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विनेश फोगाट को दिल्ली हाई कोर्ट से एशियाई खेलों के सेलेक्शन ट्रायल में शामिल होने की मंजूरी, WFI को फटकार

दिल्ली हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि सेलेक्शन ट्रायल की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाए। इसके लिए दो पर्यवेक्षक नियुक्त करने के भी निर्देश कोर्ट ने केंद्र सरकार को दिए हैं, जो बाद में रिपोर्ट सौंपेंगे।

दिल्ली हाई कोर्ट ने ओलंपियन महिला पहलवान विनेश फोगाट को एशियाई खेल-2026 के सेलेक्शन ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दे दी है। यह ट्रायल 30-31 मई को होने वाले हैं। फोगाट को इस साल भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) द्वारा लागू किए गए नए मानदंडों के तहत अयोग्य घोषित कर दिया गया था। 9 मई को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस के बाद उन्हें 26 जून तक WFI प्रतियोगिताओं में भाग लेने से भी रोक दिया गया था।

हालाकि, दिल्ली उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की खंडपीठ ने कहा, ‘खेल और न्याय के हित में फोगाट को सेलेक्शन ट्रायल में भाग लेने की अनुमति देना जरूरी है। इस मामले के विशिष्ट तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए, यह स्पष्ट है कि फोगाट के मातृत्व और WFI द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस को छोड़ दें, तो वह चयन ट्रायल में भाग लेने की हकदार होतीं। इसलिए, परिस्थितियाँ उनके नियंत्रण से बाहर थीं। फोगाट के हितों की रक्षा के लिए उन्हें चयन ट्रायल में भाग लेने की अनुमति देना उचित है।’

हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह विनेश के लिए एक्सपर्ट कमेटी बनाकर उनका मूल्यांकन करे और आगामी एशियन गेम्स के सिलेक्शन ट्रायल में उनकी भागीदारी को सुनिश्चित करे। विनेश मैटरनिटी ब्रेक के बाद वापसी कर रही हैं।

सेलेक्शन ट्रायल की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाए

पीठ ने निर्देश दिया कि सेलेक्शन ट्रायल की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाए। पीठ ने कहा कि युवा मामले एवं खेल मंत्रालय इस दौरान भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और भारतीय ओलंपिक संघ से दो स्वतंत्र पर्यवेक्षकों को नामित करे। ये एशियाई खेलों के लिए सेलेक्शन ट्रायल्स को देखेंगे और कोर्ट को इस संबंध में एक रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।

फोगाट ने मातृत्व अवकाश सहित दिसंबर 2024 से प्रतियोगिताओं से ब्रेक ले लिया था। हालांकि अंतरराष्ट्रीय कुश्ती निकाय ने उन्हें 1 जनवरी 2026 से मुकाबलों में उतरने की अनुमति दे दी थी, लेकिन WFI ने उनकी भागीदारी पर रोक लगा दी और कारण बताओ नोटिस में उन पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए 2024 पेरिस ओलंपिक में वजन कम करने में उनकी विफलता को ‘राष्ट्रीय शर्मिंदगी’ बताया।

दिल्ली हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि ‘चयन परीक्षणों के लिए नीति और सर्कुलर में दिए गए मानक, पिछले तरीके से काफी भिन्न हैं।’ जहां पहले महासंघ के पास एशियाई खेलों के लिए प्रतिष्ठित खिलाड़ियों का चयन करने का अधिकार था, भले ही वे ट्रायल्स पात्रता के लिए कोचिंग में भाग न लें।

‘फोगाट ने कुछ गलत नहीं किया’

अदालत ने फोगाट के पेरिस ओलंपिक अभियान को ‘राष्ट्रीय शर्मिंदगी’ बताने के लिए WFI की आलोचना भी की। अदालत ने कहा, ‘कोर्ट ऑफ ऑर्ब्रिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स (CA) द्वारा जारी किए गए फैसले के बावजूद, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि फोगाट की ओर से कोई गलती नहीं थी, कारण बताओ नोटिस में की गई ऐसी टिप्पणियां पूर्व नियोजित और स्पष्ट रूप से भ्रामक प्रतीत होती हैं और इनसे बचा जाना चाहिए था। कोर्ट ने कहा कि ऐसी टिप्पणियां दुर्भावनापूर्ण इरादे को दर्शाती हैं, जो (फोगाट) के प्रति प्रतिशोध के लिए हैं।’

पीठ ने यह भी पाया कि फोगाट ने अंतर्राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी, यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग और भारतीय खेल प्राधिकरण को अपने अवकाश के बारे में सूचित कर दिया था और उन्हें 3 जुलाई, 2025 को इस बात की पुष्टि मिल गई थी कि वे 1 जनवरी, 2026 से प्रतिस्पर्धा करने के योग्य होंगी।

पीठ ने उनकी अपील का निपटारा कर दिया, लेकिन WFI की नीति और सर्कुलर के साथ-साथ कारण बताओ नोटिस को चुनौती देने वाला फोगाट का मामला सिंगल जज की बेंच के समक्ष अभी लंबित है।

पूरी कहानी क्या है?

WFI ने विनेश को ‘कारण बताओ नोटिस’ भेजा था, जिसमें उन पर अनुशासनहीनता और डोपिंग रोधी नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए चार सवालों के जवाब मांगे थे। इसके साथ ही डब्ल्यूएफआई ने विनेश के किसी भी घरेलू प्रतियोगिता में शामिल होने पर 26 जून, 2026 तक रोक लगा दी थी।

डब्ल्यूएफआई के इस फैसले की वजह से विनेश नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले सकी थीं। विनेश ट्रायल की अनुमति मांगने के लिए डब्ल्यूएफआई के पास पहुंची थीं, लेकिन उनकी अपील को नजरअंदाज कर दिया गया था।

डब्ल्यूएफआई ने विनेश की नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट के ट्रायल में शामिल होने की अपील यह कहकर ठुकरा दी थी कि उनके खिलाफ वाडा के 5.6.1 नियम के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई चल रही है। डब्ल्यूएफआई के अनुसार, इस नियम के मुताबिक संन्यास से वापसी कर रहे खिलाड़ियों को किसी भी टूर्नामेंट में खेलने से पहले कम से कम छह महीने तक का नोटिस पूरा करना जरूरी होता है।

इसके बाद विनेश ने कोर्ट में अर्जी दाखिल करते हुए एशियन गेम्स के लिए 30 और 31 मई को होने वाले ट्रायल में शामिल होने की अपील की थी।

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विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...
विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...
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