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पश्चिम बंगाल में अंतिम चरण के मतदान से पहले चुनाव आयोग को बड़ी सफलता, 500 करोड़ रुपये से अधिक नकदी, शराब, ड्रग्स बरामद

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फोटोः समाचार एजेंसी आईएएनएस

कोलकाताः पश्चिम बंगाल में दूसरे और अंतिम चरण के मतदान से पहले एक महत्वपूर्ण कार्रवाई में, चुनाव आयोग को बड़ी सफलता मिली है। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने सोमवार (27 अप्रैल) को 510.10 करोड़ रुपये की नकदी, शराब, नशीली दवाएं और अन्य प्रलोभन सामग्री जब्त की है। बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से पहले यह बड़ी सफलता मानी जा रही है। इस चरण का मतदान 29 अप्रैल को होना है।

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि जब्त की गई वस्तुओं का कुल मूल्य 2021 के विधानसभा चुनावों के दौरान दर्ज की गई संपत्ति से अधिक हो गया है। बीते विधानसभा चुनाव में यह राशि 339 करोड़ रुपये थी। ऐसे में यह कार्रवाई इस बार प्रवर्तन प्रयासों को और तेज करने का संकेत देता है।

चुनाव आयोग ने बरामद की शराब, नकदी, ड्रग्स

गौरतलब है कि 15 मार्च को चुनाव की घोषणा के बाद से और 23 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान सहित की गई जब्ती में 30 करोड़ रुपये नकद, 126.85 करोड़ रुपये की शराब, 110.12 करोड़ रुपये की ड्रग्स, 58.28 करोड़ रुपये की कीमती धातुएं और 184.85 करोड़ रुपये के अन्य प्रलोभन शामिल हैं।

चुनावी धांधली रोकने और प्रलोभन-मुक्त मतदान सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने राज्य भर में 2,728 से अधिक फ्लाइंग स्क्वाड टीमें (FST) तैनात की हैं। इन टीमों को मतदाताओं को प्रलोभन देने से संबंधित शिकायतों पर 100 मिनट के भीतर कार्रवाई करने का कार्य सौंपा गया है। इसके अतिरिक्त अचानक निरीक्षण करने और सतर्कता बनाए रखने के लिए प्रमुख स्थानों पर 3,142 से अधिक स्थिर निगरानी टीमें (एसएसटी) तैनात की गई हैं।

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अधिकारियों द्वारा अवैध शराब के उत्पादन, भंडारण और वितरण के खिलाफ लक्षित अभियान ( टारगेट ड्राइव्स ) भी चलाए जा रहे हैं। यह मतदाताओं को प्रभावित करने का एक आम तरीका है। 26 फरवरी को सक्रिय की गई चुनाव जब्ती प्रबंधन प्रणाली (ESMS) का उपयोग आदर्श आचार संहिता के अनुपालन को सुनिश्चित करते हुए प्रवर्तन कार्रवाइयों की निगरानी और समन्वय के लिए किया जा रहा है।

सत्ता की दावेदारी के लिए टीएमसी-भाजपा के बीच टक्कर

पहले चरण के दौरान मतदाताओं को डराने-धमकाने की खबरों को देखते हुए, आयोग ने निगरानी उपायों को बढ़ाने का फैसला किया है। दूसरे और अंतिम चरण के लिए, सीसीटीवी कैमरे न केवल मतदान केंद्र परिसर बल्कि संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों तक जाने वाली सड़कों की भी निगरानी करेंगे। प्रत्येक स्थान की संवेदनशीलता के आधार पर कैमरों की संख्या अलग-अलग होगी।

राज्य की कुल 294 विधानसभा सीटों में से पहले चरण में 152 सीटों पर मतदान हो चुका है। दूसरे और अंतिम चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा। इस दौरान 142 सीटों के लिए मतदान होगा। गौरतलब है कि राज्य में सत्तारूढ़ टीएमसी और भाजपा के बीच मुख्य मुकाबला देखा जा रहा है। जहां ममता बनर्जी 2011 से लगातार मुख्यमंत्री के पद पर काबिज हैं। वहीं भारतीय जनता पार्टी राज्य में अपनी स्थिति मजबूत कर सत्ता का स्वाद चखना चाहती है। इस बीच सोमवार को दूसरे चरण के लिए प्रचार थम गया। 4 मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे।

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अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...

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