प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अवैध ऑफशोर सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म (1x बेट ऐप) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह और रॉबिन उथप्पा, बॉलीवुड अभिनेता उर्वशी रौतेला और सोनू सूद, उर्वशी रौतेला की माँ मीरा रौतेला, बंगाली अभिनेता अंकुश हजरा और पूर्व तृणमूल कांग्रेस सांसद व अभिनेत्री मिमी चक्रवर्ती की संपत्तियां कुर्क कर दी हैं।
ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत करीब 7.93 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने की जानकारी दी है।
किन हस्तियों की कितनी संपत्तियां जब्त हुईं?
ईडी के अनुसार, कुर्क की गई संपत्तियों में युवराज सिंह से जुड़ी करीब 2.5 करोड़ रुपये की संपत्ति, रॉबिन उथप्पा की 8.26 लाख रुपये की संपत्ति, सोनू सूद की लगभग 1 करोड़ रुपये की संपत्ति, मिमी चक्रवर्ती की 59 लाख रुपये की संपत्ति, अंकुश हजरा की 47 लाख रुपये की संपत्ति और मीरा रौतेला से जुड़ी करीब 2.02 करोड़ रुपये की संपत्ति शामिल है। इसके अलावा एक अन्य आरोपी से जुड़ी लगभग 1.26 करोड़ रुपये की संपत्ति भी कुर्क की गई है।
यह जांच विभिन्न राज्यों की पुलिस एजेंसियों द्वारा दर्ज की गई कई एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। ये एफआईआर अवैध ऑफशोर सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म 1xBet के संचालकों के खिलाफ दर्ज की गई थीं। जांच में सामने आया कि 1x बेट और इसके सरोगेट ब्रांड, जैसे 1xBat और 1xBat Sporting Lines, भारत में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए को बढ़ावा देने और संचालित करने में शामिल थे।
ईडी का आरोप है कि कई नामी हस्तियों ने विदेशी कंपनियों के साथ एंडोर्समेंट समझौते कर सरोगेट प्लेटफॉर्म के जरिए 1x बेट का प्रचार किया। इन प्रचार गतिविधियों के बदले मिलने वाली रकम को विदेशी मध्यस्थों के जरिए भेजा गया, ताकि धन के अवैध स्रोत को छिपाया जा सके। एजेंसी का कहना है कि यह पैसा अवैध सट्टेबाजी से अर्जित अपराध की आय है।
जाँच में क्या सामने आया?
जांच में यह भी सामने आया कि 1x बेट भारत में बिना किसी वैध अनुमति के संचालित हो रहा था और सरोगेट ब्रांडिंग, सोशल मीडिया, ऑनलाइन वीडियो और प्रिंट विज्ञापनों के जरिए भारतीय यूजर्स को निशाना बनाया जा रहा था। कथित तौर पर एंडोर्समेंट भुगतान को कई स्तरों में लेन-देन कर इस तरह से संरचित किया गया, जिससे उनके अवैध स्रोत को छिपाया जा सके।
गौरतलब है कि इससे पहले 6 अक्टूबर 2025 को ईडी ने इसी मामले में क्रिकेटरों शिखर धवन और सुरेश रैना से जुड़ी 11.14 करोड़ रुपये की संपत्तियां भी कुर्क की थीं।
ईडी ने चेतावनी दी है कि अवैध सट्टेबाजी और जुए के प्लेटफॉर्म देश की अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं और अक्सर मनी लॉन्ड्रिंग व अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि अवैध सट्टेबाजी या जुए के प्लेटफॉर्म का प्रचार या समर्थन करना, चाहे वह सरोगेट विज्ञापनों के जरिए ही क्यों न हो, कानून के तहत दंडनीय अपराध है।

