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Cyber Fraud: निजी बैंक अधिकारी से 38 लाख की ठगी, जानें साइबर गैंग ने कैसे बनाया शिकार

पीड़ित की शिकायत के बाद उल्वे पुलिस ने एफआईआर दर्ज की हैं। रिपोर्टों के अनुसार मामला अब एक इंटर-स्टेट साइबर क्राइम सिंडिकेट से जुड़ा हुआ माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार, विशेष टीम बनाकर आरोपियों की तलाश की जा रही है।

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IANS

Cyber Fraud: नवी मुंबई में एक बड़े साइबर ठगी का मामले सामने आया है। यहां के उल्वे इलाके में रहने वाले एक निजी बैंक के अधिकारी से साइबर गैंग ने 38.14 लाख रुपये की ठगी कर डाली है। गैंग ने उन्हें 800% रिटर्न का लालच देकर एक फर्जी ऑनलाइन निवेश योजना में फंसाया। 44 वर्षीय पीड़ित निजी बैंक के वाइस प्रेसिडेंट बताये जा रहे हैं। उल्वे पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, रंगदारी और धमकी की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कैसे रचा गया जाल

मार्च 2025 में पीड़ित को व्हाट्सऐप ग्रुप “300-ODMAX VIP Growth Circle” में जोड़ा गया। यहां एक महिला ने खुद को नैना भाटिया बताकर परिचय दिया और दावा किया कि वह Invesco Asset Management India Pvt. Ltd. का प्रतिनिधित्व कर रही है। उसने भरोसा दिलाया कि यह कंपनी SEBI रजिस्टर्ड है और निवेश पर असाधारण रिटर्न मिलेंगे।

बाद में उसे एक टेलीग्राम ग्रुप में भी शिफ्ट किया गया, जहां कथित रूप से आईपीओ अलॉटमेंट, प्राइवेट प्लेसमेंट और शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग डील्स की पेशकश की गई। निवेशक पहले से ऑनलाइन ट्रेडिंग में रुचि रखते थे, इसलिए उन्होंने भरोसा कर लिया और धीरे-धीरे 38.14 लाख रुपये कई बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए।

झूठी वेबसाइट और ऐप के जरिए लिया भरोसे में

विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए ठगों ने एक प्रोफेशनल वेबसाइट और ऐप बनाई, जिसमें नकली मुनाफा और बढ़ता पोर्टफोलियो दिखाया जाता था। सब कुछ असली लग रहा था। लेकिन जैसे ही पीड़ित ने पैसे निकालने की कोशिश की, उनका खाता फ्रीज कर दिया गया और विदड्रॉल फीचर बंद कर दिया गया।

स्थिति और खराब तब हुई जब अधिकारी ने अपनी पत्नी के इलाज के लिए पैसे मांगे। ठगों ने रकम लौटाने के बजाय उन्हें और निवेश करने के लिए मजबूर किया। यहां तक कि व्हाट्सऐप कॉल्स पर उन्हें धमकाया गया कि अगर पैसे नहीं लगाए तो उन्हें जेल में डलवा दिया जाएगा या शारीरिक नुकसान पहुँचाया जाएगा।

कैसे हुआ खुलासा

संदेह होने पर पीड़ित ने खुद मुंबई स्थित इन्वेस्को एसेट मैनेजमेंट के दफ्तर जाकर पुष्टि की। वहां अधिकारियों ने साफ कहा कि कंपनी का इस योजना से कोई लेना-देना नहीं है और उनका नाम धोखाधड़ी में गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया है।

पीड़ित की शिकायत के बाद उल्वे पुलिस ने एफआईआर दर्ज की हैं। रिपोर्टों के अनुसार मामला अब एक इंटर-स्टेट साइबर क्राइम सिंडिकेट से जुड़ा हुआ माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार, विशेष टीम बनाकर आरोपियों की तलाश की जा रही है।

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

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