नीट पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच गुरुवार देर रात जहां एक ओर प्रधानमंत्री खुद सोशल मीडिया पर संदेश देते दिखे, वहीं आखिरकार 26 दिन बाद सोनम वांगचुक ने भी अपना अनशन तोड़ दिया। लेकिन निगाह अभी भी देश की छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर ही है।
ऐसे में सवाल यही है कि अब आज क्या होगा?
ऐसा माना जा रहा है कि शुक्रवार का दिन भी काफी हलचल भरा रहने वाला है। दरअसल शुक्रवार को ही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने देशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया है।
सीजेपी ने एक पोस्टर जारी कर लोगों से सभी जिलों और शहरों में शांतिपूर्ण तरीके से इकट्ठा होकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील की है। कॉकरोच पार्टी ने कल एक नया नारा भी दिया- ‘Every District. One Day. One Demand’
इस पार्टी ने देशव्यापी प्रदर्शन में जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ मारपीट का विरोध करने की अपील की गई है।
शुक्रवार को सेजीपी के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में सुरक्षा चाक-चौबंद कर दी गई है। दिल्ली मेट्रो ने सुबह 7:30 बजे से ही 16 मेट्रो स्टेशन भी बंद कर दिए हैं। हालांकि इस वजह से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
जैसा कि कल देर रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों के नाम एक वीडियो जारी किया था, जिसमें उन्होंने भरोसा दिलाया कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को कैबिनेट में पेपर लीक के खिलाफ और सख्त फैसला लिया जाएगा।
ऐसे में आज हम सभी की निगाहें कैबिनेट मीटिंग पर भी होगी। यह मीटिंग इसलिए अहम है, क्योंकि इसमें पेपर लीक को लेकर सख्त फैसला लिया जा सकता है। क्योंकि पीएम मोदी ने वीडियो संदेश में बताया कि फास्ट ट्रैक कोर्ट और कठोर सजा के प्रावधान के साथ मसौदे पर शुक्रवार को कैबिनेट में चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि इस बिल को जल्द से जल्द सदन में पास कराया जाएगा।
कल देर शाम के घटनाक्रम को लेकर हर कोई अपने-अपने अंदाज में सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। दरअसल सरकार ने पेपर लीक से जुड़े मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट भी बना दी और आखिरकार 26 दिन बाद सोनम वांगचुक ने अनशन भी तोड़ दिया। इससे पहले शिक्षा सचिव का भी ट्रांसफर हुआ।
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नीट पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन के समर्थन में 28 जून को अनशन शुरू किया था। इसी बीच तबीयत खराब होने के बाद सोनम को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर सोनम को मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
अनशन तोड़ने के बारे में गुरुवार रात सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “अभी-अभी केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह तथा लेह-लद्दाख की सर्वोच्च समिति के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में मैंने 26 दिनों के बाद अपना अनशन तोड़ा। इससे पहले विभिन्न राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने मुझसे मुलाकात की थी या पत्र लिखकर मुझसे अनशन तोड़ने का आग्रह किया था। यह देश में संभावित हिंसा को देखते हुए और विभिन्न शर्तों पर लंबी बातचीत के बाद किया गया। मैं जल्द ही एक अलग वीडियो में इन शर्तों का विस्तार से वर्णन करूंगा। इस बीच, मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि किसी भी प्रकार की हिंसा को रोकने के लिए पूरी तरह सतर्क रहें।”
शिक्षा सचिव का तबादला
बदलते घटनाक्रम के बीच गुरुवार रात केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में शिक्षा सचिव विनीत जोशी का ट्रांसफर कर दिया। उनकी जगह नरेश पाल गंगवार को शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया। विनीत जोशी को अब पंचायती राज मंत्रालय का सचिव बनाया गया है। उनके साथ-साथ 10 और सीनियर आईएएस अधिकारियों के तबादले किए गए।
इन्हीं सबके बीच गुरुवार रात को पेपर लीक से जुड़े मामलों के ट्रायल के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट को नोटीफाई किया गया। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाई जाएगी। दिल्ली हाई कोर्ट ने तीस हजारी कोर्ट के मीडिएशन सेंटर की इंचार्ज जज जस्टिस अनु ग्रोवर बालीगा का तबादला राउज एवेन्यू कोर्ट में स्पेशल जज के तौर पर किया है। पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई यही करेंगी।
दूसरी तरफ नीट पेपर लीक मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देर रात जारी किए गए वीडियो पर लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने सरकार के सामने प्रमुखता से तीन मांगें रखी हैं और देर रात जारी किए गए वीडियो को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधा।
राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, “मिस्टर मोदी, हमारे छात्र धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं। आधी रात को जारी इस बेकार वीडियो से उनकी समझदारी का अपमान न करें।”
राहुल गांधी ने आगे कहा कि सरकार इन तीन मांगों को पूरा करे। इनमें पहली और मुख्य मांग है धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
राहुल गांधी की दूसरी मांग है संसद चलो मार्च के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर, उनका कहना है कि जिन्होंने भी छात्रों को पीटा है उन सभी को सजा दी जाए। राहुल गांधी की तीसरी मांग है कि सरकार इन छात्रों से माफी मांगे। इससे पहले राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोदी सरकार पर गंभीर सवाल उठाए थे।
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