Homeकारोबारकमर्शियल LPG सिलेंडर फिर महंगा, दिल्ली में कीमत ₹3,113.50 पहुंची

कमर्शियल LPG सिलेंडर फिर महंगा, दिल्ली में कीमत ₹3,113.50 पहुंची

कमर्शियल एलपीजी महंगा होने के बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं को तत्काल राहत मिली है। 14.2 किलोग्राम घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है और यह दिल्ली में 913 रुपये पर कायम है।

नई दिल्ली: कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। सोमवार से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम विभिन्न शहरों में 42 से 53.50 रुपये तक बढ़ गए हैं।

नई दरों के अनुसार, दिल्ली में 19 किलोग्राम का कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर अब 3,113.50 रुपये का मिलेगा, जो पहले 3,071.50 रुपये था। वहीं कोलकाता में इसकी कीमत 53.50 बढ़कर 3,255.50 रुपये प्रति सिलेंडर हो गई है। हालांकि घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली है, क्योंकि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में इसकी कीमत 913 रुपये पर स्थिर बनी हुई है।

गौरतलब है कि कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में यह वृद्धि ऐसे समय हुई है जब पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है। विशेष रूप से होर्मुज स्ट्रेट के जरिए होने वाली तेल और गैस आपूर्ति पर संभावित असर को लेकर चिंताएं भी जस की तस बनी हुई हैं।

भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का 85 प्रतिशत से अधिक आयात करता है। ऐसे में वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और एलपीजी की कीमतों में होने वाला उतार-चढ़ाव सीधे तौर पर देश के ईंधन बाजार को प्रभावित करता है।

हाल के महीनों में लगातार बढ़ी कीमतें

कमर्शियल एलपीजी उपभोक्ताओं पर पिछले कुछ महीनों से लगातार कीमतों का दबाव बना हुआ है। मई में तेल विपणन कंपनियों ने कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में लगभग 1,000 रुपये तक की बढ़ोतरी की थी, जिससे दिल्ली में इसकी कीमत 3,071.50 रुपये तक पहुंच गई थी। इससे पहले अप्रैल में 195.50 रुपये और मार्च में 114.50 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई थी।

लगातार बढ़ती कीमतों के कारण होटल, रेस्तरां, कैटरिंग सेवाओं और छोटे व्यवसायों की परिचालन लागत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उद्योग संगठनों का कहना है कि यदि यह रुझान जारी रहा तो उपभोक्ताओं को भोजन और अन्य सेवाओं की बढ़ी हुई कीमतों का सामना करना पड़ सकता है।

सरकार बढ़ा रही है LPG भंडारण क्षमता

हालिया आपूर्ति व्यवधानों और आयात पर निर्भरता को देखते हुए केंद्र सरकार देश की एलपीजी सुरक्षा रणनीति की समीक्षा कर रही है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों को कम से कम 30 दिनों की मांग के बराबर एलपीजी भंडार रखने की दिशा में काम करने का निर्देश दिया है।

उन्होंने कहा कि भारत के एलपीजी आयात का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा खाड़ी क्षेत्र से आता है। इसके अलावा देश अपनी प्राकृतिक गैस जरूरतों का 65 प्रतिशत और कच्चे तेल का करीब 40 प्रतिशत भी इसी क्षेत्र से प्राप्त करता है। ऐसे में किसी भी भू-राजनीतिक तनाव का असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।

हालांकि सरकार का कहना है कि देश में फिलहाल ईंधन की कोई कमी नहीं है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश की रिफाइनरियां प्रतिदिन लगभग 50,000 से 52,000 टन एलपीजी का उत्पादन कर रही हैं, जबकि दैनिक मांग करीब 72,000 टन है। शेष आवश्यकता आयात के जरिए पूरी की जा रही है।

कालाबाजारी रोकने के लिए कार्रवाई तेज

सरकार ने ईंधन की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों के अनुसार हाल के दिनों में एलपीजी संचालन से जुड़े 6,500 से अधिक छापे मारे गए हैं, जिनमें कई एफआईआर दर्ज की गई हैं और गिरफ्तारियां भी हुई हैं।

इसके साथ ही इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम को अतिरिक्त एलपीजी भंडारण सुविधाओं की योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया है, ताकि भविष्य में किसी भी आपूर्ति संकट से बेहतर तरीके से निपटा जा सके।

पेट्रोल-डीजल पर भी बढ़ा दबाव

वैश्विक ऊर्जा कीमतों में वृद्धि का असर पेट्रोल और डीजल पर भी दिखाई दे रहा है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से हाल के हफ्तों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कई बार संशोधन किया गया है। मई के दौरान प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कुल मिलाकर लगभग 5 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ी हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन कीमतों में लगातार वृद्धि से परिवहन और लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ती है, जिसका असर अंततः महंगाई और उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों पर पड़ सकता है।

कमर्शियल एलपीजी महंगा होने के बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं को तत्काल राहत मिली है। 14.2 किलोग्राम घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है और यह दिल्ली में 913 रुपये पर कायम है। घरेलू गैस की कीमतों में आखिरी बार मार्च में 60 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई थी।

केंद्र ने पेट्रोल पर ₹1.5 और डीजल पर ₹13.5 घटाया निर्यात शुल्क, ATF पर भी राहत

author avatar
अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
Anil Sharma, Anil Anuj, Anil anuj articles, bole bharat, बोले भारत, अनिल शर्मा, अनिल अनुज,
अनिल शर्माhttp://bolebharat.in
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular