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कोरोना से आंध्र प्रदेश में दो लोगों की मौत, 8 केस आए सामने; क्या लौट आया है कोविड का खतरा?

दो मौतों और कुछ नए मामलों के बाद आंध्र प्रदेश सरकार ने कई एहतियाती कदम उठाए हैं। संक्रमित मरीजों और उनके संपर्क में आए लोगों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग शुरू कर दी गई है। टेस्टिंग और निगरानी भी बढ़ा दी गई है।

आंध्र प्रदेश में कोविड-19 से दो लोगों की मौत और आठ नए संक्रमित मरीज मिलने के बाद राज्य का स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। संक्रमित मिले मरीजों की स्थिति पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी नजर बनाए हुए हैं। आंध्र प्रदेश में 2022 के बाद से पहली बार कोरोना से मौतें हुई है। इस बीच ओडिशा ने भी पड़ोसी राज्य में कोविड केस मिलने के बाद एहतियात के तौर पर निगरानी और टेस्टिंग बढ़ा दी है।

अधिकारियों के अनुसार कोरोना से जिस पहले मरीज की मौत हुई, उसकी उम्र 60 साल थी। उसे पहले तिरुपति के श्री वेंकटेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में भर्ती कराया गया था। बाद में बेहतर इलाज के लिए पड़ोस के तमिलनाडु में वेल्लोर स्थित क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज भेजा गया।

मरीज पहले से कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहा था। उसे डायबिटीज और किडनी की बीमारी थी। इलाज के दौरान 28 जून को उसकी मौत हो गई। बाद में पोस्टमॉर्टम के दौरान किए गए RT-PCR टेस्ट में उसके कोविड-19 संक्रमित होने की पुष्टि हुई।

वहीं, दूसरा मरीज 46 वर्षीय व्यक्ति था, जिसे आंध्र प्रदेश के कडप्पा स्थित सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसे लगातार खांसी और सांस लेने में गंभीर तकलीफ थी। उसकी हालत तेजी से बिगड़ती गई और फेफड़ों को गंभीर नुकसान सहित निमोनिया के कारण उसकी मौत हो गई।
डॉक्टरों के अनुसार, उसकी सीटी स्कैन रिपोर्ट में फेफड़ों में ऐसे संक्रमण नजर आए जो आमतौर पर कोविड से होता है।

क्या कोई नया और खतरनाक वैरिएंट आया है?

इन मामलों के बाद कुछ डॉक्टरों ने आशंका जताई कि संक्रमण के पीछे ओमिक्रॉन का कोई अधिक आक्रामक सब-वैरिएंट हो सकता है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार कडप्पा के जिला चिकित्सा कार्यालय से जुड़े एक डॉक्टर ने बताया कि मरीजों में बहुत तेजी से सांस संबंधी गंभीर परेशानी विकसित हुई, इसलिए ऐसे संदेह पैदा हुए।

हालांकि राज्य सरकार ने इस आशंका को फिलहाल खारिज किया है।
आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव एस. सुरेश कुमार ने कहा कि पिछले छह दिनों में कोई नया मामला सामने नहीं आया है, इसलिए इसे केवल एक छिटपुट घटना माना जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि पांच विशेषज्ञों की समिति ने जांच के बाद किसी नए सब-वैरिएंट की संभावना से इनकार किया है।

ओमिक्रॉन को लेकर चिंता क्यों?

ओमिक्रॉन वैरिएंट अपनी तेजी से फैलने की क्षमता के लिए जाना जाता है। हालांकि व्यापक टीकाकरण और प्राकृतिक संक्रमण के कारण लोगों में इम्युनिटी बढ़ी है। इसी वजह से ओमिक्रॉन संक्रमण आमतौर पर पहले के वैरिएंट्स की तुलना में कम गंभीर बीमारी का कारण बना है।

फिर भी डॉक्टरों का कहना है कि यदि कोई अधिक संक्रामक रूप सामने आता है, तो वह तेजी से बड़ी आबादी तक पहुंच सकता है और स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव बढ़ा सकता है।

इस बीच दो मौतों और कुछ नए मामलों के बाद आंध्र प्रदेश सरकार ने कई एहतियाती कदम उठाए हैं। संक्रमित मरीजों और उनके संपर्क में आए लोगों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग शुरू कर दी गई है। टेस्टिंग और निगरानी भी बढ़ा दी गई है। स्वास्थ्य विभाग लगातार हालात पर नजर रख रहा है।

स्वास्थ्य सचिव के अनुसार पांच मामले कडप्पा में मिले थे, जबकि बाकी तीन संक्रमित उनके संपर्क में आए लोग थे। दूसरी ओर तमिलनाडु के स्वास्थ्य अधिकारियों ने भी स्पष्ट किया है कि राज्य में किसी अधिक गंभीर कोविड स्ट्रेन के फैलने का कोई सबूत नहीं मिला है।

क्या लौट आया कोविड का खतरा?

स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल इसे नए कोरोना आउटब्रेक के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। ये मामले छिटपुट हैं और पिछले छह दिनों में कोई नया मामला सामने नहीं आया है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि घबराने की आवश्यकता नहीं है। अभी तक यह किसी बड़े प्रकोप का संकेत नहीं माना जा रहा है। फिर भी विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि बुखार, खांसी या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखने पर जांच करानी चाहिए। बुजुर्गों और पहले से गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

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विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...
विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...
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