Homeभारतकोल्ड्रिफ कफ सिरप में डायथिलीन ग्लाइकॉल की पुष्टि, राजस्थान में ड्रग कंट्रोलर...

कोल्ड्रिफ कफ सिरप में डायथिलीन ग्लाइकॉल की पुष्टि, राजस्थान में ड्रग कंट्रोलर निलंबित, फार्मा कंपनी का वितरण रोका गया

इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा था कि मध्य प्रदेश और राजस्थान में जांचे गए सिरप के नमूनों में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल या एथिलीन ग्लाइकॉल जैसे जहरीले रसायन नहीं पाए गए हैं।

कफ सिरप के कथित सेवन से मध्य प्रदेश और राजस्थान में बच्चों की मौत की खबरों के बीच, इस मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने पहले कफ सिरप में किसी भी हानिकारक रसायन डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (डीईजी) या एथिलीन ग्लाइकॉल (ईडी) के होने से इनकार किया था, लेकिन अब तमिलनाडु एफडीए से भेजे गए सैंपलों में अनुमेय सीमा से अधिक डाइएथिलीन ग्लाइकॉल पाए जाने की पुष्टि हुई है। गौरतलब है कि डाइएथिलीन ग्लाइकॉल किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचाता है।

इसके साथ मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में कोल्ड्रिफ कफ सिरप को लेकर सामने आई हालिया जांच रिपोर्ट ने कई चिंताएं बढ़ा दी हैं। औषधि एवं खाद्य नियंत्रक दिनेश मौर्य ने बताया कि छिंदवाड़ा में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के संबंध में जिन सिरप और दवाओं की शिकायतें मिली थीं, उन सभी के नमूने लिए गए। इनमें से कुछ की जांच रिपोर्ट आ चुकी है, जबकि कुछ की जांच अभी भी जारी है। खासकर जिस कोल्ड्रिफ कफ सिरप की बात हो रही है, वह तमिलनाडु में बनाया गया था।

जांच में यह पाया गया है कि इस कफ सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकोल की मात्रा निर्धारित सीमा से बहुत अधिक है। सामान्य तौर पर कफ सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकोल की मात्रा 0.10 प्रतिशत तक होनी चाहिए, मगर जांच में यह मात्रा 48 प्रतिशत पाई गई है, जो कि मानक से लगभग 480 गुना ज्यादा है।

इस बीच, राजस्थान सरकार ने कार्रवाई करते हुए राज्य के ड्रग कंट्रोलर को निलंबित कर दिया है और जयपुर स्थित कैसंस फार्मा की सभी दवाओं के वितरण पर रोक लगा दी है। राजस्थान स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि दवा नियंत्रक पर दवा मानकों को प्रभावित करने के आरोप हैं। पिछले दो हफ्तों में राज्य के सीकर और भरतपुर में दो बच्चों की मौत और दस से अधिक बच्चों के बीमार हो गए थे। ये दवाएं राज्य की मुफ्त दवा योजना के तहत दी गई थीं। रिपोर्टों के अनुसार, मध्य प्रदेश और राजस्थान में इस संदिग्ध दवा के सेवन से मरने वाले बच्चों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है।

तमिलनाडु में सिरप में मिली जहरीले रसायन की मौजूदगी

बता दें कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा था कि मध्य प्रदेश और राजस्थान में जांचे गए सिरप के नमूनों में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल या एथिलीन ग्लाइकॉल जैसे जहरीले रसायन नहीं पाए गए हैं। मंत्रालय ने बताया कि राज्य सरकारों के सहयोग से कई सिरप के नमूने जांचे गए, लेकिन किसी में भी इन रसायनों के अंश नहीं मिले जो आमतौर पर किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं। मध्य प्रदेश की स्टेट फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एसएफडीए) ने भी तीन नमूनों की जांच कर यह पुष्टि की कि उनमें डीईजी या ईजी मौजूद नहीं हैं।

हालांकि शनिवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि तमिलनाडु की एफडीए द्वारा भेजे गए कोल्ड्रिफ कफ सिरप के नमूनों में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल तय सीमा से अधिक पाया गया है। यह सिरप कांचीपुरम स्थित श्रीसन फार्मा द्वारा बनाया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, इन नमूनों की जांच के नतीजे 3 अक्टूबर की शाम आए, जिनमें डाइएथिलीन ग्लाइकॉल की मात्रा अनुमेय सीमा से अधिक मिली।

तमिलनाडु सरकार ने कोल्ड्रिफ सिरप पर लगाया बैन

तमिलनाडु सरकार ने 1 अक्टूबर से कोल्ड्रिफ कफ सिरप की बिक्री और वितरण पर रोक लगा दी है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बताया कि कंपनी के सुंगुवर्चात्रम (कांचीपुरम) स्थित प्लांट की दो दिन तक जांच की गई और नमूने जब्त किए गए हैं।

विशेषज्ञ की एक टीम नूमनों की जांच कर रही है। ताकि मौतों के सटीक कारण का पता लगाया जा सके। जांच टीम में एनआईवी, आईसीएमआर-एनईईआरई, सीडीएससीओ और एआईआईएमएस नागपुर के विशेषज्ञ शामिल हैं। वहीं, केंद्र ने सभी राज्यों को निर्देश दिया है कि दो साल से कम उम्र के बच्चों को खांसी और सर्दी की दवाएं न दी जाएं, क्योंकि इनसे गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं।

author avatar
अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
Anil Sharma, Anil Anuj, Anil anuj articles, bole bharat, बोले भारत, अनिल शर्मा, अनिल अनुज,
अनिल शर्माhttp://bolebharat.in
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular