नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में भारी विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार ने सोमवार (20 जुलाई) को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के साथ बातचीत का रास्ता खोला। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने दिल्ली में पार्टी के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान संगठन के दो प्रतिनिधियों से मुलाकात की। CJP नेताओं का दावा है कि उन्होंने अपनी मांगों का लिखित चार्टर सौंपा है और जवाब देने से पहले BJP नेतृत्व से सलाह-मशविरा करने के लिए समय मांगा है। गौरतलब है कि आंदोलन के तेज होने के बाद सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच यह पहली औपचारिक बातचीत थी।
यह बैठक ऐसे समय में हुई जब CJP के हजारों समर्थक परीक्षा में सुधार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान राष्ट्रीय राजधानी में भारी पुलिस बल की तैनाती, बैरिकेडिंग, लाठीचार्ज, लोगों को हिरासत में लेने और ट्रैफिक में रुकावट जैसी स्थितियां देखने को मिलीं।
CJP ने सरकार के सामने क्या मांगे रखीं?
राजधानी दिल्ली में भारी संख्या में विरोध प्रदर्शन के बीच दोपहर में सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। सौरव ने इस मुलाकात के संबंध में एक्स पर एक पोस्ट की। इसमें पार्टी (सीजेपी) द्वारा की गई मांगों की भी चर्चा की गई है।
सौरव ने इस पोस्ट में लिखा कि “आशुतोष रांका और मैंने दोपहर 12 बजे जेपी नड्डा से उनके आवास पर मुलाकात की। मांगे बता दी गई हैं जिनमें धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा या उन्हें पद से हटाना शामिल है।”
पार्टी के अन्य प्रवक्ता आशुतोष रांका ने भी एक्स पर पोस्ट किया। इस पोस्ट में उन्होंने सरकार के सामने रखी गई तीन बातों का जिक्र करते हैं। इन मांगों में सोनम वांगचुक की तुरंत रिहाई, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और आत्महत्या करने वाले सभी नीट अभ्यर्थियों के परिजनों के लिए एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की गई है।
इससे पहले समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा, “हमारी मांगें स्पष्ट हैं। धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। जिन बच्चों ने आत्महत्या की है, उनके परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए। इसके अलावा, सोनम वांगचुक को तुरंत रिहा किया जाना चाहिए।”
जेपी नड्डा ने भी दी जानकारी
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस बाबत एक पोस्ट की है। उन्होंने एक्स पर लिखा “आज सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार से बातचीत करने का प्रस्ताव आया और हमारी बातचीत सुबह 11:50 बजे से जारी है।”
इसमें आगे लिखा गया “बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रारंभिक मौखिक चर्चा विस्तार से हुई और उन्होंने शाम करीब 4 बजे मुझे एक लिखित याचिका सौंपी।”
राजधानी दिल्ली में भारी संख्या में जमा हुए लोग
दिल्ली में सोमवार को तनाव बना रहा क्योंकि हजारों की संख्या में सीजेपी और उसके समर्थकों ने “संसद चलो” विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने नीट-यूजी पेपर लीक मामले में सरकार से जवाबदेही की मांग की।
जब प्रदर्शनकारी संसद भवन की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे तो उन्हें रोकने के लिए तैनात पुलिसकर्मियों से उनका सामना हुआ। पुलिस बल वहां कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात था।
गौरतलब है कि यह विरोध प्रदर्शन नीट-यूजी पेपर लीक मामले और परीक्षा से जुड़ी अन्य अनियमितताओं (जिनमें 12वीं सीबीएसई बोर्ड परीक्षा भी शामिल है) को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के लिए किया गया। इन घटनाओं के बाद देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को लेकर चिंता बढ़ गई है।
जंतर-मंतर पर हालात तनावपूर्ण हो गए, जब पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई। सुरक्षाकर्मी उन्हें बैरिकेड पार करने से रोकने की कोशिश कर रहे थे।
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए नई दिल्ली जिले में कई जगहों पर बैरिकेड लगाए थे। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रदर्शनकारी विरोध स्थल पर इकट्ठा हुए और धीरे-धीरे भीड़ बढ़ती गई।
मौके की तस्वीरों में सैकड़ों छात्र और युवा प्रदर्शनकारी झंडे लेकर नारे लगाते हुए दिखाई दिए। कई प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन्हें पीछे हटाया।
जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। सोमवार सुबह ही दंगा-रोधी वाहन भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंच गया था। प्रदर्शनकारियों की संसद की ओर मार्च करने की योजना को देखते हुए अधिकारियों ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी थी और कुछ पाबंदियां भी लगाई थीं।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सुरक्षा बैरिकेड पार करने से रोकने के लिए बल का इस्तेमाल किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई और लाठीचार्ज किए जाने की भी खबर सामने आई।
सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को प्रतिबंधित इलाकों में जाने से रोकने की कोशिश की, जिसके कारण स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।
पुलिस ने प्रदर्शन स्थल और उसके आसपास सिग्नल जैमर भी लगाए थे। कुछ प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि कार्यक्रम स्थल के पास मोबाइल फोन नेटवर्क की कनेक्टिविटी प्रभावित हुई।
(समाचार एजेंसी आईएएनएस से इनपुट्स के साथ)

