की मांग कर सकता है।
भ्रष्टाचार को लेकर कई नेताओं पर कार्रवाई
दत्ता की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब राज्य में भ्रष्टाचार और कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों में कई राजनीतिक नेताओं पर कार्रवाई हो रही है। हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल के नगर निकाय भर्ती घोटाले से जुड़े मामले में पूर्व मंत्री और टीएमसी नेता सुजीत बोस को गिरफ्तार किया था। वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
इसी बीच, पूर्वी मिदनापुर जिले के नंदीग्राम क्षेत्र से जुड़े टीएमसी नेता अब्दुल अलीम अलराजी को भी वसूली और धमकी देने के आरोपों में गिरफ्तार किया गया है। वहीं विधानसभा हस्ताक्षर विवाद मामले में टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक को राज्य सीआईडी ने मंगलवार शाम पांच बजे तक पूछताछ के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
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समाचार एजेंसी आईएएनएस इनपुट के साथ

