विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को मुंबई के कारोबारी धर्मेश सांगाणी और उनकी कंपनी कलानी इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड के ठिकानों पर छापेमारी की। धर्मेश सांगाणी कारोबारी होने के साथ-साथ फिल्म निर्माता भी हैं। वह अभिनेता और टीवी होस्ट शेखर सुमन के करीबी हैं तथा शेखर सुमन फिल्म अकादमी के सह-संस्थापक भी बताए जाते हैं।
ईडी का आरोप है कि जांच के दौरान विदेशी संपत्तियों, विदेशों में बैंक खातों और निर्यात से प्राप्त होने वाली राशि (एक्सपोर्ट प्रोसीड्स) से जुड़े नियमों के उल्लंघन के संकेत मिले हैं। मामले की जांच जारी है।
ईडी ने क्या-क्या आरोप लगाए हैं?
ईडी अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई कलानी इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशक धर्मेश नरेंद्र सांगाणी के खिलाफ चल रही जांच के सिलसिले में की गई। जांच के दौरान एजेंसी को पता चला कि कंपनी की ओर से किए गए कुछ निर्यात का भुगतान लंबे समय बीत जाने के बावजूद भारत नहीं लाया गया।
आरोप है कि कुछ विदेशी खरीदारों से मिलने वाली निर्यात राशि अब तक वसूल नहीं की गई और इसके लिए अधिकृत डीलर बैंक से समय बढ़ाने की अनुमति भी नहीं ली गई। इतना ही नहीं, भुगतान की वसूली के लिए किसी ठोस प्रयास का दस्तावेजी रिकॉर्ड भी नहीं मिला।
ईडी का यह भी दावा है कि कुछ मामलों में निर्यात का भुगतान उन संस्थाओं से प्राप्त हुआ, जिनका नाम निर्यात चालान या शिपिंग बिल में खरीदार अथवा कंसाइनी के रूप में दर्ज नहीं था। एजेंसी इस पहलू की भी जांच कर रही है।
छापेमारी के दौरान ईडी को कथित तौर पर कई ऐसी विदेशी संपत्तियों और बैंक खातों की जानकारी भी मिली, जिनकी घोषणा संबंधित अधिकारियों के समक्ष नहीं की गई थी। एजेंसी के अनुसार, जांच में कनाडा की एक कंपनी में धर्मेश सांगाणी की बड़ी हिस्सेदारी का पता चला, जिसकी जानकारी पहले नहीं दी गई थी। इसके अलावा उस कंपनी से जुड़े विदेशी बैंक खाते और वित्तीय लेनदेन भी कथित रूप से घोषित नहीं किए गए। जांच के दौरान संयुक्त अरब अमीरात में एक अघोषित कारोबारी इकाई का भी पता चलने का दावा किया गया है।
मोबाइल फेंककर सबूत मिटाने की कोशिश का आरोप
ईडी के अनुसार, अब तक कनाडा, अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात में कुछ अघोषित विदेशी बैंक खातों की पहचान की जा चुकी है। एजेंसी इन खातों और उनसे जुड़े लेनदेन की जांच कर रही है।
ईडी ने यह भी आरोप लगाया है कि छापेमारी के दौरान धर्मेश सांगाणी ने डिजिटल सबूत नष्ट करने की कोशिश की। एजेंसी के मुताबिक, जब जांच दल उनके परिसर में पहुंचा तो उन्होंने कथित रूप से अपना मोबाइल फोन इमारत की 13वीं मंजिल से नीचे फेंक दिया। इस संबंध में ईडी ने मुंबई पुलिस को शिकायत भी दी। बाद में एजेंसी के अधिकारियों ने मोबाइल बरामद कर उसे जब्त कर लिया।
अधिकारियों के अनुसार, धर्मेश सांगाणी कुछ अंतरराष्ट्रीय वित्तीय लेनदेन के सिलसिले में अमेरिकी कस्टम अधिकारियों की जांच के दायरे में भी बताए जा रहे हैं। ईडी ने यह भी कहा कि सितंबर 2016 में ब्रिटेन के यूके बॉर्डर फोर्स ने धर्मेश सांगाणी के पास से लगभग 7.4 किलोग्राम सोने के आभूषण जब्त किए थे। आरोप था कि इन आभूषणों की घोषणा वास्तविक मात्रा और मूल्य से कम की गई थी। एजेंसी का कहना है कि मौजूदा मामले में आगे की जांच जारी है।

