कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शुक्रवार को देश भर में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। सीजेपी ने देश भर के लोगों से अपील की है कि वे ‘पुलिस की बर्बरता के शिकार लोगों के साथ एकजुटता दिखाएं।’ सीजेपी की ओर से एक्स पर पोस्ट के जरिए ये भी बताया गया है कि प्रदर्शन को कैसे करना करना है।
साथ ही सीजेपी की प्रतिक्रिया सरकार की ओर से बातचीत के आए प्रस्ताव पर भी आया है। सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, ‘केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा था कि हम कहीं भी बातचीत कर सकते हैं, तो हमने अपना सुझाव दे दिया है। जंतर-मंतर आएं या कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया जैसी किसी न्यूट्रल जगह पर आएं। हम वहीं मिलेंगे। मुझे अभी तक उनकी तरफ से कोई मैसेज नहीं मिला है…उन्हें हमसे सीधे संपर्क करना चाहिए और चर्चा करनी चाहिए कि कहाँ मिलना है, कब मिलना है और बातचीत कितनी देर तक चलेगी।’
सीजेपी के आशुतोष रांका ने भी साफ किया है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के आवास या मंत्रालय में कोई बैठक नहीं होगी। आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सरकार के प्रस्ताव का जवाब देते हुए कहा कि नड्डा के घर पर कोई बैठक नहीं होगी। उन्होंने कहा कि अगर बातचीत करनी है तो यह जंतर-मंतर या किसी और बीच की जगह पर हो सकती है।
देशव्यापी प्रदर्शन का सीजेपी का ऐलान
सीजेपी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्टर जारी किया है। इसमें लोगों से ‘हर जिला, एक दिन, एक मांग’ अभियान के तहत देशभर में विरोध प्रदर्शन करने की अपील की गई है। सीजेपी ने कहा कि ये प्रदर्शन परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जारी आंदोलन के दौरान पुलिस की कथित ज्यादती के शिकार लोगों के समर्थन में आयोजित किए जाएंगे।
जारी पोस्टर में छात्र संगठनों और अन्य सामाजिक संगठनों से अपने-अपने जिलों में मिलकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित करने की अपील की गई है। संगठन ने कहा है कि प्रदर्शन से पहले स्थानीय स्टूडेंट यूनियन या संगठन संबंधित प्रशासन से आवश्यक अनुमति लें और सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किए जाएं।
सीजेपी ने प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों से यह भी कहा है कि वे सभा के दौरान आंदोलनकारियों की मांगों को सार्वजनिक रूप से जोर जोर से पढ़कर सुनाएं, ताकि पुलिस कार्रवाई से कथित रूप से प्रभावित लोगों के प्रति एकजुटता दिखाई जा सके।
‘वेबसाइट पर SOP और प्रचार सामग्री उपलब्ध’
सीजेपी के अनुसार प्रदर्शन आयोजित करने वालों की मदद के लिए उसकी वेबसाइट पर स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) भी दिया गया है। साथ ही अभियान से जुड़ी प्रचार सामग्री और प्रशासन को सौंपे जाने वाले ज्ञापन का प्रारूप भी उपलब्ध कराया गया है।
सीजेपी का यह देशव्यापी आह्वान ऐसे समय आया है, जब सोमवार को दिल्ली में आयोजित ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। हिंसा के बाद कई एफआईआर भी दर्ज किए गए हैं। सीजेपी का कहना है कि उसका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उसकी प्रमुख मांगों पर कार्रवाई नहीं होती। इनमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग प्रमुख है।
इससे पहले गुरुवार को दिन में सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दिपके ने बताया कि वे बुखार और शरीर में तेज दर्द से पीड़ित हैं और इसलिए ‘कुछ घंटों के लिए’ जंतर-मंतर पर हो रहे प्रदर्शन से दूर रहेंगे। उन्होंने कहा, ‘पिछले कुछ दिनों से मुझे बुखार और शरीर में तेज दर्द है, लेकिन मैं पेनकिलर लेकर काम चला रहा हूँ। अगर आप मुझे आज जंतर-मंतर पर न देख पाएं तो माफ कीजिएगा। मुझे कुछ घंटे आराम करने और रिकवर होने की ज़रूरत है। शाम तक प्रदर्शन स्थल पर वापस आ जाऊँगा।’

