भारत में जाति व्यवस्था की जड़ें सदियों पुरानी है। आए दिन जाति को लेकर विमर्श होता रहता है। सामाजिक-राजनैतिक विमर्शों से लेकर चाय नुक्कड़ की बैठकों में जातिगत चर्चाएं होती रहती हैं। बीते दिनों UGC गाइडलाइंस आने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई तक रोक लगाई। डॉ. लक्ष्मण यादव ने जाति-जनगणना नाम से एक किताब लिखी जिसमें वह जाति जनगणना क्यों जरूरी है। इस बारे में तर्क दिए हैं। उनकी किताब पर बात की है जिसे देख सकते हैं।

