नई दिल्लीः सोशल मीडिया पर वायरल हुए ‘370 रुपये की बिरयानी’ विवाद के बीच स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे ने माफी मांग ली है। प्रणित ने माना कि शो के दौरान हुई आपत्तिजनक टिप्पणियों पर समय रहते हस्तक्षेप न करना उनकी बड़ी गलती थी। कॉमेडियन ने कहा कि उन्हें मिल रही आलोचना और नाराजगी जायज है। वह लोगों से खुद को सुधारने के लिए एक और मौका देने की अपील की है।
इंस्टाग्राम पर जारी एक वीडियो संदेश में मोरे ने कहा कि वह इस मुद्दे पर पहले बात करना चाहते थे, लेकिन उनका इंस्टाग्राम अकाउंट निलंबित हो गया था। उन्होंने कहा कि वायरल हुए क्राउड-वर्क वीडियो के बाद उन्हें भारी विरोध और नफरत का सामना करना पड़ रहा है।
मोरे ने माना कि कार्यक्रम के दौरान दर्शकों में मौजूद एक व्यक्ति ने महिलाओं को लेकर कई अपमानजनक और आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। उन्होंने कहा, “उस समय वहां मौजूद लोग हंस रहे थे और मैं भी माहौल में बह गया। यह मेरी समझ की कमी थी। मैं उस वक्त गलत बातों के खिलाफ खड़ा हो सकता था, लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया। यही मेरी सबसे बड़ी गलती है।”
उन्होंने आगे कहा कि उनकी प्रतिक्रिया ने उन टिप्पणियों को एक मंच उपलब्ध कराया, जिससे विवाद और बढ़ गया। “जिन लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं, उनसे मैं दिल से माफी मांगता हूं। मैं चल रही सभी कानूनी प्रक्रियाओं में अधिकारियों का पूरा सहयोग कर रहा हूं। यह मेरे लिए एक बड़ा सीखने का अनुभव है। मैं खुद पर और अपने कंटेंट पर काम कर रहा हूं और भविष्य में लोग यह बदलाव जरूर देखेंगे।”
क्या है पूरा विवाद?
यह विवाद गुरुग्राम में आयोजित एक स्टैंड-अप कॉमेडी शो के वायरल वीडियो से शुरू हुआ। शो के दौरान वेब डेवलपर हिमांशु जांगड़ा ने अपनी एक कथित ‘डेट’ का किस्सा सुनाया। उन्होंने दावा किया कि एक महिला के साथ डेट पर चिकन बिरयानी पर 370 रुपये खर्च करने के बाद उन्हें उस “निवेश” के बदले शारीरिक संबंध की उम्मीद थी।
वीडियो में जांगड़ा यह कहते हुए सुनाई दिए कि जब महिला ने भोजन के बाद उन्हें घर छोड़ने के लिए कहा तो वह हैरान रह गए और उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “370 रुपये लगे हैं तो वसूल तो करूंगा ही।” इस दौरान मंच पर मौजूद प्रणित मोरे को उनकी बातों पर हंसते हुए देखा गया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर दोनों की तीखी आलोचना शुरू हो गई।
आलोचकों का आरोप था कि इस तरह की टिप्पणियां महिलाओं के प्रति अपमानजनक हैं और बिना सहमति के यौन संबंधों को सामान्य या स्वीकार्य बनाने की कोशिश करती हैं।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया संज्ञान
विवाद बढ़ने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने मामले का संज्ञान लेते हुए प्रणित मोरे और हिमांशु जांगड़ा को तलब किया। आयोग ने कहा कि शो के दौरान की गई टिप्पणियां महिलाओं के खिलाफ हिंसा और बिना सहमति वाले व्यवहार को उचित ठहराने जैसी प्रतीत होती हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है।
मामले में महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने प्रणित मोरे, हिमांशु जांगड़ा और डॉ. सेजल पवार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। उन पर महिलाओं, सहमति और मृत व्यक्तियों के बारे में कथित रूप से अश्लील, अपमानजनक और आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का आरोप है।
विवाद के बाद हिमांशु जांगड़ा ने भी सार्वजनिक रूप से माफी मांगी, अपने सोशल मीडिया अकाउंट निष्क्रिय कर दिए और बाद में यह भी सामने आया कि गुरुग्राम स्थित उनकी कंपनी ने उन्हें नौकरी से हटा दिया।

