नई दिल्ली: फुटबॉल के ‘महाकुंभ’ फीफा वर्ल्ड कप (FIFA World Cup) का आगाज 11 जून से होने जा रहा है। इस बार के वर्ल्ड कप में फुटबॉल का अंदाज बदला-बदला नजर आएगा। अभी तक फुटबॉल हमेशा से दो हाफ में बंटा रहा है। 45 मिनट का एक दौर और फिर 15 मिनट का अंतराल होता है। इसके बाद आखिरी 45 मिनट का खेल होता है। फीफा विश्व कप-2026 में यह नियम बदल जाएगा।
पहली बार हर मैच में प्रत्येक हाफ के बीच में अनिवार्य रूप से हाईड्रेशन ब्रेक (hydration break) दिया जाएगा। यह तीन-तीन मिनट का होगा। पहले हाफ में लगभग 22वें मिनट पर और दूसरे हाफ में 67वें मिनट पर यह ब्रेक लिया जाएगा, फिर चाहे मौसम की स्थिति जैसी भी हो, यह ब्रेक अनिवार्य होगा। इस तरह फुटबॉल चार क्वार्टर में बंटा नजर आएगा, जैसा हॉकी में अब होता है।
फीफा का तर्क है कि उसने इस समय अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा में होने वाले मैचों के दौरान गर्मी से बचाव और खिलाड़ियों की सुरक्षा को देखते हुए यह नियम अपनाया है। फीफा ने सीधे-सीधे रेफरी पर निर्णय छोड़ने के बजाय, सभी मैचों के लिए यह बदला हुआ नियम लागू किया है।
एक और दिलचस्प आंकड़ा इसी से जुड़ा है। इस बार फीफा विश्व कप में 104 मैच खेले जाने हैं। हर मैच में हाफटाइम के अलावा दो अनिवार्य हाईड्रेशन ब्रेक होंगे। ये तीन-तीन मिनट का होगा। इस प्रकार पूरे टूर्नामेंट में कुल 624 अतिरिक्त मिनट यानी 10.4 घंटे का समय जुड़ जाता है, जो लगभग सात फुटबॉल मैच खेलने के लिए पर्याप्त है।
चार क्वार्टर, ब्रेक में कोच भी होंगे मैदान पर
पहले फुटबॉल में टीमें लगातार 45 मिनट तक खेलती थीं, लेकिन अब उन्हें प्रत्येक हाफ के बीच में एक छोटा सा विराम मिलेगा। हॉकी में पिछले कुछ सालों से ऐसा ही नियम है। इस दौरान टीमों के कोच इस क्वार्टर ब्रेक का इस्तेमाल रणनीति को बदलने आदि के लिए भी करते हैं।
फुटबॉल कोचों के पास भी अब कुछ ऐसा ही विकल्प होगा। तीन मिनट देखने में भले ही कम लगें, लेकिन कोच खेल में इसका इस्तेमाल बहुत हद तक टीम के फायदे के लिए कर सकेंगे।
हाइड्रेशन ब्रेक से कोचिंग के तरीके में भी बदलाव आएगा। इस ब्रेक में खिलाड़ी टचलाइन से बाहर नहीं जा सकते, लेकिन हाल ही में हुए एक मैच के दौरान अमेरिका के कोच मॉरीशियो पोचेटीनो ने मैदान पर लैपटॉप के आसपास अपनी टीम को इकट्ठा करके टैक्टिकल फुटेज तक की समीक्षा कर डाली। कुल मिलाकर हाफ टाइम तक इंतजार करने के बजाय, कोच अब रियल टाइम में अपने खिलाड़ियों को विजुअल फीडबैक दे सकते हैं।
टीवी पर भी बदलेगा अनुभव
फीफा ने ब्रॉडकास्टरों को तीन-तीन मिनट के ब्रेक के दौरान विज्ञापन दिखाने की भी अनुमति दी है। यदि ब्रॉडकास्टर स्प्लिट-स्क्रीन कवरेज का इस्तेमाल करते हैं और ब्रेक के दौरान भी लाइव फुटेज को को प्रसारित करते हैं, तो केवल फीफा के सहयोगी और आधिकारिक विश्व कप स्पॉनसर ही विज्ञापन दिखा सकते हैं। वहीं, यदि ब्रॉडकास्टर इस दौरान लाइव फीड को पूरी तरह से बंद कर देते हैं, तो वे उस स्लॉट को अपने अन्य विज्ञापनदाताओं को बेच सकते हैं।
इसके अलावा ये भी नियम बनाया गया है कि रेफरी द्वारा हाइड्रेशन ब्रेक शुरू करने के लिए सीटी बजाने के 20 सेकंड के भीतर विज्ञापन शुरू नहीं होने चाहिए। साथ ही ब्रॉडकास्टर्स को खेल फिर से शुरू होने से 30 सेकंड से अधिक समय से पहले वापस लाइव फीड पर लौटना होगा।
FIFA World Cup: फाइनल में दिखेगा ‘सुपर बॉल’ का तड़का
फीफा वर्ल्ड कप-2026 का फाइनल इस बार न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में होना है। इस दौरान पहली बार विश्व कप फाइनल के लिए फीफा ने ‘सुपर बॉल’ स्टाइल का हाफटाइम शो घोषित किया है। इसके लिए, फाइनल में 15 मिनट के हाफटाइम ब्रेक को बढ़ाकर लगभग 30 मिनट तक किए जाने की उम्मीद है।
‘सुपर बॉल’ दरअसल अमेरिका में नेशनल फुटबॉल लीग (एनएफएल) में इस्तेमाल होता है। एक तरह से एनएफएल के फाइनल को ही ‘सुपर बॉल’ कहा जाता है। हाफ टाइम सुपर बॉल एंटरटेनमेंट शो की तरह है। इसमें हाफ टाइम में बड़े स्टार परफॉर्म करते हैं। एनएफएल के सुपर बॉल में शकीरा, जेनिफर लोपेज, माइकल जैक्सन, लेडी गागा, मेडोना, ब्रिटनी स्पीयर्स जैसे स्टार पूर्व में परफॉर्म करते रहे हैं। माना जा रहा है कि फीफा वर्ल्ड कप का फाइनल भी कुछ ऐसा ही तड़क-भड़क वाला रहेगा। आम तौर पर फीफा अपने आयोजनों को फुटबॉल के मैचों के इर्द-गिर्द ही रखता रहा है। 2026 के फाइनल में हालांकि एंटरटेनमेंट भी मुख्य आकर्षण होगा।

